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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 04, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Punjab Politics: 'पेंशन लागू करने की अधिसूचना जारी न करके कर्मचारियों को दिया धोखा...', मजीठिया का AAP पर हमला

Updated: Mon, 04 Mar 2024 06:18 PM (IST)

Punjab Politics शिरोमणि अकाली दल के वरिष्‍ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने आम आदमी पार्टी पर निशाना साधा है। मजीठिया ने कहा कि आप सरकार पेंंशन लागू करने ...और पढ़ें

बिक्रम सिंह मजीठिया का AAP पर हमला (फाइल फोटो)
बिक्रम सिंह मजीठिया का AAP पर हमला (फाइल फोटो)

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। पूर्व मंत्री और वरिष्ठ अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया (Bikram Singh Majithia) ने आम आदमी पार्टी की सरकार और उसके मुख्यमंत्री भगवंत मान की ओर से नवंबर 2022 में पुरानी पेंशन लागू करने की अधिसूचना जारी करके राज्य कर्मचारियों को धोखा देने के लिए निंदा की। क्योंकि अब तक सेवानिवृत्त कर्मचारियों को यह लाभ नहीं दिया गया है।

मजीठिया ने कहा यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि मुख्यमंत्री से लेकर मंत्रियों, सांसद राघव चड्डा और यहां तक कि आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पुरानी पेंशन योजना को अधिसूचित करने का नाटक करके कर्मचारियों को मूर्ख बनाया है, जबकि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को लाभ देने का उनका कोई इरादा नही था। उन्होंने कहा कि इस तरह के कृत्यों से लोगों का सरकार पर से विश्वास उठ गया है।

केजरीवाल ने सिर्फ की बयानबाजी: मजीठिया

यह कहते हुए कि यह नौटंकी गुजरात और हिमाचल प्रदेश के चुनाव से पहले किया गया और दोनों राज्यों और देश में अन्य जगहों पर इसका प्रचार करने के लिए करोड़ों रूपये खर्च किए गए। उन्होंने कहा अरविंद केजरीवाल ने गुजरात में चुनाव अभियान में भी बयान जारी किए थे यह आभास देते हुए कि पंजाब में पुरानी पेंशन योजना बहाल कर दी गई है। केजरीवाल हरियाणा में विधानसभा चुनाव को देखते हुए इसे नहीं दोहरा रहे हैं।

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सरकार का फंड आवंटित करने का कोई इरादा नहीं: अकाली नेता

मजीठिया ने कर्मचारियों से किए गए वादे को पूरा करने के लिए आप सरकार को मजबूर करने के लिए आंदोलन का नेतृत्व कर रहे भविष्य निधि कर्मचारी संघ को अपना समर्थन देते हुए कहा मुख्यमंत्री, जिन्होंने पहले यूनियन को पुरानी पेंशन योजना की अधिसूचना का स्वागत करने के लिए मजबूर किया था, अब उनके पास कर्मचारी नेताओं से मिलने का भी समय नही है।

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उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बजट सत्र तक कर्मचारी नेताओं से मिलना टालना चाहते हैं, क्योंकि सरकार की पुरानी पेंशन योजना को लागू करने के लिए फंड आवंटित करने का कोई इरादा नहीं है।