'प्रधानमंत्री बनना है तो मॉक पार्लियामेंट में ही पूरी जिंदगी बने रहिये...', अमित शाह का राहुल गांधी पर तंज
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चंडीगढ़ से कांग्रेस पर 1984 के सिख नरसंहार के पीड़ितों के जख्मों पर नमक ...और पढ़ें

चंडीगढ़ सेक्टर-17 स्थित तिरंगा पार्क में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह।
HighLights
शाह ने 1984 सिख नरसंहार पर कांग्रेस को घेरा।
राहुल गांधी की रैली को जख्मों पर नमक बताया।
चंडीगढ़ से पंजाब में एनडीए सरकार बनाने का आह्वान।
राजेश ढल्ल, चंडीगढ़। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को चंडीगढ़ से पंजाब की राजनीति को भी साधने की कोशिश की। उन्होंने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तंज कसा।
अमित शाह ने कहा कि देश में पिछले 15 साल में तीन चुनावों से कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ रहा है। सोनिया का सपना है कि उनका बेटा राहुल गांधी प्रधानमंत्री बने, लेकिन यह सपना पूरा नहीं हो रहा। अब उन्होंने मॉक पार्लियामेंट करने का नया तरीका तलाशा है। यह भी ठीक है।
शाह कहा कि वे राहुल से कहना चाहते हैं कि अगर प्रधानमंत्री बनना है तो पूरा जीवन मॉक पार्लियामेंट में ही बने रहिए। इसके अलावा कहीं पर भी उनका नंबर कभी नहीं लगने वाला।
शाह बोले- सिख नरसंहार के दिन कांग्रेस ने रैली कर जख्मों पर नमक छिड़का
शाह ने 1984 के सिख नरसंहार का मुद्दा उठाते हुए भी कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। शाह ने कहा कि जिस एक नवंबर को दिल्ली में हजारों सिखों की निर्मम हत्या की गई थी, उसी दिन कांग्रेस की ओर से दिल्ली में रैली आयोजित करना सिख समुदाय के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है। उन्होंने कहा कि पंजाब और देश के लोग इस घटना को कभी नहीं भूल सकते।
सेक्टर-17 स्थित तिरंगा पार्क में आयोजित कार्यक्रम में शाह ने कहा कि 1984 में कई सिख परिवार उजड़ गए, बच्चे अनाथ हुए और महिलाएं विधवा हो गईं। तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी के 'बड़ा पेड़ गिरता है तो धरती हिलती है' वाले बयान का जिक्र करते हुए उन्होंने कांग्रेस की भूमिका पर सवाल उठाए।
शाह ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार ने दंगों से जुड़े मामलों को दोबारा खुलवाया और पीड़ित परिवारों को पांच-पांच लाख रुपये की सहायता दी।
राहुल गांधी की रैली पर निशाना साधते हुए शाह ने कहा कि भाजपा और दिल्ली के व्यापारियों ने दीपावली के कारोबार को देखते हुए रैली की तारीख बदलने की अपील की थी, लेकिन कांग्रेस ने इसे नजरअंदाज किया। उन्होंने राहुल गांधी की मोहब्बत की दुकान पर तंज कसते हुए कहा कि इससे नफरत के अलावा कुछ नहीं मिलता।
गृह मंत्री ने कहा कि अगर कांग्रेस पार्टी नरसंहार के काले दिन पर बड़ा जलसा करने की इच्छा रखती है तो राहुल, आपकी मोहब्बत की दुकान से नफरत के अलावा कोई कुछ लेकर नहीं जाएगा। लोग केवल नफरत लेकर जाएंगे।
देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।