चुनाव से पहले BJP का बड़ा दांव, मिशन पंजाब पर निकले नितिन नवीन; आज पठानकोट से करेंगे यात्रा का आगाज
भाजपा ने पठानकोट में 'नशामुक्त पंजाब यात्रा' का आगाज किया, जिसमें केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ नेता नशे के खिलाफ जन जागरूकता फैलाएंगे।

नितिन नवीन आज पठानकोट में करेंगे भाजपा की नशामुक्त पंजाब यात्रा का आगाज।
HighLights
पठानकोट से भाजपा की 'नशामुक्त पंजाब यात्रा' हुई शुरू।
चंडीगढ़ में 'मावां मंगदीयां जवाब' कार्यक्रम में परिवारों का दर्द।
भाजपा ने पंजाब को नशामुक्त करने का लिया संकल्प।
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। पठानकोट में नशामुक्त पंजाब यात्रा के आगाज से एक दिन पहले वीरवार को भाजपा ने चंडीगढ़ में ‘मावां मंगदीयां जवाब’ कार्यक्रम करवाया, जिसमें राज्य के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे करीब 50 नशा प्रभावित परिवारों ने आपबीती सुनाई।
भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन शुक्रवार को पठानकोट के माधोपुर में बलिदानी श्यामा प्रसाद मुखर्जी के स्मारक एकता स्थल से यात्रा का आगाज करेंगे। यह यात्रा 30 सितंबर तक चलेगी, जिसमें केंद्रीय मंत्रियों के अलावा पंजाब भाजपा के वरिष्ठ नेता नशे के खिलाफ जन जागरूकता की अलख जगाएंगे।
19 सितंबर को फतेहगढ़ साहिब से दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, 20 सितंबर को फाजिल्का से केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और 21 सितंबर को बठिंडा से यात्रा का शुभारंभ केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान करेंगे। 30 सितंबर को जालंधर में यात्रा का समापन एक बड़ी रैली के साथ किया जाएगा।
उधर, शुक्रवार ककार्यक्रम में पहुंचे प्रदेश भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि पंजाब में नशे के कारण मारे गए निर्दोष लोगों की संख्या 1984 में मारे गए लोगों से कई गुना अधिक है। उन्होंने आप सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान को सत्ता में बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है।
उन्होंने दावा किया कि पंजाब में भाजपा की सरकार बनने पर दो वर्ष के भीतर नशा खत्म करने का लक्ष्य रखा जाएगा। पूर्व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कहा कि नशे से प्रभावित परिवारों का दर्द सामने आना जरूरी है। उन्होंने खाली कुर्सियों की ओर इशारा करते हुए कहा कि ये उन लोगों की याद दिलाती हैं, जिन्हें नशे ने उनके परिवारों से छीन लिया।
कार्यक्रम में पहुंची एक महिला ने इकलौते बेटे को खोने का दर्द बयां किया तो एक परिवार ने नशे की गिरफ्त में फंसे बेटे को बचाने के लिए सरकार से मदद की गुहार लगाई। अबोहर से आई एक महिला ने कहा, “हमें मुफ्त आटा-दाल, मुफ्त यात्रा या मुफ्त बिजली नहीं चाहिए। हम मेहनत करके परिवार पालते हैं। हमें चिट्टे से आजादी चाहिए।” नशे के कारण जान गंवाने वाले युवाओं की याद में कार्यक्रम में खाली कुर्सियां भी रखी गईं थीं।
