चंडीगढ़ कैसे होगा अतिक्रमण मुक्त? पुराने ठिकानों पर ही अड़े स्ट्रीट वेंडर्स; सुप्रीम कोर्ट का फैसला भी बेअसर
सुप्रीम कोर्ट के आदेशों और नगर निगम के प्रयासों के बावजूद चंडीगढ़ में स्ट्रीट वेंडर निर्धारित वेंडिंग जोन में नहीं ...और पढ़ें

प्रमुख बाजारों और व्यस्त क्षेत्रों में बड़ी संख्या में वेंडर्स पहले की तरह बैठे दिखाई दे रहे।
HighLights
वेंडर्स हटाकर टीम के जाते ही वह फिर वहीं बैठ कर रहे काम।
नए वेंडिंग जोन में सुविधाओं की कमी, वेंडर जाने से कतराते।
निगम की कार्रवाई के बावजूद अतिक्रमण की समस्या बरकरार।
बलवान करिवाल, चंडीगढ़। शहर को स्ट्रीट वेंडर मुक्त करने और वेंडर्स को निर्धारित वेंडिंग जोन में शिफ्ट करने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद नगर निगम की मुहिम प्रभावी होती नजर नहीं आ रही है। निगम ने करीब दो माह की मशक्कत के बाद शहर में 12 नए वेंडिंग जोन तैयार किए हैं।
करीब दो सप्ताह से वेंडर्स को इन जोन में शिफ्ट करने की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन इसके बावजूद प्रमुख बाजारों और व्यस्त क्षेत्रों में बड़ी संख्या में वेंडर्स पहले की तरह बैठे दिखाई दे रहे हैं। नगर निगम की टीमें रोजाना करीब 100 वेंडर्स को हटाने का दावा कर रही हैं।
कार्रवाई के दौरान निगम की गाड़ियां वेंडर्स का सामान उठाकर उन्हें मौके से हटाती हैं, लेकिन टीम के जाते ही ज्यादातर वेंडर्स दोबारा उसी स्थान पर बैठ जाते हैं। सेक्टर-17 वेंडर फ्री है डीसी ऑफिस के पास ही बहुत से वेंडर आज भी बैठ रहे हैं।
सेक्टर-9 में भी कई परांठे वाले और दूसरे वेंडर हटाने के बाद भी रोजाना बैठ रहे हैं। इससे निगम की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। शहर के मुख्य बाजारों और प्रमुख क्षेत्रों में अब भी फुटपाथ और सड़कों के किनारे वेंडिंग होने से पैदल राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कार्रवाई पर भेदभाव के आरोप
निगम की कार्रवाई को लेकर भेदभाव के आरोप भी सामने आ रहे हैं। आरोप है कि कुछ प्रभावशाली और अच्छा कारोबार करने वाले वेंडर्स पर कार्रवाई नहीं की जा रही, जबकि शहर के दूर-दराज सेक्टरों में छोटे वेंडर्स को हटाया जा रहा है।
अगर निगम को सुप्रीम कोर्ट के आदेश को प्रभावी तरीके से लागू करना है तो कार्रवाई सभी के खिलाफ समान रूप से करनी होगी। किसी एक क्षेत्र में कार्रवाई और दूसरे स्थान पर ढील देने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा।
वेंडिंग जोन में सुविधाओं की कमी भी कारण
वेंडर्स के निर्धारित वेंडिंग जोन में नहीं जाने की एक बड़ी वजह वहां जरूरी सुविधाओं का अभाव भी बताई जा रही है। वेंडर्स का कहना है कि कई जोन में पानी, बिजली, शौचालय, बैठने और ग्राहकों के लिए पर्याप्त सुविधाएं नहीं हैं।
वर्षों से जिन स्थानों पर उनका कारोबार चल रहा है, वहां से हटकर ऐसे स्थान पर जाने से उन्हें कारोबार प्रभावित होने का डर है। कई वेंडिंग जोन चारों तरफ घास से घिरे हैं। ग्राहकों को सूचित करने वाले सूचना बोर्ड तक नहीं लगे हैं। निगम को केवल वेंडर्स हटाने के बजाय वेंडिंग जोन को सुविधाजनक और ग्राहकों की पहुंच वाला बनाना होगा।
लापरवाही पर इंजीनियर और इंस्पेक्टर निलंबित
वेंडिंग जोन में जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने में लापरवाही पर नगर निगम आयुक्त अमित कुमार ने एक दिन पहले कई इंजीनियरों और एक एनफोर्समेंट इंस्पेक्टर को निलंबित किया है।
अधिकारियों पर वेंडिंग जोन में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने में लापरवाही बरतने का आरोप है। ऐसे में निगम के सामने पहले इन जोन की कमियों को दूर करने की चुनौती है। सुविधाएं बेहतर होने पर ही वेंडर्स को नए स्थानों पर स्थायी रूप से शिफ्ट करना संभव होगा।
