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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 04, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    ' आजादी से पहले के कानून लागू तो कैसे माने देश को स्वतंत्र?' चंडीगढ़ में बोले गृहमंत्री अमित शाह

    By Agency Edited By: Deepak Saxena
    Updated: Sun, 04 Aug 2024 09:00 PM (GMT+05:30)

    चंडीगढ़ में ई-साक्ष्य न्याय सेतु न्याय श्रुति और ई-समन सिस्टम के उद्घाटन कार्यक्रम में गृहमंत्री अमित शाह (Home Minister Amit Shah) ने कहा कि तीन आपरा ...और पढ़ें

    चंडीगढ़ में नए आपराधिक कानूनों को लेकर बोले गृहमंत्री अमित शाह।
    चंडीगढ़ में नए आपराधिक कानूनों को लेकर बोले गृहमंत्री अमित शाह।

    HighLights

    1. नए आपराधिक कानूनों का उद्देश्य सजा नहीं, न्याय है: गृहमंत्री अमित शाह
    2. 10 साल बाद सबसे बड़ा सुधार- अमित शाह
    3. 2029 में भी NDA और मोदी जी आएंगे- गृहमंत्री

    एएनआई, चंडीगढ़। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को तीन आपराधिक कानूनों की सराहना करते हुए कहा कि इन कानूनों में सजा का कोई प्रावधान नहीं है, इनका उद्देश्य न्याय देना है।

    चंडीगढ़ में ई-साक्ष्य, न्याय सेतु, न्याय श्रुति और ई-समन सिस्टम के उद्घाटन समारोह में गृहमंत्री अमित शाह पहुंचे। यहां उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि अगर कोई सुधार 10 साल बाद सबसे बड़ा सुधार साबित होता है, तो वह तीन आपराधिक कानूनों का कार्यान्वयन होगा।

    उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के तहत पिछले 10 सालों में जो भी सुधार हुए हैं, अगर कोई सुधार 10 साल बाद सबसे बड़ा सुधार साबित होता है, तो वह तीन आपराधिक कानूनों का कार्यान्वयन होगा।

    नए आपराधिक कानूनों को लेकर अमित शाह ने कही ये बात

    गृह मंत्री ने कहा कि किसी देश को स्वतंत्र कैसे माना जा सकता है, यदि उसकी आपराधिक न्याय प्रणाली वही है, जो किसी दूसरे देश की संसद ने तब पारित की थी, जब वह स्वतंत्र नहीं था? मैं गर्व से कह सकता हूं कि बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता), बीएनएसएस (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता) और बीएसए (भारतीय साक्ष्य अधिनियम), तीनों ही हमारे लोगों के चुने हुए प्रतिनिधियों द्वारा बनाए गए हैं।

    ये भारतीय संसद में बनाए गए भारतीय कानून हैं। इन कानूनों में सजा का कोई प्रावधान नहीं है। इनका उद्देश्य न्याय देना है, इसलिए यह दंड संहिता नहीं है, यह न्याय संहिता है।

    आधुनिक होगा आपराधिक न्याय प्रणाली- अमित शाह

    गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि नए आपराधिक कानूनों के लागू होने के बाद भारत में सबसे आधुनिक और तकनीक से लैस आपराधिक न्याय प्रणाली होगी। उन्होंने कहा कि इन कानूनों के पूर्ण रूप से लागू होने के बाद भारत में पूरी दुनिया में सबसे आधुनिक और तकनीक से लैस आपराधिक न्याय प्रणाली होगी। इसके लिए गृह मंत्रालय विभिन्न स्तरों पर प्रशिक्षण और कौशल निर्माण की व्यवस्था कर रहा है।

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    2029 में इंडिया ब्लॉक विपक्ष में बैठने की करे तैयारी- गृहमंत्री शाह

    इससे पहले दिन में शाह ने इंडिया ब्लॉक पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उन्हें 2029 में भी विपक्ष में बैठने की तैयारी करनी चाहिए। शाह ने चंडीगढ़ में जल आपूर्ति परियोजना न्याय सेतु का उद्घाटन और स्मार्ट सिटी मिशन की शुरुआत करते हुए ये टिप्पणियां कीं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी सराहना की और कहा कि एनडीए देश में 2029 के लोकसभा चुनाव में फिर से जीत दर्ज करेगा।

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    2029 में भी NDA और मोदी जी आएंगे- अमित शाह

    केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि इंडिया ब्लॉक को 2029 में भी विपक्ष में बैठने की तैयारी करनी चाहिए। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि विपक्ष को जो करना है करने दें, 2029 में एनडीए आएगा और मोदी जी आएंगे। उन्हें (विपक्ष को) यह नहीं पता कि कांग्रेस को तीन चुनावों में जितनी सीटें मिली हैं, उससे कहीं ज्यादा सीटें इस चुनाव में भाजपा ने जीती हैं।

    विपक्ष को काम करने का सीखना चाहिए तरीका- गृहमंत्री अमित शाह

    विपक्ष पर निशाना साधते हुए अमित शाह ने कहा कि इंडिया ब्लॉक अस्थिरता पैदा करना चाहता है और उन्हें विपक्ष में काम करने का तरीका सीखना चाहिए। उन्होंने कहा कि ये लोग जो अस्थिरता फैलाना चाहते हैं, वे बार-बार कहते हैं कि यह सरकार चलने वाली नहीं है। मैं उन्हें आश्वस्त करने आया हूं कि न केवल सरकार अपना कार्यकाल पूरा करेगी बल्कि अगली सरकार एनडीए की होगी और विपक्ष में बैठने के लिए तैयार होगी तथा विपक्ष में ठीक से काम करने का तरीका सीखेगी।

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