ISI का जंतर-मंतर प्रदर्शन से कनेक्शन बताने वाले कमिश्नर गुरप्रीत भुल्लर की छुट्टी, पंजाब सरकार ने पद से हटाया
अमृतसर के पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर को तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया गया है और डीआईजी हरमनबीर सिंह गिल को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। ...और पढ़ें
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अमृतसर के पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर को पद से हटाया गया।
HighLights
गुरप्रीत सिंह भुल्लर को अमृतसर पुलिस कमिश्नर पद से हटाया गया
यह फैसला कथित बयान पर विवाद के बाद लिया गया
हरमनबीर सिंह गिल को अमृतसर पुलिस कमिश्नर का अतिरिक्त प्रभार
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। अमृतसर के पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर को तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया गया है। उनकी जगह डीआईजी बॉर्डर रेंज हरमन बीर सिंह गिल को अमृतसर पुलिस कमिश्नर का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
पंजाब सरकार की ओर से जारी आदेश के अनुसार गिल तत्काल प्रभाव से नया दायित्व संभालेंगे, जबकि गुरप्रीत सिंह भुल्लर को डीजीपी कार्यालय में रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।
यह प्रशासनिक फैसला ऐसे समय लिया गया है, जब हाल ही में पुलिस कमिश्नर के एक कथित बयान को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। भारतीय जनता पार्टी के इंटरनेट मीडिया हैंडल्स पर एक वीडियो क्लिप साझा कर दावा किया गया था कि जंतर-मंतर पर हुए 'कॉकरोच जनता पार्टी' (सीजेपी) के प्रदर्शन का संबंध पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई समर्थित नेटवर्क से है।
हालांकि, अमृतसर पुलिस ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया था। पुलिस ने स्पष्ट किया था कि सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो क्लिप ट्रिम और एडिटेड थी तथा उसे गलत संदर्भ में प्रस्तुत किया गया। पुलिस के अनुसार, पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने अपनी प्रेस वार्ता में ऐसा कोई बयान नहीं दिया था कि गिरफ्तार आरोपी जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन में शामिल थे।
पुलिस ने बताया था कि प्रेस वार्ता का विषय एक पकड़े गए आतंकी एवं आपराधिक मॉड्यूल का खुलासा था। जांच में सामने आया था कि आरोपियों ने जंतर-मंतर क्षेत्र की केवल रेकी की थी, लेकिन इसका यह अर्थ नहीं था कि वे वहां हुए प्रदर्शन का हिस्सा थे।
पुलिस ने कहा था कि तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करना भ्रामक है और इस तरह की एडिटेड सामग्री प्रसारित करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस कमिश्नर के तबादले के पीछे सरकार की ओर से कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया गया है। हालांकि यह फैसला ऐसे समय आया है, जब उक्त वीडियो और उससे जुड़े विवाद को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर चर्चा जारी थी।