यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 07, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
NOC से रजिस्ट्री करवाने का मामला फर्जी: केस दर्ज होने के बाद रजिस्ट्री लिखने वाले गायब, CM से कार्रवाई की मांग
Punjab News डेराबस्सी तहसील में फर्जी एनओसी के साथ रजिस्ट्री करवाने का मामला सामने आने के बाद प्रॉपर्टी कारोबारियों और रीड राइटरों के अंदर डर का माहौ ...और पढ़ें

HighLights
- NOC से रजिस्ट्री करवाने का मामला फर्जी पाया गया
- केस दर्ज होने के बाद रजिस्ट्री लिखने वाले गायब मिले
- कभी सजनी फर्जी एनओसी का मामला आया था प्रकाश में
संवाद सूत्र, मोहाली। पिछले दिनों डेराबस्सी तहसील (Derabassi Tehsil) में फर्जी एनओसी के साथ रजिस्ट्री करवाने का मामला सामने आने के बाद हल्का डेरा बस्सी के अंदर प्रॉपर्टी कारोबारियों और रीड राइटरों के अंदर डर का माहौल बना हुआ है। कभी सजनी फर्जी एनओसी (Sajni fake NOC) के मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था और 169 रजिस्टर में लगी एनओसी जाली पाई गई थी।
इसके बाद हल्का विधायक कुलजीत सिंह रंधावा द्वारा भू माफिया, फर्जी निक बनाने वाले और फर्जी एनओसी का इस्तेमाल कर रजिस्ट्री करवाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के आदेश दिए थे।
इसके बाद डेराबस्सी पुलिस (Punjab Police) ने कार्यकारी अधिकारी डेरा बस्सी वीरेंद्र जैन की शिकायत पर फर्जी एनओसी तैयार करके रजिस्ट्री करवाने वाले गोरख धंधे में शामिल अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। मामला दर्ज करने के बाद पुलिस द्वारा इस मामले में अभी तक जांच की जा रही है।
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जिसके चलते पिछले तीन दिनों से शहर के मशहूर स्टांप फिरोस व रीड राइटर अपने चेंबर छोड़कर फरार हो गए हैं। जिससे साबित होता है कि यह लोग किसी न किसी तरीके से इस फर्जी वाले के साथ जुड़े हुए हैं। जिस कारण पुलिस के शक की सुई इंफ्रा स्टांप पुरुषों और रजिस्ट्री लिखने वाले लोगों के तरफ भी घूम रही है।
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सारे सबूत होने के बावजूद अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज करना शक के दायरे में
मामले के संबंध में जानकारी देते हुए एडवोकेट राजेश राणा ने बताया कि यदि नौकर काउंसिल डेराबस्सी पुलिस और तहसीलदार के पास फर्जी एनओसी के साथ हुई सभी रजिस्टर मौजूद हैं तो फिर अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करना, पुलिस में अधिकारियों के खिलाफ शक पैदा कर रहा है।
पुलिस द्वारा दावा किया जा रहा है कि उनके पास सभी ठोस सबूत मौजूद हैं। यदि उनके पास ठोस सबूत है तो फिर आरोपियों को नाम जोड़कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई क़ी जानी चाहिए।
फर्जीवाड़े की विजिलेंस से हो जांच
ताकि इस फर्जीवाड़े में शामिल लोगों के चेहरे सबके सामने आ सके। वहीं उन्होंने आरोप लगाया की कोई भी रजिस्ट्री बिना पैसों के नहीं की जाती, जांच होनी चाहिए। इसके अलावा उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की विजिलेंस जांच होनी चाहिए।
क्योंकि इस मामले में कुछ आप पार्टी वर्कर इन लोगों को बचाने के चक्कर में लगे हुए हैं। जिसके चलते उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान (Chief Minister Bhagwant Mann) से आग्रह किया कि इस मामले की विजिलेंस जांच (vigilance team) करवाई जाए ताकि जो भी व्यक्ति इसमें शामिल है उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सके।
मामले की गहराई से जांच की जा रही है। कुछ जरूरी दस्तावेज इकठे करने में समय लग रहा है। जल्द ही लोगों को नामजद कर उनके नाम भी जनतक कर दिए जाएंगे। जल्द ही नामजद लोगों को गिरफ्तार भी किया जाएगा।
अजितेश कौशल, एसएचओ थाना डेराबस्सी।
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