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Form-6 और SIR पर उठे सवाल, पंजाब के पूर्व विशेष मुख्य सचिव ने चुनाव आयोग को लिखी चिट्ठी; तत्काल बैठक की मांग की

By Rohit KumarEdited By: Prince Sharma
Published: Wed, 23 Sep 2026 02:20 PM (IST)

पंजाब के पूर्व विशेष मुख्य सचिव केबीएस सिद्धू ने चुनाव आयोग के दो आयुक्तों को खुला पत्र लिखा है।

चुनाव आयोग को पंजाब के पूर्व विशेष मुख्य सचिव ने लिखी चिट्ठी (फाइल फोटो)

चुनाव आयोग को पंजाब के पूर्व विशेष मुख्य सचिव ने लिखी चिट्ठी (फाइल फोटो)

HighLights

  1. केबीएस सिद्धू ने चुनाव आयुक्तों को मतदाता सूची पर लिखा पत्र

  2. फार्म-6 में नए सवाल और ईआरओनेट एक्सेस पर चिंता जताई

  3. संविधान के अनुच्छेद 326 का हवाला देकर बैठक की मांग

रोहित कुमार, चंडीगढ़। पंजाब के पूर्व विशेष मुख्य सचिव और 1984 बैच के आइएएस अधिकारी केबीएस सिद्धू ने चुनाव आयोग के दो चुनाव आयुक्तों को खुला पत्र लिखकर मतदाता सूची पुनरीक्षण (एसआइआर) की प्रक्रिया से जुड़े कई मुद्दों पर तत्काल पूर्ण आयोग की बैठक बुलाने की मांग की है।

उन्होंने फार्म-6 में नए मतदाताओं से पिछले एसआइआर की मतदाता सूची से संबंध बताने वाले सवाल को हटाने, सभी निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों (ईआरओ) को ईआरओनेट का पूरा एक्सेस देने और मतदाता बहाली से जुड़े सॉफ्टवेयर की खामियां दूर करने की मांग की है।

केबीएस सिद्धू ने पत्र में लिखा है कि मीडिया रिपोर्ट के अनुसार दोनों चुनाव आयुक्तों ने पिछले दस महीनों में कम से कम 14 बार लिखित आपत्ति दर्ज कराई है। ये आपत्तियां फार्म-6 में बदलाव, ईआरओनेट के एक्सेस पर रोक, पश्चिम बंगाल में करीब 16 लाख अपील और गोवा में 97 मतदाताओं की बहाली से जुड़े मामलों को लेकर हैं।

उन्होंने कहा कि नए मतदाता के फार्म-6 में पिछले एसआइआर की मतदाता सूची से लिंक करने संबंधी सवाल जोड़ा गया है। मई में इस पर आपत्ति जताई गई थी, जबकि अगस्त में इसे अनधिकृत और गैरकानूनी बताया गया। सिद्धू के अनुसार इसके लिए नियमों में संशोधन जरूरी है।

अनुच्छेद 326 का दिया हवाला

खुले पत्र में सिद्धू ने संविधान के अनुच्छेद 326 का हवाला देते हुए कहा कि 18 वर्ष या उससे अधिक आयु का प्रत्येक भारतीय नागरिक, जो निर्धारित शर्तों को पूरा करता है और अन्यथा अयोग्य नहीं है, मतदाता के रूप में पंजीकृत होने का हकदार है।

उनके अनुसार नागरिकता, 18 वर्ष की आयु और संबंधित निर्वाचन क्षेत्र में सामान्य निवास मूल शर्तें हैं। किसी पुराने मतदाता सूची में माता-पिता या दादा-दादी का नाम होने की शर्त को इनसे अतिरिक्त चौथी शर्त नहीं बनाया जा सकता।

उन्होंने चुनाव आयोग के मतदाता सूची संबंधी मैनुअल का भी उल्लेख किया। इसमें बिना दस्तावेज के रहने वाले फुटपाथ या बेघर व्यक्ति को भी संबंधित स्थान पर उसके वास्तविक निवास के सत्यापन के बाद मतदाता के रूप में पंजीकृत करने का प्रावधान बताया गया है।

पूर्ण आयोग की बैठक बुलाने की मांग

सिद्धू ने दोनों चुनाव आयुक्तों से जल्द पूर्ण आयोग की बैठक बुलाने और पांच प्रस्ताव पारित करने का अनुरोध किया है। इनमें फार्म-6 का विवादित सवाल नियमों में विधिवत संशोधन होने तक वापस लेना, सभी ईआरओ को ईआरओनेट का पूरा एक्सेस देना, पश्चिम बंगाल में अपीलों को अधिकृत करने वाले व्यक्ति की जानकारी सार्वजनिक करना।

हर राज्य में ईआरओ के मतदाता बहाली के निर्णय को सॉफ्टवेयर में दर्ज करने की सुविधा देना और पुराने मतदाता रोल से मैपिंग लिंक नहीं होने के कारण किसी मतदाता का नाम हटाने या नए आवेदक का आवेदन खारिज नहीं करने की बात शामिल है।

उन्होंने कहा कि पंजाब की अंतिम मतदाता सूची 12 अक्टूबर और दिल्ली की चार नवंबर को जारी होनी है। ऐसे में प्रक्रिया में देरी से मतदाता सूची में होने वाले बदलाव बाद में सुधारना अधिक कठिन हो सकता है। सिद्धू ने कहा कि यदि पूर्ण आयोग की बैठक नहीं बुलाई जाती है तो इसकी जानकारी भी रिकार्ड पर दर्ज की जानी चाहिए।