11 साल तक बीमा की किस्तें भरने के बाद कंपनी ने काट लिए 53 हजार रुपये, मोहाली उपभोक्ता फोरम ने माना गलत
मोहाली उपभोक्ता फोरम ने इंश्योरेंस कंपनी को शिकायतकर्ता के 53,635 रुपये वापस करने का आदेश दिया है। कंपनी ने 11 ...और पढ़ें

मोहाली जिला उपभोक्ता फोरम ने सुनाया फैसला। (सांकेतिक फोटो)
HighLights
अवीवा ने 11 साल बाद पॉलिसी से 53,635 रुपये काटे।
फोरम ने कटौती को गलत ठहराया, वापसी का आदेश।
कंपनी को 10,000 मुआवजा और ब्याज भी देना होगा।
जागरण संवाददाता, मोहाली। 11 साल तक बीमा पाॅलिसी की नियमित किस्तें भरने के बाद पॉलिसी पूरी होने पर 53,635 रुपये कटने के मामले में महिला उपभोक्ता को बड़ी राहत मिली है। मोहाली जिला उपभोक्ता फोरम ने सुनवाई के बाद कंपनी की ओर से की गई कटौती को उचित नहीं माना।
मोहाली निवासी विजय लक्ष्मी ने31 मार्च 2012 को अवीवा लाइफ इंश्योरेंस कंपनी की शील्ड एडवांटेज टर्म लाइफ इंश्योरेंस विद रिटर्न आफ प्रीमियम पाॅलिसी ली थी। पाॅलिसी 11 साल के लिए थी और 31 मार्च 2023 को इसकी अवधि पूरी हो गई।
शिकायतकर्ता ने पूरी अवधि के दौरान कुल 2,36,004 रुपये प्रीमियम के रूप में जमा किए। पाॅलिसी की अवधि पूरी होने पर कंपनी ने 2,36,004 रुपये के बजाय महिला के खाते में केवल 1,82,369 रुपये जमा किए।
बाकी 53,635 रुपये कंपनी ने प्रीमियम लोडिंग शुल्क के नाम पर काट लिए। महिला ने इस कटौती को लेकर अप्रैल 2023 में कंपनी को ईमेल और नोटिस भेजकर आपत्ति जताई। जब मामला हल नहीं हुआ तो उन्होंने उपभोक्ता फोरम में शिकायत दायर कर दी।
कंपनी ने कहा-महिला मधुमेह से पीड़ित
सुनवाई के दौरान बीमा कंपनी ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि पाॅलिसी लेते समय महिला ने प्रस्ताव फार्म में बताया था कि वह मधुमेह से पीड़ित है। कंपनी ने दावा किया कि यह अतिरिक्त प्रीमियम महिला की सहमति से लिया गया था और पाॅलिसी के दस्तावेजों में इसकी जानकारी दी गई थी।
फोरम ने दस्तावेजों की जांच के दौरान पाया कि महिला ने पाॅलिसी लेने से पहले ही अपनी बीमारी की जानकारी कंपनी को दे दी थी। इसके बाद कंपनी ने पालिसी में सालाना प्रीमियम निर्धारित किया था।
यह कहा फोरम ने
फोरम ने यह भी देखा कि कंपनी को 11 साल तक प्रीमियम दिया गया। ऐसे में पालिसी की अवधि पूरी होने के बाद इसी आधार पर अलग से बड़ी रकम काटने का कोई उचित आधार नहीं बनता। फोरम ने कंपनी की ओर से 53,635 रुपये की कटौती को सही नहीं माना।
महिला ने भी कटौती के तुरंत बाद कंपनी के समक्ष अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी। फोरम का आदेश अंत में: जिला उपभोक्ता फोरम ने शिकायत को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए कंपनी को 53,635 रुपये वापस करने का आदेश दिया है।
इस रकम पर 31 मार्च 2023 से भुगतान होने तक 6 प्रतिशत सालाना ब्याज भी देना होगा। इसके अलावा महिला को हुई मानसिक परेशानी और उत्पीड़न के लिए कंपनी को 10,000 रुपये मुआवजा भी देना होगा।
