यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 21, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Punjab News: 'चंडीगढ़ पंजाब का है, इस पर कोई विवाद बर्दाश्त नहीं', सुनील जाखड़ ने सिटी स्टेट बनाने पर दी अपनी प्रतिक्रिया
चंडीगढ़ पंजाब का है इस बारे में कोई समझौता या विवाद नहीं होना चाहिए ये बात पंजाब बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ (Sunil Jakhar) ने कही। उन्होंने अपन ...और पढ़ें

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने दो टूक शब्दों में कहा कि चंडीगढ़ पंजाब का है। इस बाबत कोई समझौता या विवाद नहीं होना चाहिए। चंडीगढ़ से कांग्रेस प्रत्याशी मनीष तिवारी ने घोषणा पत्र में चंडीगढ़ को सिटी स्टेट बनाने का वादा किया है। इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त देते हुए उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ को सिटी स्टेट बनाने का वादा कर तिवारी ने पंजाब के दावे को कमजोर किया है।
कांग्रेस में नीति और निर्णय में एक जुटता नहीं- जाखड़
मनीष तिवारी ने कांग्रेस की मंशा को जगजाहिर किया है। कांग्रेस दबाव में झुक गई है। किसी के पास कमान नहीं है और पार्टी नेता पंजाब की कीमत पर अपने अलग-अलग सुर अलाप रहे हैं। जाखड़ ने कहा कि कांग्रेस में नीति बनाने और निर्णय लेने में कोई सामंजस्य या एकजुटता नहीं है। कांग्रेस ने अपनी नीतियों को अंबिका सोनी, सैम पित्रोदा और अन्य लोगों को आउटसोर्स कर दिया है, जो पंजाब समेत अन्य जगहों पर जमीनी हकीकत के बारे में कुछ नहीं जानते हैं।
पंजाब कांग्रेस स्पष्ट करे अपना रुख- सुनील जाखड़
चंडीगढ़ को पंजाब से अलग करने की कांग्रेस की कोशिश का भाजपा की ओर से हरसंभव विरोध किया जाएगा। इस मुद्दे पर पंजाब कांग्रेस को अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। मुख्यमंत्री भगवंत मान को भी पंजाब के हकों को छीनने वाली बात पर अपनी राय देनी चाहिए, ताकि लोग किसी तरह की दुविधा में न रहे और मतदान करने से पहले अपनी एक राय बना सकें।
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चंडीगढ़ पर पंजाब के दावे को सीएम मान ने किया कमजोर- जाखड़
मुख्यमंत्री ने भी एक तरह से चंडीगढ़ पर पंजाब के दावे को कमजोर किया है। मुख्यमंत्री ने चंडीगढ़ में पंजाब की एक नई अलग विधानसभा बनाने की बात की थी, जबकि चंडीगढ़ में पहले से ही एक विधानसभा मौजूद है। इस मामले पर कांग्रेस और आप दोनों का रुख अलग-अलग है, जबकि चंडीगढ़ में गठबंधन के तौर पर दोनों पार्टियां साथ मिलकर लड़ रही हैं। आप को इस मुद्दे पर सफाई देने के लिए तुरंत तिवारी से अपना समर्थन वापस लेना चाहिए, अन्यथा यह स्पष्ट हो जाएगा कि आप चंडीगढ़ पर पंजाब का दावा खोना चाहती है।
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पंजाब को भौगोलिक रूप से अलग करने की बात मूर्खतापूर्ण
कांग्रेस पर वैचारिक दिवालियापन का आरोप लगाते हुए जाखड़ ने कहा कि अंबिका सोनी, चन्नी, वाड़िंग या रंधावा जैसे नेताओं ने पंजाब को हिंदू-सिख आधार पर विभाजित करने की कोशिश की। सैम पित्रोदा ने राज्यों में भारतीय समुदायों को उनके रंग के आधार पर अलग करने की बेतुकी बात की, जबकि कांग्रेस नेता सुखपाल खैहरा ने गैर-पंजाबियों को यहां काम करने या संपत्ति रखने पर रोक लगाकर पंजाब को भौगोलिक रूप से अलग करने की मूर्खतापूर्ण बात की।