आटिज्म देखभाल को लेकर पंजाब में नई पहल, समय पर पहचान और इलाज पर दिया जोर
पंजाब में आटिज्म और न्यूरोडेवलपमेंटल विकारों की बढ़ती चिंता के बीच मोहाली में एक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया गया है। यह केंद्र समय पर पहचान, सही इ ...और पढ़ें

HighLights
मोहाली में आटिज्म सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना।
समय पर पहचान और समग्र इलाज पर विशेष जोर।
सभी न्यूरोडेवलपमेंटल सेवाएं एक ही छत के नीचे।
जागरण संवाददाता, मोहाली। पंजाब में आटिज़्म और न्यूरोडेवलपमेंटल विकारों से जुड़े मामलों को लेकर चिंता के बीच अब समय पर पहचान, सही इलाज और समग्र देखभाल पर फोकस बढ़ाया जा रहा है। इस दिशा में मोहाली स्थित सेंटर आफ एक्सीलेंस को अहम पहल माना जा रहा है।
राज्य में बड़ी संख्या में बच्चे आटिज़्म और अन्य न्यूरोडेवलपमेंटल समस्याओं से प्रभावित हैं, लेकिन शुरुआती पहचान और इलाज की सुविधाएं अब तक सीमित और असमान रही हैं। इसी कमी को दूर करने के लिए मोहाली में स्थापित सेंटर आफ एक्सीलेंस को एक संगठित माडल के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां मरीजों को समय पर निदान और बहु-विषयक उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, जीवन के पहले पांच वर्षों में इन विकारों की पहचान बेहद महत्वपूर्ण होती है, लेकिन प्रशिक्षित विशेषज्ञों की कमी के चलते कई मामलों में देरी हो जाती है। इसके अलावा, विश्वसनीय आंकड़ों की कमी के कारण भी बड़ी संख्या में बच्चे समय पर निदान से वंचित रह जाते हैं, जिससे उनके विकास पर असर पड़ता है।
इस सेंटर में न्यूरोडेवलपमेंटल पीडियाट्रिक्स, मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं, स्पीच थेरेपी, आक्यूपेशनल थेरेपी, फिजियोथेरेपी और विशेष शिक्षा जैसी कई सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही, बच्चों के लिए स्कूल तैयार करने, व्यावसायिक प्रशिक्षण और अभिभावकों को प्रशिक्षित करने पर भी ध्यान दिया जाएगा।
यह पहल केवल उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि दीर्घकालिक सहयोग और पुनर्वास पर भी केंद्रित है, ताकि प्रभावित बच्चों को समाज में बेहतर तरीके से शामिल किया जा सके। अभिभावकों ने भी इस तरह की समग्र सुविधाओं की जरूरत पर जोर दिया है।
एक ही छत के नीचे मिलेगा पूरा इलाज
मोहाली में स्थापित सेंटर आफ एक्सीलेंस की सबसे खास बात यह है कि यहां आटिज़्म और न्यूरोडेवलपमेंटल विकारों से जुड़े सभी इलाज और सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी। आमतौर पर इन सेवाओं के लिए अलग-अलग जगह जाना पड़ता है, लेकिन इस माडल में जांच, थेरेपी, शिक्षा और परामर्श एक साथ मिलेंगे, जिससे समय पर इलाज संभव होगा और बच्चों के समग्र विकास में मदद मिलेगी।