चंडीगढ़ सेक्टर-17 की मल्टीलेवल समेत 20 पेड पार्किंग में नहीं बढ़ेंगे रेट, टू व्हीलर के 7 और गाड़ी के 14 रुपये ही लगेंगे
चंडीगढ़ में सेक्टर-17 सहित 20 पेड पार्किंग स्थलों पर शुल्क नहीं बढ़ेगा। दोपहिया के लिए 7 और चारपहिया के लिए ...और पढ़ें

नगर निगम सदन की बैठक में शहर के मुद्दों पर बहस करते पार्षद। फोटो: उपेंद्र सेन गुप्ता
HighLights
20 पेड पार्किंग ठेकेदार संभालेगा।
फीस बढ़ाने का मेयर ने किया विरोध।
वर्तमान फीस पर पास हुआ प्रस्ताव।
जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। चंडीगढ़ सेक्टर-17 की मल्टीलेवल समेत 20 पेड पार्किंग में रेट नहीं बढ़ेंगे। पहले की तरह दोपहिया वाहन के लिए सात रुपये और चार पहिया वाहन के लिए 14 रुपये पार्किंग शुल्क ही लिया जाएगा। हालांकि, अब नगर निगम इन पार्किंग को ठेकेदार को सौंपेगा।
नगर निगम सदन की मंगलवार को हुई बैठक में मौजूदा रेट पर ही पार्किंग ठेकेदार को सौंपने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। इससे निगम को सालाना करीब दो करोड़ रुपये राजस्व मिलेगा।
दरअसल, निगम की ओर से पहले पार्किंग शुल्क बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया गया था। इसमें दोपहिया वाहन की पार्किंग फीस सात से बढ़ाकर 10 रुपये और चार पहिया वाहन की फीस 14 से बढ़ाकर 20 रुपये करने का प्रस्ताव था। लेकिन मेयर सौरभ जोशी ने ही इसे जनता पर बोझ बताते हुए रेट बढ़ाने का विरोध किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्किंग शुल्क नहीं बढ़ाया जाएगा।
इसके बाद निगम कमिश्नर ने सदन के सामने प्रस्ताव रखा कि पार्किंग के मौजूदा रेट में कोई बदलाव किए बिना इन्हें ठेकेदार को संचालन के लिए सौंपने की मंजूरी दी जाए। आम आदमी पार्टी के पार्षदों ने इस दौरान पार्किंग को फ्री करने की मांग उठाई।
हालांकि, कई पार्षदों ने निगम के राजस्व पर पड़ने वाले असर को देखते हुए पार्किंग को मुफ्त करने की बजाय मौजूदा रेट पर ही ठेकेदार को सौंपने के प्रस्ताव का समर्थन किया।
ज्यादा स्मार्ट पार्किंग सुविधाएं नहीं होंगी
पार्किंग में बहुत अधिक स्मार्ट सुविधाएं तो नहीं होंगी, लेकिन सीसीटीवी कैमरे, पार्किंग कर्मचारियों के लिए निर्धारित ड्रेस, पर्याप्त संख्या में कर्मचारी और डिजिटल पेमेंट की सुविधा उपलब्ध रहेगी। फिलहाल पहले चरण में सेक्टर-17 की पार्किंग को ही आउटसोर्स किया जाएगा। इसके बाद अन्य पार्किंग को भी ठेके पर देने पर फैसला लिया जाएगा।
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कम्युनिटी सेंटर के नाम पर नहीं बनी सहमति
नगर निगम सदन में शहर के सभी कम्युनिटी सेंटर का नाम बदलकर जन उपयोगी केंद्र करने का प्रस्ताव भी लाया गया। कांग्रेस के कई पार्षदों ने इस नाम पर आपत्ति जताई।
पार्षदों का कहना था कि अगर कम्युनिटी सेंटर का नाम बदला ही जाना है तो ऐसा नाम रखा जाए, जिससे लोग वहां अपने कार्यक्रम खुशी-खुशी आयोजित कर सकें। इस पर सदन में तय हुआ कि सभी पार्षद अपने-अपने क्षेत्र के कम्युनिटी सेंटर के लिए नाम सुझाएंगे।
इसके अलावा स्थानीय लोगों से भी सुझाव लिए जा सकेंगे। सभी सुझाव आने के बाद उनमें से एक नाम तय किया जाएगा, जो पूरे चंडीगढ़ के कम्युनिटी सेंटर के लिए रखा जाएगा।
रस्म, पगड़ी और भोग कार्यक्रमों के लिए फ्री बुक होंगे कम्युनिटी सेंटर
नगर निगम सदन ने रस्म, पगड़ी और भोग जैसे कार्यक्रमों के लिए कम्युनिटी सेंटर निशुल्क करने का प्रस्ताव भी मंजूर कर दिया। पहले इन कार्यक्रमों के लिए कम्युनिटी सेंटर की बुकिंग निशुल्क होती थी।
बाद में निगम के राजस्व को होने वाले नुकसान को देखते हुए इसमें बदलाव किया गया और इन कार्यक्रमों के लिए कुल बुकिंग शुल्क का 25 प्रतिशत लिया जाने लगा था।
प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने भी निगम को ऐसे कार्यक्रमों के लिए शुल्क नहीं लेने का सुझाव दिया था। इसके बाद निगम सदन में प्रस्ताव लाया गया, जिसे पार्षदों ने मंजूरी दे दी।
मिल्क बूथ की साइट अब तीन कंपनियों में बांटा जाएगा
नगर निगम सदन में मिल्क बूथ के लिए साइट आवंटित करने का प्रस्ताव भी आया। इसमें पहले वेरका और वीटा को साइट देने की योजना थी। हालांकि सदन में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए अमूल को भी शामिल करने की बात उठी।
इसके बाद तीनों कंपनियों को बराबर हिस्से में साइट आवंटित करने का प्रस्ताव रखा गया। साथ ही कई पार्षदों के नई साइट बढ़ाने के प्रस्ताव को भी कमिश्नर ने मान लिया। निगम सदन की बैठक में ये प्रस्ताव आएंगे।
यह प्रस्ताव हुए पास
- 320 पब्लिक टायलेट ब्लाॅक, 144 कनेक्टिंग पैसेज और 62 साइकिल डाकिंग स्टेशन साइट पर टेंडर फाइनल होने तक मासिक भुगतान के आधार पर विज्ञापन प्रदर्शित करने की अंतरिम अनुमति सदन ने दी।
- सालिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स 2026 के अनुरूप नगर निगम चंडीगढ़ सालिड वेस्ट मैनेजमेंट बायलाज 2026 को मंजूरी।
- अटावा, बड़हेड़ी, बुटरेला, बुरैल, सेक्टर-63, मलोया गांव, ईडब्ल्यूएस कालोनी मलोया, पलसोरा, डड्डूमाजरा गांव और कजेहड़ी सहित गैर-एमओयू क्षेत्रों में अलग-अलग कचरा संग्रहण प्रस्ताव को मंजूरी मिली।
- सेक्टर-25 स्थित 200 टीपीडी ड्राई वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट में सूखे और मिश्रित कचरे के प्रसंस्करण के लिए एजेंसी चयन का मंजूरी मिल गई।
- मीट, मछली, पोल्ट्री शाॅप और कमर्शियल फूड एस्टेब्लिशमेंट के नियमन, नियंत्रण और निरीक्षण संबंधी नगर निगम बायलाज 2026 को अंतिम रूप से सदन ने मंजूरी दी। अब ऐसी दुकानों को मीट शाप के लिए एनओसी लेना अनिवार्य हो गया है।
- वार्ड डेवलपमेंट फंड के तहत सीसीटीवी कैमरे लगाने की नीति को सदन ने मंजूरी दी।
- विभिन्न बाजार क्षेत्रों में डेकोरेटिव पोल और लाइट फिक्स्चर लगाने के लिए डिजाइन, स्पेसिफिकेशन, मार्केट रेट और नीति फ्रेमवर्क तय करने के प्रस्ताव को मंजूरी।
