Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 17, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Farmers Protest: शंभू बार्डर पर बढ़ा तनाव, किसान नेताओं की भी नहीं सुन रहे युवा; दिखे खालिस्तान समर्थक पोस्टर

    By Jagran News Edited By: Jeet Kumar
    Updated: Sat, 17 Feb 2024 05:00 AM (IST)

    शंभू बार्डर पर तनाव बढ़ता जा रहा है यहां डेरा डाले कुछ युवाओं के हाथ में खालिस्तान समर्थक बैनर देखे गए। हालत यह है कि युवा प्रदर्शनकारी अपने नेताओं की ...और पढ़ें

    शंभू बार्डर पर बढ़ा तनाव, किसान नेताओं की भी नहीं सुन रहे युवा
    शंभू बार्डर पर बढ़ा तनाव, किसान नेताओं की भी नहीं सुन रहे युवा

     जागरण टीम, चंडीगढ़। दिल्ली कूच के चौथे दिन शुक्रवार को भी पंजाब के किसान हरियाणा से सटे शंभू और दाता सिंहवाला बार्डर पर डटे रहे। दाता सिंहवाला में शांति रही, लेकिन शंभू बार्डर पर तनाव बढ़ता जा रहा है। यहां डेरा डाले कुछ युवाओं के हाथ में खालिस्तान समर्थक बैनर देखे गए। हालत यह है कि युवा प्रदर्शनकारी अपने नेताओं की भी नहीं सुन रहे हैं और लगातार उपद्रव कर रहे हैं।

    उन्होंने कई बार बैरिकेडिंग की तरफ बढ़ने की कोशिश की, लेकिन हरियाणा की तरफ से तैनात पुलिस व सुरक्षा बलों ने आंसू के गैस के गोले दागकर उन्हें भगा दिया। हरियाणा की तरफ से की गई किलेबंदी के कारण प्रदर्शनकारी आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। किसान नेताओं के समझाने के बावजूद वे हंगामा कर रहे हैं। शुक्रवार को वे बार-बार नारेबाजी करते आगे बढ़े, लेकिन हरियाणा पुलिस ने आंसू गैस के गोले दाग उन्हें खदेड़ दिया।

    खालिस्तान समर्थक अमृतपाल का बैनर बड़े होर्डिंग में लगाते देखे गए लोग

    आंसू गैस से बचने के लिए प्रदर्शनकारी गीली बोरियों को लपेट, मुंह पर मुल्तानी मिट्टी लगा और विशेष तरह की ऐनकें पहन आगे बढ़ने का प्रयास करते और आंसू गैस के गोले गिरने के बाद लौट आते। सबसे बड़ी चिंता वहां खालिस्तान समर्थक पोस्टरों का होना है। हरियाणा पुलिस के लगाए सीसीटीवी कैमरे में चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई हैं। इसमें कुछ प्रदर्शनकारी खालिस्तान समर्थक अमृतपाल का बैनर बड़े होर्डिंग में लगाते देखे गए।

    बता दें कि खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह इन दिनों असम की जेल में बंद हैं। 23 अप्रैल, 2023 को उसे मोगा के पास एक गुरुद्वारे से गिरफ्तार किया गया था। अमृतपाल पर आइएसआइ कनेक्शन, विदेश से फंडिग, अवैध हथियार और खालिस्तान समर्थक होने पर केस दर्ज किया गया था। फरार होने के बाद कुरुक्षेत्र में भी अमृतपाल ने शरण ली थी। बाद में उसे मोगा से गिरफ्तार किया गया था।

    खबरें और भी

    दिल्ली कूच में उगराहां गुट भी उतरा

    अभी तक दिल्ली कूच से दूरी बनाए रहे भाकियू (एकता उगराहां) ने समर्थन देने का फैसला किया है। शुक्रवार को संगठन के पंजाब अध्यक्ष जोगिंदर सिंह उगराहां ने पांच सदस्यीय कमेटी से बैठक के बाद इसकी घोषणा की। कहा कि भाकियू उगराहां के सदस्य 17 व 18 फरवरी को पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़, पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह व भाजपा के वरिष्ठ नेता केवल सिंह ढिल्लों के आवास के समक्ष धरने देंगे और पंजाब भर के टोल प्लाजा भी फ्री करवाएंगे। हरियाणा के कुछ संगठन भी किसानों के समर्थन में आ रहे हैं। भाकियू (चढ़ूनी) के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने कहा कि हम किसानों की मांगों का समर्थन करते हैं। शंभू बार्डर इसलिए नहीं गए कि कोई बुलाएगा तो जाएंगे।