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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 10, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

SYL पर SC के फैसलेे के बाद अमरिंदर सिंह ने लोकसभा से दिया इस्‍तीफा

By Sunil Kumar JhaEdited By:
Updated: Thu, 10 Nov 2016 06:36 PM (IST)

एसवाइएल पर फैसलेे के बाद पंजाब की राजनीति बवाल हो गया है। कैप्‍टन अमरिंदर सिंह ने लोस की सदस्‍यता व कांग्रेस के विधायकाें ने विधानसभा से इस्तीफा देने का एलान किया है।

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जेएनएन, चंडीगढ़। सुप्रीम कोर्ट द्वारा सतलुज यमुना नहर (एसवाइएल) पर पंजाब के रुख के खिलाफ फैसला दिए जाने के बाद पंजाब में राजनीति तेज हाे गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कैप्टन अमरिंदर सिंह ने लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। राज्य में विपक्षी दल कांग्रेस के विधायकाें ने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने का एलान किया है। कांग्रेस विधायक शुक्रवार को अपना इस्तीफा विधानसभा दे देंगे। दूसरी ओर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने फैसले पर खुशी जताते हुए कहा है कि अब इस समझौते को लागू करना और एसवाइएल का निर्माण पूरा कराना दोनों राज्यों की जिम्मेदारी है।

कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि उन्हें पहले से ही लग रहा था कि सुप्रीम कोर्ट से एेसा ही फैसला अाएगा। पंजाब की अकाली दल-भाजपा की सरकार राज्य के हितों की रक्षा करने में पूरी तरह नाकाम रही है। बादल सरकार ने पंजाब का पक्ष ठीक से सुप्रीम कोर्ट के सामने नहीं रखा आैर पूरे मामले पर राज्य की जनता को गुमराह किया। हम किसी भी हालत में राज्य का पानी बाहर नहीं जाने देंगे।

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लाेकसभा अध्यक्ष काे भेजे इस्तीफा में कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा है - मैं एसवाइएल पर सु्प्रीम कोर्ट के फैसले के बार पैदा स्थिति के मद्देनजर लोकसभा की सदस्यता से तुरंत प्रभाव से इस्तीफा दे रहा हूं। एसवाइएल पर फैसले से लाेगों के हितों पर कुठाराघात हुआ है अौर इसके विरोध में 14वीं लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे रहा हूं। उन्हाेंने कहा कि यह फैसला पंजाब के लोगों के लिए बड़ा झटका है और ऐसे में मेरी जिम्मेदारी है कि मैं उनके साथ खड़ा रहूं।

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अमरिंदर ने अपने इस्तीफे में लिख है कि केंद्र सरकार और पंजाब सरकार ने पूरे मामले में सुप्रीम कोर्ट में पंजाब के हितों को ठीक से नहीं रखा व इसकी अनदेखी की। ऐसे में मेरी नैतिक जिम्मेदारी है कि पंजाब के लोगों के साथ मजबूती से खड़ा रहूं।

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बता दें कि अमरिंदर सिंह मई 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में अमृतसर लोकसभा क्षेत्र से सांसद चुने गए थे। एक हाइप्रोफाइल मुकाबले में उन्होंने भाजपा के वरिष्ठ नेता और मौजूदा वित्तमंत्री अरुण जेटली को हराया था। अमरिंदर सिंह ने अपना इस्तीफा ट्वीट किया है।



दूसरी आेर, पंजाब के कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा की सदस्यता से अपने इस्तीफे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष काे सौंप दिए। पार्टी के सूत्रों ने बताया कि ये इस्तीफे शु्क्रवार काे विधानसभा स्पीकर को सौंप दिए जाएंगे। कांग्रेस विधायक दल के उपनेता भारत भूषण ने बताया कि कैप्टन अमरिंदर सिंह ये इस्तीफे स्पीकर को देंगे।

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सभी 42 कांग्रेस विधायकाें ने सौंपे गए अपने अलग-अलग इस्तीफे में लिखा है कि एसवाइएल नहर मामले पर माननीय सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरोध में वे इस्तीफा दे रहे हैं। पंजाब की अकाली-भाजपा सरकार राज्य के लोगों के हितों की रक्षा करने में पूरी तरह विफल रही है।

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इसके अलावा लुधियाना से कांग्रेस सांसद रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा कि एसवाइएल सुप्रीम कोर्ट का निर्णय पंजाब के खिलाफ आैार हरियाणा के पक्ष में है। यह निराशाजनक है। पंजाब किसी अन्य राज्य को एक बूंद पानी देने की स्थिति में नहीं है।