किसानों का चंडीगढ़ कूच, मोहाली बॉर्डर पर हिंसक झड़प; पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर दागे आंसू गैस के गोले
अपनी मांगों को लेकर चंडीगढ़ में लोकभवन की ओर बढ़ रहे किसानों को रोकने के लिए पुलिस ने मोहाली बॉर्डर पर वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। ...और पढ़ें

प्रदर्शनकारियों के साथ हिंसक झिड़प (जागरण फोटो)
HighLights
पुलिस ने चंडीगढ़ कूच कर रहे किसानों को रोका
मोहाली बॉर्डर पर वाटर कैनन, आंसू गैस का प्रयोग
किसान एमएसपी गारंटी, बिजली बिल रद्द करने की मांग
जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। चंडीगढ़ में मांगों को लेकर लोकभवन की ओर बढ़ रहे किसानों को रोकने के लिए चंडीगढ़ पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। पुलिस जवानों को भी पीछे धकेलने की कोशिश की। इस बीच कई प्रदर्शनकारी घायल भी हुए। पुलिस ने वाटर कैनन और आंसू गैस के गोले दागकर उन्हें रोका। इस समय पुलिस ने बैरिकेडिंग की हुई है और प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) के बैनर तले सैकड़ों किसानों ने अपनी मांगों को लेकर 'लोक भवन' की ओर कूच करने की कोशिश कर रहे हैं। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात हैं। मोहाली बॉर्डर पर तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है।
क्या हैं किसानों की मांग?
चंडीगढ़ कूच कर रहे किसानों की मांगों में कृषि सुधार और संसाधनों के अधिकार मुख्य केंद्र हैं। किसान प्रमुख रूप से नदी के पानी का बंटवारा 'रिपेरियन सिद्धांत' के आधार पर करने और पंजाब पुनर्गठन एक्ट की विवादित धाराओं को रद्द करने पर जोर दे रहे हैं।
इसके साथ ही, केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित बिजली संशोधन बिल 2025 और बीज कानून 2025 का पुरजोर विरोध करते हुए इसे नामंजूर करने की मांग की जा रही है।
आर्थिक सुरक्षा के लिए किसान सभी फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी और सहकारी समितियों द्वारा रद्द की गई ऋण सीमाओं (Limit) की बहाली चाहते हैं। इसके अतिरिक्त, खेती की तत्काल जरूरतों को देखते हुए धान के सीजन में पूरी क्षमता के साथ बिजली और नहरी पानी सुनिश्चित करना भी उनकी प्रमुख मांगों में शामिल है।