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चंडीगढ़ में मतदाताओं की संख्या रह गई आधी, SIR पर उठे सवाल; सांसद तिवारी से CEO से मांगा पूरा रिकॉर्ड

Published: Sat, 29 Aug 2026 02:11 PM (IST)

चंडीगढ़ में विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान मतदाता सूची में 50 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं की कमी पर सांसद मनीष ...और पढ़ें

सांसद मनीष तिवारी ने चंडीगढ़ की मुख्य निर्वाचन अधिकारी को लिखा पत्र।

सांसद मनीष तिवारी ने चंडीगढ़ की मुख्य निर्वाचन अधिकारी को लिखा पत्र।

HighLights

  1. चंडीगढ़ मतदाता सूची में 50% से अधिक की कमी।

  2. सांसद बोले- यह गंभीर विषय, जानकारी सार्वजनिक हो।

  3. 1.38 लाख नोटिस जारी, पारदर्शिता की मांग की गई।

राजेश ढल्ल, चंडीगढ़। चंडीगढ़ में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 के दौरान मतदाता सूची में 50 प्रतिशत मतदाता कम होने को लेकर लोकसभा सांसद मनीष तिवारी ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने चंडीगढ़ की मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) प्रेरणा पुरी को पत्र लिखकर मतदाता सूची से हटाए गए नामों का पूरा रिकॉर्ड मांगा है।

तिवारी ने एसआईआर प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की है। सांसद ने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान चंडीगढ़ में कुल 6,59,805 मतदाता थे। वहीं, 14 अगस्त को उपायुक्त कार्यालय में हुई एसआईआर-2026 की बैठक में सामने आए आंकड़ों के अनुसार मतदाताओं की 50 प्रतिशत से अधिक की कमी आई है।

यह गंभीर विषय है और इस संबंध में पूरी जानकारी सार्वजनिक होनी चाहिए। तिवारी ने सीईओ से उन सभी मतदाताओं की सूची मांगी है, जिनके नाम प्री-एसआईआर और मौजूदा एसआईआर प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से हटाए गए हैं।

उन्होंने प्रत्येक मतदाता का नाम, वार्ड नंबर, बूथ नंबर और नाम हटाने का विशिष्ट कारण उपलब्ध कराने को कहा है। सांसद ने कहा कि इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि किन कारणों से मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए और प्रक्रिया के दौरान निर्धारित नियमों का किस तरह पालन किया गया।

1.38 लाख नोटिस का भी मांगा रिकॉर्ड

पत्र में तिवारी ने बताया कि एसआईआर प्रक्रिया के तहत 1,38,070 नोटिस जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने नोटिस प्राप्त करने वाले सभी मतदाताओं की अलग सूची उपलब्ध कराने की मांग की है। इसमें मतदाता का नाम, वार्ड व बूथ नंबर, नोटिस जारी करने की तारीख और नोटिस का कारण शामिल करने को कहा गया है।

इसके अलावा उन्होंने नोटिस पर अब तक प्राप्त जवाब, जवाब के आधार पर की गई कार्रवाई और जिन मामलों में आगे की कार्रवाई लंबित है, उसकी स्थिति भी मांगी है। तिवारी ने सीईओ से पूरी जानकारी शीघ्र उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।

उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाने के मामले में पारदर्शिता जरूरी है, ताकि पात्र मतदाता का नाम किसी गलती के कारण मतदाता सूची से बाहर न हो।