'एक ही कमरे से 11 अभ्यर्थी पास...', BJP का पंजाब PCS परीक्षा में धांधली का आरोप; CBI जांच की मांग
पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने पीपीएससी पीसीएस मुख्य परीक्षा परिणाम में कथित गड़बड़ी पर सीबीआई जांच की मांग की ...और पढ़ें

पीसीएस के परिणाम में गड़बड़ी के आरोप, सुनील जाखड़ ने मांगी सीबीआई जांच।
HighLights
पीपीएससी पीसीएस मुख्य परीक्षा परिणाम पर गड़बड़ी के आरोप लगे।
सुनील जाखड़ ने सीबीआई जांच की मांग की, पारदर्शिता पर सवाल उठाए।
विशेष केंद्रों से असामान्य चयन, रोल नंबरों पर संदेह व्यक्त किया गया।
रोहित कुमार, चंडीगढ़। पंजाब में सरकारी भर्ती परीक्षाओं की निष्पक्षता को लेकर एक बार फिर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने पंजाब लोक सेवा आयोग (पीपीएससी) की पीसीएस मुख्य परीक्षा के घोषित परिणाम में कथित गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग की है।
इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान सरकार के 'बिना पैसे, बिना सिफारिश नौकरी' देने के दावे पर सवाल उठाए हैं।
जाखड़ ने उठाए सवाल
जाखड़ ने दावा किया कि पीसीएस मुख्य परीक्षा के परिणाम में कुछ परीक्षा केंद्रों और कमरों से असामान्य संख्या में अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। उनके अनुसार, प्रत्येक परीक्षा कक्ष से 10 से 11 उम्मीदवार सफल हुए हैं। वहीं, रोल नंबरों के क्रम में तीन से चार लगातार नंबर वाले अभ्यर्थियों के कुल 86 चयन हुए हैं।
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह व्यवस्था रोल नंबर आवंटित करते समय ही की गई थी और क्या कुछ पसंदीदा उम्मीदवारों को सुनियोजित तरीके से लगातार रोल नंबर दिए गए थे? जाखड़ ने कहा कि प्रतिष्ठित पीसीएस परीक्षा में किसी एक केंद्र या कुछ चुनिंदा कमरों से करीब एक चौथाई अभ्यर्थियों का सफल होना संदेह पैदा करता है। हालांकि, इन आंकड़ों और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
कब हुआ था मेन्स का पेपर?
पीपीएससी ने चार नवंबर को 331 पदों के लिए आयोजित पंजाब राज्य सिविल सेवा संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा-2025 की मुख्य परीक्षा का परिणाम घोषित किया है। इसमें 751 उम्मीदवारों को साक्षात्कार के लिए अस्थायी रूप से शार्टलिस्ट किया गया है। मुख्य परीक्षा एक से 10 अप्रैल 2026 तक हुई थी। अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच 11 से 17 नवंबर तक पटियाला स्थित आयोग कार्यालय में होगी।
जाखड़ ने इस विवाद को नीट पेपर लीक मामले से जोड़ते हुए कहा कि पंजाब के युवा खुद तय करें कि पीसीएस में कथित गड़बड़ी और नीट पेपर लीक के मामलों में क्या अंतर है। उन्होंने पहले नायब तहसीलदार भर्ती परीक्षा और बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज की फार्मेसी अफसर भर्ती परीक्षा में सामने आए विवादों का भी उल्लेख किया।
नायब तहसीलदार पदों के लिए हुई परीक्षा में भी लगे थे नकल के आरोप
गौरतलब है कि 22 मई 2022 को 78 नायब तहसीलदार पदों के लिए हुई परीक्षा में बड़े पैमाने पर नकल के आरोप लगे थे। जांच में वायरलेस उपकरणों के जरिए नकल की पुष्टि के बाद परीक्षा रद कर 18 जून 2023 को दोबारा कराई गई।
वहीं, 19 जुलाई 2026 को 454 फार्मेसी अफसर पदों के लिए हुई परीक्षा में हाईटेक नकल के कथित अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश हुआ था। पुलिस ने सात आरोपितों और 28 अभ्यर्थियों को पकड़ा था। इस भर्ती की आगे की प्रक्रिया पर पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने रोक लगाई थी।
जाखड़ ने कहा कि यह मामला पंजाब के युवाओं के सपनों और भविष्य से जुड़ा है। इसलिए रोल नंबर आवंटन, परीक्षा केंद्रों, मूल्यांकन और चयन प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
रवनीत बिट्टू ने भी साधा निशाना
पूर्व केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत बिट्टू ने इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म एक पर लिखा कि भगवंत मान सरकार के बिना सिफारिश और बिना रिश्वत नौकरियां देने के दावों के उलट, पीपीएससी मेन्स नतीजों के सामने आए आंकड़े सीधे सवाल खड़े करते हैं।
सेंटर-7 के कमरा नंबर 8 से 24 में से 11 उम्मीदवार (45.8%) तथा सेंटर-11 और सेंटर-4 के कमरों से 10-10 उम्मीदवार (41.7%) शॉर्टलिस्ट हुए हैं। सिविल सेवा जैसी प्रतिस्पर्धी परीक्षा में एक ही कमरे से इतनी बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों का पास होना महज एक संयोग नहीं हो सकता।
जहां सेंटर-8 में कुल शॉर्टलिस्टिंग दर 24.21% रही, वहीं सेंटर-1 के कमरा नंबर 1 से 7 तक यह दर महज 2.89% दर्ज की गई। एक ही परीक्षा में केंद्रों के बीच इतना बड़ा अंतर पूरी व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवालिया निशान लगाता है।
मंचों से मेरिट और पारदर्शिता के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जब विशेष कमरों और खास सीरियल नंबरों से ही चयन निकलते हैं, तो यह मेहनती युवाओं के परिश्रम के साथ सीधा धोखा प्रतीत होता है।
यदि सरकार वास्तव में ईमानदार है, तो साक्षात्कार प्रक्रिया तुरंत रोकी जाए, कॉपियों को सील किया जाए और पूरे मामले की किसी स्वतंत्र एजेंसी या सीबीआई से जांच कराई जाए।
यह भी पढ़ें- 'एक ही कमरे से 45 फीसदी बच्चे पास, गैरहाजिर अभ्यर्थियों का भी हुआ सेलेक्शन'; पंजाब PCS परीक्षा में CBI जांच की मांग
देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।