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चंडीगढ़ में अवैध निर्माण की शिकायत, प्रशासक की सलाहकार परिषद के सदस्य के नाम का गलत इस्तेमाल; जांच की मांग

Published: Tue, 08 Sep 2026 03:28 PM (IST)

एडवोकेट अजय जग्गा के नाम का इस्तेमाल कर चंडीगढ़ प्रशासन को अवैध निर्माण की शिकायत भेजी गई, जिससे वे हैरान हैं। जग्गा ने मामले की जांच की मांग की है।

एडवोकेट एवं प्रशासक की सलाहकार परिषद के सदस्य अजय जग्गा के नाम से भेजी शिकायत। (एआई जनरेटेड फोटो)

एडवोकेट एवं प्रशासक की सलाहकार परिषद के सदस्य अजय जग्गा के नाम से भेजी शिकायत। (एआई जनरेटेड फोटो)

HighLights

  1. बिजली और पानी के कनेक्शन से संबंधित आरोप।

  2. डिप्टी कमिश्नर से मामले की जांच की मांग।

  3. शिकायत प्रणाली में सुधार के सुझाव दिए।

राजेश ढल्ल, चंडीगढ़। किसी व्यक्ति के नाम और पहचान का इस्तेमाल कर उसके नाम से प्रशासन में शिकायत भेजने का मामला सामने आया है। एडवोकेट एवं प्रशासक की सलाहकार परिषद के सदस्य अजय जग्गा ने डिप्टी कमिश्नर को शिकायत देकर आरोप लगाया है कि उनके नाम से बिना जानकारी, सहमति और अनुमति के एक शिकायत प्रशासन को भेजी गई।

शिकायत में सेक्टर-50 में अवैध निर्माण के अलावा बिजली और पानी के कनेक्शन से संबंधित आरोप लगाए गए हैं। जग्गा ने पूरे मामले की जांच और जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की मांग की है।

जग्गा ने डीसी को भेजी शिकायत में बताया कि उन्हें इस कथित शिकायत की जानकारी एसडीएम (साउथ) कार्यालय से 13 जुलाई 2026 को जारी एंडोर्समेंट नंबर 5256/Rdr/SDM(S)/2026 के माध्यम से मिली।

शिकायत की प्रति मिलने पर वह हैरान रह गए, क्योंकि उनका कहना है कि उन्होंने ऐसी कोई शिकायत नहीं की थी। उनके अनुसार, उनके नाम से शिकायत किया जाना उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के साथ उन्हें ऐसी प्रशासनिक कार्रवाई में उलझा सकता है, जिससे उनका कोई संबंध नहीं है।

मूल शिकायत और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की मांग

उन्होंने मांग की है कि जांच में यह पता लगाया जाए कि शिकायत किसने तैयार की, किस माध्यम से भेजी गई और किसके निर्देश या अधिकार पर उनके नाम का इस्तेमाल किया गया।

उन्होंने शिकायत की मूल प्रति, डायरी या रसीद रिकॉर्ड, फॉरवर्डिंग नोट, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और उपलब्ध होने पर सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने की मांग की है। जग्गा ने कहा कि यदि जांच में जानबूझकर उनकी पहचान, नाम, हस्ताक्षर या अन्य विवरण के दुरुपयोग की पुष्टि होती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

शिकायत भेजने से पहले हो शिकायतकर्ता का सत्यापन

जग्गा ने इस घटना को व्यापक प्रशासनिक चिंता बताते हुए शिकायत व्यवस्था में सुरक्षा उपाय लागू करने का सुझाव दिया है। उन्होंने मांग की है कि शिकायत में शिकायतकर्ता का मोबाइल नंबर अनिवार्य किया जाए और शिकायत आगे कार्रवाई के लिए भेजने से पहले मोबाइल पर ओटीपी के माध्यम से शिकायतकर्ता की पहचान की पुष्टि की जाए।

उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता के संपर्क विवरण भी रिकॉर्ड में दर्ज होने चाहिए और हर शिकायत को स्पष्ट रूप से सत्यापित, असत्यापित, गुमनाम या छद्म नाम से की गई शिकायत के रूप में दर्ज किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि इससे किसी निर्दोष व्यक्ति के नाम का दुरुपयोग कर उसे प्रशासनिक कार्रवाई में घसीटने पर रोक लगेगी।

जग्गा ने कहा कि उनका उद्देश्य वास्तविक शिकायतों पर कार्रवाई रोकना नहीं है, लेकिन किसी दूसरे व्यक्ति के नाम और पहचान का इस्तेमाल कर प्रशासनिक मशीनरी को सक्रिय करना बेहद गंभीर और खतरनाक प्रवृत्ति है।

व्यक्तिगत रंजिश के चलते ऐसी शिकायतों का इस्तेमाल किसी को बिना कारण परेशान करने के लिए किया जा सकता है। उन्होंने डीसी से मामले की जल्द जांच कर परिणाम से उन्हें अवगत कराने का अनुरोध किया है।