यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 07, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बादल बोले, सुरक्षा मामलों पर अंगुली उठाकर कैप्टन व केजरीवाल ने किया घिनौना जुर्म
मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने सर्जिकल स्ट्राइक के मामले में अरविंद केजरीवाल व कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा दिए बयानों की कड़ी निंदा की।

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने कैप्टन अमरिंदर सिंह और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि दोनों ने ही देश और बहादुर सैनिकों के विरुद्ध बयानबाजी करके घिनौना अपराध किया है। बादल ने इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह को एक पत्र भी लिखा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कैप्टन व केजरीवाल को इस बात का अहसास होना चाहिए कि उनको रणनीतिक सुरक्षा मामलों के फैसले पर सियासत नहीं करनी चाहिए। दोनों ही नेताओं ने भारतीय सेना की क्षमता तथा इरादे को विश्व की नजरों में संदिग्ध बनाया है। दोनों नेताओं के इस रवैए ने समूचे देश को निराश किया है। यह बहुत संदिग्ध मामला है कि दोनों नेताओं ने इस नाजुक मौके पर राष्ट्र को क्षति पहुंचाने का प्रयास क्यों किया है?
भारत सरकार तथा सुरक्षा बलों द्वारा सामूहिक रूप में लिए गए फैसले की आलोचना करने वालों के विरूद्ध तीखा हमला करते हुए बादल ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्र को खाली करवाने का फैसला सर्जिकल स्ट्राइक के बाद उच्च पेशेवर आधार पर लिया गया है। सीमावर्ती क्षेत्र से लोगों को बाहर निकालने की प्रक्रिया भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अंतर्गत अमल में लाई गई।
बादल ने कहा कि लोगों को उठाने या न उठाने का फैसला राज्य सरकार नहीं करती। सुरक्षा बलों की सलाह पर भारत सरकार ने यह दांवपेच एवं रणनीतिक फैसला किया है, इसलिए इसका पालन यहां भी किया गया। यह बहुत महत्वपूर्ण बात थी कि सुरक्षा के मद्देनज़र दांवपेच, रणनीतिक एवं पेशेवर सेना की सलाह के बाद सीमा से लोगों को उठाने का कार्य किया गया था।
'पाक के बाद कैप्टन व केजरी ने ही उठाई आवाज'
मुख्यमंत्री ने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक एवं लोगों को सीमावर्ती क्षेत्रों से सुरक्षित जगहों पर भेजने की कार्रवाई पर प्रश्न उठाने संबंधी समूची दुनिया में तीन तरफ से ही आवाज उठी। इनमें से एक आवाज पाकिस्तान से जबकि अन्य आवाजें अमरिंदर सिंह और केजरीवाल की तरफ से आई हैं। बादल ने कहा कि आम आदमी पार्टी एवं कांग्रेस सीमावर्ती क्षेत्रों से लोगों को घर खाली करवाने के मामले पर भ्रम पैदा कर रहे हैं। इसी तरह इन पार्टियों द्वारा जम्मू-कश्मीर में असली कब्जे वाली रेखा से आगे जा कर सर्जिकल स्ट्राइक करने के मुद्दे पर सुबूतों के अहम फैसले संबंधी दुविधा पैदा की जा रही है।
सीमा के मुद्दे पर सरकार के प्रबंध घटिया : कैप्टन
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक के बाद सीमा के मुद्दे पर राज्य सरकार के प्रबंध पूरी तरह घटिया रहे हैं, जिन्होंने साबित कर दिया है कि राज्य का सत्तापक्ष गरीब लोगों की परेशानियों को लेकर पूरी तरह से असंवेदनशील है।
कैप्टन ने मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक के बाद बगैर किसी अलर्ट के लोगों को गांव खाली करवाने के आदेश दे दिए। अब लोगों को गांव तक पहुंचाने के इंतजाम किए बिना राहत शिविरों को बंद कर दिया। इसी तरह अकाली वर्करों को भी कैंपों से हटा लिया गया है। ऐसे में पलायन किए हुए लोग खुले आसमान तले आ गए हैं। कैप्टन ने कहा कि बादल व उनकी टीम अपने विशेष हितों को पूरा करने में व्यस्त है, जबकि राज्य के लाखों लोगों को बहुत सारी तकलीफों का सामना करना पड़ रहा है।

