116 करोड़ का घोटाला! चंडीगढ़ निगम का अकाउंटेंट गिरफ्तारी से बचने के लिए लगा रहा दांव-पेच, तीसरी बार मांगी अग्रिम जमानत
चंडीगढ़ नगर निगम के 116 करोड़ रुपये के घोटाले में फरार आरोपित अनुभव मिश्रा ने तीसरी बार अग्रिम जमानत याचिका दायर की है। आउटसोर्स अकाउंटेंट मिश्रा पर फ ...और पढ़ें

फर्जी दस्तावेजों के जरिए स्मार्ट सिटी फंड की रकम को डायवर्ट कर करोड़ों का गबन किया।
HighLights
चार महीने पहले पकड़ा गया था घोटाला।
फरार चल रहा है अकाउंटेंट अनुभव मिश्रा।
10 से अधिक आरोपित पकड़े जा चुके।
जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। नगर निगम के अधिकारियों और आइडीएफसी फर्स्ट बैंक के कर्मियों की मिलीभगत से हुए 116.84 करोड़ रुपये के घोटाले में अब तक 10 से अधिक आरोपित पकड़े जा चुके हैं। हालांकि, नगर निगम की अकाउंट्स ब्रांच का अकाउंटेंट अनुभव मिश्रा अभी तक जांच एजेंसियों के हाथ नहीं आया है।
वह नगर निगम में आउटसोर्स पर काम करता था और घोटाला सामने आने के बाद से फरार है। मिश्रा ने गिरफ्तारी से बचने के लिए जिला अदालत में तीसरी बार अग्रिम जमानत अर्जी दायर की है। इससे पहले दो बार उसने अग्रिम जमानत अर्जी दायर की थी, लेकिन दोनों बार अर्जी वापस ले ली थी।
जमानत अर्जी में उसने खुद को बेकसूर बताया है। इस पर अदालत ने सीबीआई को जवाब दाखिल करने के लिए कहा है। आरोपित की जमानत अर्जी पर 13 जुलाई को सुनवाई होगी। मार्च 2026 में सामने आए इस घोटाले में वह मुख्य आरोपितों में शामिल है। आरोप है कि फर्जी दस्तावेजों के जरिए स्मार्ट सिटी फंड की रकम को डायवर्ट कर करोड़ों का गबन किया गया।
पहले मामले की जांच चंडीगढ़ पुलिस के पास थी, लेकिन बाद में इसे सीबीआई को सौंप दिया गया। हालांकि, सीबीआई भी अब तक उसे ढूंढ नहीं पाई। जांच एजेंसी इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इतनी बड़ी वित्तीय जिम्मेदारी एक आउटसोर्स कर्मचारी को कैसे सौंपी गई।
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अब तक की जांच में सामने आया है कि आरोपितों ने आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में फर्जी एफडी तैयार कीं। इसके जरिए स्मार्ट सिटी परियोजना के फंड को निकालकर शेल कंपनियों में ट्रांसफर किया गया और बाद में इस रकम को रियल एस्टेट में निवेश किया गया।