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चंडीगढ़ में गाय का मांस बेचने-काटने पर पांच लाख जुर्माना, सभी मीट कारोबार के लिए एनओसी अनिवार्य

Updated: Thu, 20 Aug 2026 05:04 PM (IST)

चंडीगढ़ नगर निगम ने गाय के मांस पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का बड़ा फैसला लिया है। इसके लिए पांच लाख रुपये जुर्माना तक का प्रविधान रखा है। इसके अलावा सभी मीट कारोबार के लिए एनओसी लेने अनिवार्य कर दी है।

चंडीगढ़ में गाय का मीट पूरी तरह बैन कर दिया गया है। (सांकेतिक फोटो)

चंडीगढ़ में गाय का मीट पूरी तरह बैन कर दिया गया है। (सांकेतिक फोटो)

HighLights

  1. चंडीगढ़ नगर निगम ने गाय का मांस पूरी तरह बैन किया।

  2. जीवित या मृत गाय काटने पर सीधा मुकदमा दर्ज।

  3. मृत गायों को गौशाला में बने दाह संस्कार केंद्र भेजेंगे।

जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। नगर निगम सदन ने मीट, मछली, पोल्ट्री शाॅप और कामर्शियल फूड एस्टेब्लिशमेंट के नियमन से जुड़े नए बायलाॅज-2026 को मंजूरी दे दी है। मीट का कारोबार करने वाली दुकानों के साथ होटल, रेस्टोरेंट, ईटिंग हाउस और क्लाउड किचन के लिए नगर निगम से वार्षिक एनओसी लेना अनिवार्य हो गया है।

बिना वैध एनओसी कारोबार करने पर पांच हजार रुपये जुर्माना और प्रतिष्ठान को तत्काल सील करने का प्रविधान किया गया है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि नए बायलाज के तहत लागू कानून के अनुसार प्रतिबंधित मांस, जिसमें गाय का मांस या बीफ शामिल है, बेचने, रखने या प्रोसेस करने पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।

इसके साथ ही परिसर को तत्काल सील करने और संबंधित कानूनी प्रविधानों के तहत आपराधिक कार्रवाई शुरू करने का प्रविधान है। मेयर सौरभ जोशी ने निगम सदन में गाय का मांस चंडीगढ़ में पूरी तरह बैन करने का प्रस्ताव रखा जिसे सभी ने ध्वनिमत से पारित कर दिया।

मेयर सौरभ जोशी ने कहा कि चंडीगढ़ ऐसा पहला उदाहरण बनेगा, जहां गाय का मांस पूरी तरह बंद रहेगा। कोई भी व्यक्ति वैध या अवैध तरीके से गाय का मांस बेच, काट या रख नहीं सकेगा।

उन्होंने कहा कि उल्लंघन करने वाले के खिलाफ पुलिस केस भी दर्ज करवाया जाएगा। अभी इन बायलाज पर 15 दिन लोगों से सुझाव और आपत्ति मांगी जाएंगी फिर यह लागू हो जाएंगे।

गाबी ने मृत गाय के मांस का मुद्दा उठाया

बैठक में कांग्रेस पार्षद गुरप्रीत सिंह गाबी ने गाय के मांस की बिक्री और अवैध कटाई का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि कई जंगलों और सुनसान स्थानों पर मृत गायों को ले जाकर छोड़ दिया जाता है। इनकी आड़ में कुछ लोग जिंदा गायों को भी वहां ले जाकर काटते हैं और उनका मांस बेचते हैं।

गाबी ने मांग रखी कि चंडीगढ़ में किसी भी स्थिति में जिंदा या मृत गाय का मांस मंजूर नहीं होना चाहिए। मृत्यु होने पर उसके शव को नगर निगम की गौशाला में बनाए गए दाह संस्कार केंद्र में भेजने की व्यवस्था की जानी चाहिए। सदन ने इस मांग को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी।

होटल-रेस्टोरेंट भी दायरे में

नए बायलाॅज में होटल, रेस्टोरेंट, ईटिंग हाउस और क्लाउड किचन को भी नियामक दायरे में लाया गया है। जहां ताजा कच्चे मांस को हैंडल किया जाता है, वहां नगर निगम की वार्षिक एनओसी अनिवार्य होगी। मीट की खरीद का स्रोत दर्ज करना होगा और बिल, इनवायस, खरीद रजिस्टर व ट्रेसिबिलिटी रिकार्ड सुरक्षित रखने होंगे।

बिना दस्तावेज या निर्धारित स्टांप वाले मांस की खरीद-बिक्री पर कार्रवाई होगी। नए नियमों में एयर-कंडीशनिंग, निर्धारित मानकों के वर्कस्टेशन और डीप फ्रीजर जैसी स्वच्छता एवं भंडारण व्यवस्थाएं भी जरूरी की गई हैं। उल्लंघन पर निगम जुर्माना लगाने, मांस जब्त करने और दुकान या किचन सील करने की कार्रवाई कर सकेगा।