यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 26, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Farmers Protest: किसानों ने शंभू बॉर्डर पर WTO के पुतले में लगाई आग, हरियाणा सरकार के खिलाफ की नारेबाजी; पंढेर ने कही ये बात
Farmers Protest किसानों का आंदोलन 14वें दिन भी जारी है। अपनी मांगों को लेकर किसान आज ट्रैक्टर मार्च निकालेंगे। इसके लिए सभी किसान संगठन सदस्यों के सा ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, जालंधर। Farmers Protest 2024: किसानों का आंदोलन 14वें दिन भी जारी है। एमएसपी सहित कई मांगों को लेकर किसानों ने केंद्र के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है।
संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर केंद्र सरकार से मांग को लेकर रोष व्यक्त करने के लिए सोमवार 26 फरवरी को देशव्यापी ट्रैक्टर रैली (Kisan Tractor Rally) आयोजित की गई। इसके लिए सभी किसान संगठन सदस्यों के साथ ट्रैक्टर लेकर नेशनल हाईवे तथा स्टेट हाईवे पर शांत में रोष व्यक्त करने के लिए रैली में भाग ले रहे हैं।
हरियाणा सरकार के खिलाफ की नारेबाजी
शंभू बॉर्डर पर डब्ल्यूटीओ का 20फुट ऊंचा पुतला बनाकर आग लगाई गई। साथ ही आतिशबाजी का भी उपयोग किया गया। भारी संख्या में महिलाएं भी अपने बच्चों के साथ पुतले को देखने पहुंची। सरवन सिंह पंढेर ने मंच से डब्ल्यूटीओ के नुकसान के बारे में विस्तार से बताया। जैसे ही पुतले को आग लगाई सभी केन्द्र व हरियाणा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई।

बातचीत के लिए किसान हमेशा तैयार: किसान नेता
शंभू बॉर्डर पर धरने पर बैठे किसानों ने कहा कि हमें सरकार की तरफ से अभी कोई भी संदेश नहीं मिला है। आपस में बातचीत का रास्ता हमेशा खुला है। हम बातचीत के लिए ही धरना दे रहे हैं। इसलिए जब भी कोई बैठक होगी हम बैठक में शामिल होंगे।
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राकेश टिकैत ने किया समर्थन
ट्रैक्टर रैली को लेकर किसान नेता राकेश टिकैत ने भी बयान दिया है। उन्होंने कहा कि दो मार्च को उचाना में दाड़न खाप के चबूतरे पर भी बड़ी पंचायत होगी। किसान संयुक्त मोर्चा के कहने पर किसानों ने ट्रैक्टर मार्च निकालने का फैसला लिया है। राकेश टिकैत ने इसका समर्थन किया है।
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अमृतसर गोल्डन गेट पर किसानों ने सरकार के खिलाफ लगाए नारे
वहीं दूसरी ओर अमृतसर के गोल्डन गेट के समीप ट्रैक्टर लगाकर किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसमें संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य भी शामिल हैं।
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ट्रैक्टरों पर लगा साउंड सिस्टम
अभी तक तकरीबन 35 से 40 ट्रैक्टर ही रैली में शामिल हुए हैं। विशेष बात यह है कि रैली में शामिल अभी तक तमाम ट्रैक्टर नए मॉडल के हैं। साथ ही उसमें तमाम साउंड सिस्टम भी लगा हुआ है। यह तमाम ट्रैक्टर ओवर ब्रिज के ऊपर साइड में लाइन लगाकर खड़े हुए हैं। इससे किसी भी तरह की कोई ट्रैफिक समस्या उत्पन्न नहीं हो रही ट्रैफिक सुचारू रूप से चल रहा है।

संयुक्त किसान मोर्चे के आह्वान पर नेशनल हाईवे संगरूर रोड पर किसानों ने ट्रैक्टर मार्च निकाला। वहीं सभी किसान यूनियन के सदस्यों के द्वारा सड़क पर ट्रैक्टर लगाकर केंद्र के खिलाफ प्रदर्शन किया गया।

बठिंडा में ये हालात
बठिंडा में किसान यूनियन की ओर जिले में पांच जगहों पर ट्रैक्टर लेकर प्रदर्शन किया जा रहा है। किसानों ने फिलहाल सभी जगहों पर सड़कों के किनारे ट्रैक्टर खड़े किए गए हैं। हालांकि ट्रैफिक जाम की कोई स्थिति नहीं है। जबकि किसानों की ओर से दोपहर 3 बजे पुतले फूंक प्रदर्शन किए जाएंगे। इसके तहत भुच्चो खुर्द में सबसे बड़ा पुतला बनाकर प्रदर्शन किया जएगा।

रामपुरा हाईवे बंद
भरतीय किसान यूनियन सिद्धूपुर की ओर से बठिंडा चंडीगढ़ रोड पर रामपुरा में मौड़ चौक पर धरना लगाकर हाइवे बंद कर दिया है। किसानों के जाम लगाए जाने से बठिंडा से चण्डीगढ़ आने जाने वाला ट्रैफिक पूरी तरह से प्रभावित हो गया है। जबकि जिले से निकलने वाली यह मुख्य रोड है। किसानों ने यहां पर पक्के तौर पर धरना लगाने जा एलान किया है।

दिल्ली की ओर खड़े करेंगे ट्रैक्टर
आजाद किसान संघर्ष समिति (पंजाब) के वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रोफेसर कंवर सरताज सिंह ने कहा कि किसानों की मांगें पूरी न होने के विरोध में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के रूप में किसान दिल्ली की ओर सभी राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर ट्रैक्टर खड़े करेंगे। बीकेयू (राजेवाल) के वरिष्ठ उपाध्यक्ष मुकेश चंद्रा ने कहा कि बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टरों के साथ जालंधर-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर मैकडॉनल्ड्स से सटे लिली रिजॉर्ट के पास इकट्ठा होंगे।

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इन मांगों पर जारी है प्रदर्शन
किसानों की सभी फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी, कृषि ऋण माफ करने, 2020 में धरने के दौरान किसानों के खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द करने सहित कई अन्य मांगों को पूरा करना। किसानों ने युवा किसान शुभकरन सिंह के लिए न्याय की भी मांग की, जिनके 22 फरवरी को चल रहे धरने के दौरान सिर में गोली मार दी गई थी। बीकेयू (कादिस), दोआबा किसान संघर्ष समिति, कीर्ति किसान यूनियन और अन्य सभी यूनियन एसकेएम के बैनर तले इस कार्यक्रम में भाग लेंगे।