यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 24, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Farmers Protest 2024: पंजाब सरकार 23 फसलों पर एमएसपी लागू करने का बिल लाए, प्रताप सिंह बाजवा ने की मांग
पंजाब के आर्थिक भविष्य की सुरक्षा के लिए त्वरित और निर्णायक कार्रवाई आवश्यक है। बता दें कि सांसद रहते हुए भगवंत मान लगातार इस बात को उठा रहे थे कि पंज ...और पढ़ें

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने पंजाब सरकार से मांग की है कि आने वाले बजट सत्र में सरकार 23 फसलों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदने के लिए बिल लेकर आए। बाजवा ने इस संबंध में एक मांग पत्र विधान सभा के स्पीकर कुलतार संधवां को भी भेंट किया। वहीं, मुख्यमंत्री भगवंत मान पर हमला करते हुए बाजवा ने कहा कि मुख्यमंत्री को रंगला पंजाब का जश्न मनाने के बजाय शुभकरन सिंह को न्याय दिलाना चाहिए।
बाजवा ने स्पीकर को सौंपे पत्र में कहा, केंद्र सरकार द्वारा निर्णय नहीं लिए जाने के कारण किसान आंदोलन ने खतरनाक रूप से पतन के करीब पहुंचा दिया है। इसका प्रभाव केवल कृषि ही नहीं बल्कि अन्य क्षेत्रों पर भी पड़ेगा। एमएसपी केवल एक नीति नहीं, यह किसानों के लिए एक जीवन रेखा के रूप में काम करती है। किसानों की उपज के लिए उचित मुआवजा सुनिश्चित करके, एमएसपी उन्हें आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाने, अपनी आजीविका बनाए रखने और पंजाब की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देने का अधिकार देता है।
बाजवा ने कहा कि जैसा आम आदमी पार्टी ने पूर्व में वायदा किया था कि वह 23 फसलों को एमएसपी पर खरीदेगी। इसलिए पंजाब सरकार आने वाले विधान सभा सत्र में इस पर बिल लेकर आए। कांग्रेस सरकार के बिल का समर्थन करेगी। उन्होंने स्पीकर को लिखा कि इसके लिए पंजाब सरकार पर दबाव डालें।
पंजाब के आर्थिक भविष्य की सुरक्षा के लिए त्वरित और निर्णायक कार्रवाई आवश्यक है। बता दें कि सांसद रहते हुए भगवंत मान लगातार इस बात को उठा रहे थे कि पंजाब सरकार को किसानों की फसल को खरीदने के लिए बिल लाना चाहिए। उस समय सत्ता में कांग्रेस पार्टी थी। अब कांग्रेस पार्टी यह मांग उठा रही है कि वायदे के मुताबिक भगवंत मान एमएसपी पर बिल लेकर आए।
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वहीं, बाजवा ने अमृतसर में रंगला पंजाब महोत्सव आयोजित करने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि जब पूरा पंजाब युवा बेटे शुभकरन सिंह की नृशंस हत्या पर शोक मना रहा है, उस समय मुख्यमंत्री रंगला पंजाब महोत्सव कैसे मना सकते है।
हरियाणा पुलिस द्वारा दागे गई आंसू गैस और रबर की गोलियों से दर्जनों किसान घायल हो गए हैं और हमारे विफल मुख्यमंत्री अमृतसर में गिद्दा और भांगड़ा के आयोजन में व्यस्त हैं। इससे पता चलता है कि वह एक गंभीर राजनेता नहीं बल्कि एक कॉमेडियन हैं।