डॉ. जगमोहन सिंह राजू की संत निरंजन दास से अपील, कमजोर वर्गों के लंबित मामलों पर हो कार्रवाई
पूर्व आईएएस डॉ. जगमोहन सिंह राजू ने डेरा सचखंड बल्लां के प्रमुख संत निरंजन दास से पंजाब में गरीब, दलित और पिछड़े वर्गों के लंबित मामलों के समाधान के ल ...और पढ़ें

डॉ. जगमोहन सिंह राजू की संत निरंजन दास से अपील (फाइल फोटो)
HighLights
पूर्व आईएएस राजू ने संत निरंजन दास से लगाई गुहार।
गरीब, दलित, पिछड़े वर्गों के लंबित मामलों के समाधान की मांग।
अनुसूचित जाति आयोग के प्रभावी कार्यप्रणाली पर दिया जोर।
रोहित कुमार, चंडीगढ़। पूर्व आईएएस अधिकारी डॉ जगमोहन सिंह राजू ने डेरा सचखंड बल्लां के प्रमुख पूजनीय पद्मश्री संत निरंजन दास जी को पत्र लिखकर पंजाब में गरीब, दलित और पिछड़े वर्गों के हितों से जुड़े लंबित मामलों के समाधान के लिए हस्तक्षेप करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि समाज के कमजोर वर्गों को समय पर न्याय और उनके अधिकार दिलाने के लिए प्रभावी पहल की आवश्यकता है।
डॉ. राजू ने अपने पत्र में लिखा है कि पंजाब में गरीब, दलित और पिछड़े वर्गों के हितों की रक्षा के लिए संविधान और विभिन्न कानूनों के तहत कई प्रावधान किए गए हैं। इसके बावजूद इन वर्गों से जुड़े अनेक मामले लंबे समय से लंबित हैं, जिससे जरूरतमंद लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति आयोग की प्रभावी कार्यप्रणाली और उससे जुड़े मामलों के समयबद्ध निपटारे की जरूरत है।
उन्होंने संत निरंजन दास से आग्रह किया कि वे समाज के व्यापक हित को देखते हुए राज्य सरकार के समक्ष यह मुद्दा उठाएं। साथ ही सरकार से अनुरोध करें कि अनुसूचित जाति आयोग से जुड़े सभी लंबित मामलों का जल्द निपटारा कराया जाए।
पत्र में यह भी कहा गया है कि यदि आयोग के गठन या पुनर्गठन से संबंधित कोई प्रशासनिक प्रक्रिया लंबित है तो उसे भी शीघ्र पूरा किया जाए, ताकि आयोग पूरी क्षमता के साथ काम कर सके।
डॉ. राजू ने विश्वास जताया कि डेरा सचखंड बल्लां हमेशा समाज के वंचित और कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए कार्य करता रहा है। ऐसे में संत निरंजन दास का हस्तक्षेप इस मुद्दे के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि इससे गरीब, दलित और पिछड़े वर्गों की समस्याओं के समाधान का रास्ता खुलेगा तथा उन्हें समय पर न्याय मिल सकेगा।
खबरें और भी
पत्र के अंत में डॉ. राजू ने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार इस विषय को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कदम उठाएगी और समाज के कमजोर वर्गों से जुड़े लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा सुनिश्चित करेगी। उन्होंने कहा कि इससे लोगों का संवैधानिक संस्थाओं और न्याय व्यवस्था पर विश्वास और मजबूत होगा।