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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 08, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Punjab: केजरीवाल की महारैली को देख Congress भी करेगी शक्ति प्रदर्शन, खरगे व दिल्ली के सीएम फूकेंगे चुनावी बिगुल

By Jagran News Edited By: Shoyeb Ahmed
Updated: Thu, 08 Feb 2024 06:59 AM (IST)

11 फरवरी का दिन पंजाब की राजनीति में राजनीतिक रूप से काफी रोचक होगा और इस दिन दो राष्ट्रीय पार्टी कांग्रेस व आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष 2024 ...और पढ़ें

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे व आप पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल फुकेंगे चुनावी बिगुल
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे व आप पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल फुकेंगे चुनावी बिगुल

कैलाश नाथ, चंडीगढ़। पंजाब की राजनीति में 11 फरवरी का दिन राजनीतिक रूप से रोचक रहने वाला है। इस दिन दो राष्ट्रीय पार्टी कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष 2024 के लोकसभा चुनाव का बिगुल फूंकेंगे।

आप सुप्रीमो व दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की महारैली को देख कांग्रेस ने अपनी कन्वेंशन को शक्ति प्रदर्शन के रूप में बदल दिया है।

पार्टी शक्ति प्रदर्सन के आई मूड में  

कांग्रेस ने समराला में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की उपस्थिति में होने वाली पहली कन्वेंशन में प्रदेश से लेकर मंडल कमेटी सदस्यों को बुलाने का निर्णय किया था, लेकिन आप की महारैली को देख अब पार्टी शक्ति प्रदर्शन के मूड में आ गई है।

कांग्रेस ने कन्वेंशन के लिए प्रदेश से लेकर मंडल कमेटी तक के 38,667 कार्यकर्ताओं की लिस्ट तैयार भी की थी लेकिन अब इस नीति में बदलाव किया जा रहा है।

44 हजार लोगों की लिस्ट तैयार

कांग्रेस ने अब समराला के आसपास के जिलों लुधियाना, जालंधर, मोगा आदि से ज्यादा से ज्यादा कार्यकर्ताओं को कन्वेंशन स्थल पर लाने का फैसला किया है। इसके लिए 44 हजार लोगों की लिस्ट तैयार हो चुकी है। कन्वेंशन में 50 हजार से ज्यादा कार्यकर्ताओं को समराला लाने की तैयारी है।

सूत्र बताते हैं कि कांग्रेस ने यह रणनीति 11 फरवरी को ही केजरीवाल द्वारा खडूर साहिब में रखी गई महारैली को देखते हुए अपनाई है। कांग्रेस के नेता मान रहे हैं कि रैली में उपस्थित भीड़ से 2024 के लोकसभा चुनाव की राह निकलेगी। अहम बात यह है कि आईएनडीआईए घटक दल कांग्रेस और आप के बीच पंजाब में गठबंधन की संभावना खत्म होती नजर आ रही है।

पंजाब सरकार शुरू से कर रही गठबंधन का विरोध

पंजाब कांग्रेस शुरू से ही गठबंधन का विरोध कर रही थी। इसके बाद मुख्यमंत्री व पंजाब में आप के प्रदेश प्रधान भगवंत मान ने भी अकेले चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी। इसके बाद दोनों ही पार्टियां पंजाब में एक-दूसरे के खिलाफ उतर आई हैं।

पंजाब कांग्रेस के कार्यकारी प्रधान भारत भूषण आशु का कहना है कि हमारा पूरा फोकस कन्वेंशन पर है। कार्यकर्ताओं में भी भारी उत्साह पाया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि पंजाब कांग्रेस में अभी फूट पड़ी हुई है। नवजोत सिंह सिद्धू सहित अन्य कई नेता भी प्रदेश प्रभारी का नेतृत्व मानने को तैयार नहीं है।