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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 21, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Chandigarh Mayor Election: जिस नगर निगम में साफ-सफाई करते थे कुलदीप, आज उसी इलाके के मेयर पद की संभाली कुर्सी

    By Agency Edited By: Prince Sharma
    Updated: Wed, 21 Feb 2024 01:30 PM (GMT+05:30)

    Chandigarh Mayor Election सुप्रीम कोर्ट ने बीते कल आप पार्षद कुलदीप कुमार टीटा का नया मेयर घोषित किया। डड्डूमाजरा के पार्षद कुलदीप वहीं मेयर बने हैं ...और पढ़ें

    Chandigarh Mayor Election: जिस नगर निगम में साफ-सफाई करते थे कुलदीप
    Chandigarh Mayor Election: जिस नगर निगम में साफ-सफाई करते थे कुलदीप

    HighLights

    1. सुप्रीम कोर्ट ने कुलदीप को मेयर बनाकर भाजपा को दिया झटका
    2. डड्डूमाजरा के पार्षद हैं कुलदीप
    3. भाजपा से थी राजनीति की शुरुआत

    राजेश ढल्ल, चंडीगढ़। सुप्रीम कोर्ट ने आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार कुलदीप कुमार टीटा को शहर का नया मेयर घोषित कर दिया है, जिसके बाद उन्होंने कार्यभार संभाल लिया है। डड्डूमाजरा के पार्षद कुलदीप उसी निगम में मेयर बने हैं, जहां कभी वह कांट्रैक्ट पर सफाई कर्मचारी थे।

    पीठासीन अधिकारी ने आठ वोट रद किए थे

    चंडीगढ़ नगर निगम में पहली बार आप का मेयर बना है। 35 सदस्यीय निगम सदन में मेयर चुनाव में कुलदीप को 20 वोट मिले थे, जबकि भाजपा प्रत्याशी मनोज सोनकर को सांसद के एक वोट सहित 16 वोट मिले थे, लेकिन पीठासीन अधिकारी अनिल मसीह ने कुलदीप को मिले 20 में आठ वोट रद कर भाजपा के सोनकर को जीता हुआ घोषित कर दिया था। इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंच गया था।

    भाजपा ने दोनों सीटों पर जीत दर्ज की

    चंडीगढ़ मेयर चुनाव आइएनडीआइए के घटक दल कांग्रेस व आप ने मिलकर लड़ा था। मेयर की सीट पर आप प्रत्याशी व सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर की सीट पर कांग्रेस प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ा, लेकिन मेयर चुनाव में हंगामे के बाद आप व कांग्रेस ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया था और भाजपा ने इन दोनों सीटों पर जीत दर्ज कर दी थी।

    हाई कोर्ट पर टिकी निगाहें

    मामले में कांग्रेस ने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में याचिका दायर की है, लेकिन अब निगम सदन में भाजपा की स्थिति मजबूत हो गई है। आप के तीन पार्षद भाजपा में शामिल हो गए हैं। ऐसे में 35 पार्षदों वाले निगम सदन में भाजपा के पक्ष में संख्याबल 17 हो गया है। इसके अलावा एक सांसद का भी वोट भाजपा के साथ है। कांग्रेस व आप के पास अब 17 पार्षद ही रह गए हैं, जिनमें आप के 10 व कांग्रेस के सात पार्षद हैं। अब राजनीतिक दलों की निगाह इस बात पर लगी है कि सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर को लेकर हाई कोर्ट क्या फैसला देता है।

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    वाल्मीकि समुदाय से संबंध रखते हैं कुलदीप

    12वीं पास कुलदीप कुमार वाल्मीकि समुदाय से संबंध रखते हैं, इसलिए आप ने लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए उन्हें उम्मीदवार बनाया था। डड्डूमाजरा से दूसरी बार कोई मेयर बना है। इससे पहले भाजपा ने राजेश कालिया मेयर बनाया था।

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    कुलदीप ने भाजपा से राजनीति की शुरुआत की थी। वह भाजपा के एससी मोर्चा के जिला अध्यक्ष रह चुके हैं। पूर्व मेयर राजेश कालिया के साथ पारिवारिक संबंध रह चुके हैं।

    भाजपा के बाद वह कांग्रेस और फिर आप में शामिल हुए। भाजपा नेता एवं पूर्व मेयर राजेश कालिया का कहना है कि कुलदीप टीटा का परिवार पहले आरएसएस से जुड़ा हुआ था। डोर टू डोर गारबेज कलेक्शन सोसायटी के चेयरमैन ओमप्रकाश सैनी का कहना है कि कुलदीप के मेयर बनने से वाल्मीकि समाज को गर्व है।

    छाबड़ा ने करवाया था आप में शामिल

    कुलदीप कुमार को नगर निगम चुनाव से पहले प्रदीप छाबड़ा ने आप में शामिल कराया था। उन्होंने नगर निगम का पहला चुनाव लड़ा और जीत हासिल की।

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