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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 09, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    MSP भुगतान के नाम पर किसानों के साथ धोखा, अनाज खरीद पोर्टल के जरिए लगाया चूना; फोन नंबर से होता था खेल

    Updated: Thu, 09 Jan 2025 07:06 PM (IST)

    पंजाब में किसानों के साथ बड़ा धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। अनाज खरीद पोर्टल के जरिए किसानों से फसल का भुगतान उनके बैंक खातों में ट्रांसफर करने के माम ...और पढ़ें

    पंजाब में अनाज खरीद पोर्टल में हेराफेरी करने के आरोप में चार गिरफ्तार। फाइल फोटो
    पंजाब में अनाज खरीद पोर्टल में हेराफेरी करने के आरोप में चार गिरफ्तार। फाइल फोटो

    HighLights

    1. MSP को लेकर पंजाब में किसानों के साथ धोखाधड़ी
    2. अनाज खरीद पोर्टल में हेराफेरी कर किसानों को लगा रहे थे चूना
    3. पुलिस ने चार आरोपितों को किया गिरफ्तार

    राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। अनाज खरीद पोर्टल के जरिए किसानों से फसल का भुगतान अपने बैंक खातों में ट्रांसफर करने के मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

    गिरफ्तार किए गए आरोपितों की पहचान मनीष, जसवीर सिंह, अंग्रेज सिंह और बलविंदर सिंह के रूप में हुई है। पुलिस टीमों ने धोखाधड़ी करने के लिए उन की ओर से इस्तेमाल किए गए डिजिटल डिवाइस और राउटर भी बरामद किए हैं।

    किसानों के साथ ऐसे करते थे धोखाधड़ी

    पंजाब पुलिस के राज्य साइबर अपराध की साइबर क्राइम डिवीजन की एडीजीपी वी नीरजा ने बताया कि आरोपितों ने किसानों की फसल का भुगतान धोखाधड़ी से अपने खातों में ट्रांसफर करने के लिए एक नया तरीका अपनाया।

    इसके लिए वे किसानों के मोबाइल नंबर को अपने मोबाइल नंबर से बदल देते थे और उसके बाद उसी का इस्तेमाल किसानों के बैंक खाते की जानकारी अपडेट करने के लिए करते थे।

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    पुलिस से बचने के लिए अपनाते थे ये पैंतरा

    एडीजीपी ने बताया कि पुलिस से बचने के लिए, आरोपित भुगतान संसाधित होने के तुरंत बाद मूल विवरण को पुनर्स्थापित कर देते थे। उन्होंने बताया कि घोटाले में शामिल अन्य आरोपितों को पकड़ने के लिए राज्य स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है।

    वी नीरजा ने बताया कि खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, पंजाब की एक शिकायत मिली थी। जिसमें यह बात सामने आई है कि कुछ किसानों को 2024 के धान सीजन के दौरान अपनी फसल बेचने का भुगतान नहीं मिला है। आगे की जांच में पता चला कि इन किसानों का भुगतान अलग-अलग व्यक्तियों के विभिन्न बैंक खातों में जमा किया गया है।

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    एडीजीपी ने कहा कि प्रारंभिक जांच के दौरान, आईपी रिकॉर्ड और अन्य डाटा की जांच की गई और बैंक खातों के बारे में जानकारी मिली, जिसमें अनाज खरीद पोर्टल की अनधिकृत पहुंच और विभिन्न खातों में फसल भुगतान के डायवर्जन के बारे में विवरण सामने आया।

    ऐसे चढ़े हत्थे

    जांच के दौरान यह भी पता चला कि जिला मोहाली से फर्जी पहचान पर एक मोबाइल नंबर और एक मोबाइल डिवाइस खरीदा गया था, जिसका इस्तेमाल अनाज खरीद पोर्टल पर किसानों के बैंक खातों में बदलाव करने के लिए ओटीपी प्राप्त करने के लिए किया गया था।

    गिरोह श्री मुक्तसर साहिब के दूरदराज के इलाकों से अपना काम चला रहा था। उन्होंने कहा कि पोर्टल की अनधिकृत पहुंच और किसानों के बैंक रिकॉर्ड में बदलाव करने के उद्देश्य से एक इंटरनेट कनेक्शन भी स्थापित किया गया था।

    एडीजीपी वी नीरजा ने बताया कि साइबर क्राइम डिवीजन की तीन टीमों ने इंस्पेक्टर जुझार सिंह, इंस्पेक्टर दीपक भाटिया और एसआई रंजीत के नेतृत्व में आरोपितों के ठिकानों का पता लगाने के लिए कई ओएसआईएनटी तकनीकों का इस्तेमाल किया। जिसके चलते जिला मोगा और जिला श्री मुक्तसर साहिब के इलाकों से चार आरोपितों को गिरफ्तार किया गया।

    मामले की जांच जारी 

    उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपितों से और लोगों की संलिप्तता की पहचान करने के लिए आगे की पूछताछ जारी है। उन्होंने मंडी बोर्ड या खाद्य आपूर्ति विभाग के किसी अधिकारी और कमीशन एजेंटों की मिलीभगत की संभावना से इनकार नहीं किया। एडीजीपी ने कहा कि मामले की जांच जारी है।

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