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पूर्व ED डिप्टी डायरेक्टर निरंजन सिंह और DSP सेखों की वारिस पंजाब दे में एंट्री, पंजाब में नशा-भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम तेज

Published: Wed, 23 Sep 2026 01:17 PM (IST)

प्रवर्तन निदेशालय के पूर्व डिप्टी डायरेक्टर निरंजन सिंह और बर्खास्त डीएसपी बलविंदर सेखों वारिस पंजाब दे में शामिल हो गए हैं। अमृतपाल सिंह की मुहिम को आगे बढ़ाएगा।

निरंजन सिंह और बलविंदर सेखों की वारिस पंजाब दे में एंट्री।

 निरंजन सिंह और बलविंदर सेखों की वारिस पंजाब दे में एंट्री।


HighLights

  1. पूर्व ED डिप्टी डायरेक्टर निरंजन सिंह वारिस पंजाब दे में शामिल हुए

  2. बर्खास्त डीएसपी बलविंदर सेखों ने भी संगठन का हाथ थामा

  3. पंजाब में नशा और भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान को मिली मजबूती

रोहित कुमार, चंडीगढ़। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के पूर्व डिप्टी डायरेक्टर निरंजन सिंह और पूर्व डीएसपी बलविंदर सिंह सेखों बुधवार को वारिस पंजाब दे के साथ जुड़ गए। दोनों के संगठन में शामिल होने को पंजाब में नशे और भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान से जोड़कर देखा जा रहा है।

इस मौके पर विधायक मनप्रीत सिंह इयाली ने कहा कि निरंजन सिंह और सेखों के संगठन में शामिल होने से इसे मजबूती मिलेगी।

मनप्रीत इयाली ने कहा कि अमृतपाल सिंह ने पंजाब में नशे के खिलाफ खालसा वहीर मुहिम शुरू की थी। उन्होंने दावा किया कि इस अभियान से बड़ी संख्या में युवाओं को नशा छोड़ने के लिए प्रेरणा मिली।

उनके अनुसार कई युवाओं ने नशा छोड़कर अमृत छका और सिखी स्वरूप अपनाया। इयाली ने कहा कि अमृतपाल सिंह को डिब्रूगढ़ जेल में बंद किया गया है, लेकिन नशे के खिलाफ शुरू की गई मुहिम को आगे बढ़ाया जा रहा है।

नशा और भ्रष्टाचार खत्म करना मुख्य उद्देश्य

इस मौके पर तरसेम सिंह ने कहा कि निरंजन सिंह कभी सरकार के दबाव में नहीं आए और ईमानदार अधिकारी के तौर पर उनकी पहचान रही है। उन्होंने कहा कि नशा और भ्रष्टाचार खत्म करना संगठन का प्रमुख उद्देश्य है।

तरसेम सिंह ने पंजाब पर बढ़ते कर्ज को लेकर भी सरकारों पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी खजाने में जाने वाला पैसा नेताओं की जेबों में जा रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में दो कमरों के मकानों में रहने वाले लोग आज दो-दो एकड़ में कोठियां और महल बना रहे हैं।

उन्होंने कहा कि दीप सिद्धू से शुरू हुई जथेबंदी की विचारधारा को आगे बढ़ाते हुए अमृतपाल सिंह ने युवाओं को नशे के खिलाफ जागरूक करने का काम किया। उन्होंने कहा कि पंजाब में अकाली दल-वारिस पंजाब की सरकार आने पर नशे और भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए काम किया जाएगा।

'राजनीतिक व्यक्ति नहीं हूं, लेकिन सवाल उठाना जरूरी'

ईडी के पूर्व डिप्टी डायरेक्टर निरंजन सिंह ने कहा कि वह राजनीतिक व्यक्ति नहीं हैं और राजनीतिक क्षेत्र में आने की उनकी इच्छा भी नहीं थी। उन्होंने कहा कि समाज में अब सवाल पूछने की आदत कम होती जा रही है और लोग अपना नफा-नुकसान सोचने तक सीमित हो गए हैं।

निरंजन सिंह ने कहा कि भ्रष्टाचार और नशे का माफिया चल रहा है। कोई राजनीतिक व्यक्ति इसकी जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है, जबकि राजनीतिक लोग खुद को जनता का मालिक समझने लगे हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को अपने नफा-नुकसान से ऊपर उठकर व्यवस्था पर सवाल पूछने होंगे।

उन्होंने कहा कि पंजाब के मौजूदा हालात में लोगों को चुप रहने के बजाय अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। भ्रष्टाचार और नशे जैसे मुद्दों पर राजनीतिक जवाबदेही तय होना जरूरी है।

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