चंडीगढ़ में सरकारी कोठियों पर अवैध कब्जे से हाईकोर्ट नाराज, प्रशासन को आदेश-अब और मत सोइए, खाली कराइए
चंडीगढ़ हाईकोर्ट ने सरकारी कोठियों पर अवैध कब्जों पर कड़ा रुख अपनाया है। सेक्टर-35 में पूर्व सीएम बेअंत सिंह के परिवार द्वारा छह साल से अवैध रूप से एक ...और पढ़ें

चंडीगढ़ में सरकारी कोठियों पर लंबे समय से अवैध कब्जे के मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई।
HighLights
बेअंत सिंह परिवार पर छह साल से अवैध कब्जे का आरोप।
प्रशासन ने सुरक्षा कारणों का दिया हवाला, बेअंत के पोते अभी केंद्रीय मंत्री।
आवंटन रद करने की प्रक्रिया, किराये का प्रमाण रिकॉर्ड भी पूछा।
जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। शहर में सरकारी कोठियों पर लंबे समय से अवैध कब्जा करने वाले लोगों के खिलाफ पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है। प्रशासन को आदेश दिया है कि अब और मत सोइए, कोठियां खाली करवाइए।
यह आदेश सेक्टर-35 की एक कोठी का मामला सामने आने के बाद दिया गया है। बताया जा रहा है कि आवास अलाॅटमेंट अवधि समाप्त होने के बावजूद कोठी में पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह का परिवार निवास कर रहा है।
बेअंत सिंह के पोते वर्तमान में केंद्रीय मंत्री हैं। अदालत ने प्रशासन को निर्देश दिया कि सरकारी मकानों पर अवैध कब्जों के मामले में अब और देरी न करें, बल्कि तुरंत कार्रवाई करें और मकान खाली कराएं।
सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष यह भी बताया गया कि कुछ लोग कई वर्षों से सरकारी आवासों में रह रहे हैं, जबकि उनके आवंटन रद करने की प्रक्रिया चल रही है। विशेष रूप से, अदालत ने सेक्टर-35 स्थित मकान नंबर-33 में रह रहे प्रकाश सिंह के मामले पर सवाल उठाए।
अदालत ने प्रशासन से पूछा कि जब आवंटन रद करने की प्रक्रिया चल रही है, तो संबंधित व्यक्ति पिछले छह वर्षों से सरकारी मकान में कैसे रह रहा है। इसके साथ ही, अदालत ने यह भी जानना चाहा कि क्या उससे व्यावसायिक दरों पर किराया वसूला जा रहा है और यदि हां, तो इसका प्रमाण रिकॉर्ड पर क्यों नहीं है।
पीठ ने कहा कि यदि नियमों के विरुद्ध कब्जा है, तो प्रशासन को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए, केवल नोटिस जारी करने से काम नहीं चलेगा।
प्रशासन ने दलील दी कि संबंधित व्यक्ति का नाम पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के परिवार से जुड़ा है और उसे सुरक्षा खतरा हो सकता है।
खबरें और भी
इस पर अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए पूछा कि खतरे का आधार क्या है। अदालत ने कहा कि क्या इस संबंध में कोई खुफिया रिपोर्ट है? कोर्ट को बताया गया कि इंटेलिजेंस इनपुट मौजूद है जो खतरा बताती है और आज भी परिवार को खतरा है।
सुनवाई में यह भी सामने आया कि चंडीगढ़ में हरियाणा, पंजाब और केंद्र शासित प्रदेश से जुड़े अधिकारियों के पास कुल 32 से अधिक सरकारी मकान हैं। अदालत ने प्रशासन को निर्देश दिया कि पूरे मामले का स्पष्ट रिकॉर्ड और रिपोर्ट अगली सुनवाई पर पेश की जाए, तथा अवैध कब्जों को हटाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।