यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 09, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
एकतरफ नई स्पोर्ट्स पॉलिसी तो दूसरी तरफ ये फरमान, कैसे आएंगे पदक; शूटर्स को प्रैक्टिस के लिए मिलेंगे बस 2 घंटे
देश को कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय शूटर्स देने वाले चंडीगढ़ में अब शूटर्स दिन में सिर्फ दो घंटे प्रैक्टिस कर सकते हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स् ...और पढ़ें

HighLights
- शूटिंग रेंज में शूटर्स को प्रैक्टिस के लिए केवल दो घंटे का ही समय मिलेगा।
- शूटर्स के लिए छह से आठ घंटे जरूरी होती है प्रैक्टिस।
- खिलाड़ियों से शूटिंग रेंज में प्रैक्टिस के लिए एक हजार रुपये महीना फीस ली जा रही है।
चंडीगढ़, जागरण संवाददाता। देश को कई राष्ट्रीय (National Shooters) और अंतरराष्ट्रीय शूटर्स (International Shooters) देने वाले चंडीगढ़ (Chandigarh) में अब शूटर्स दिन में सिर्फ दो घंटे प्रैक्टिस कर सकते हैं। सेक्टर-25 की शूटिंग रेंज (Shooting Range) में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्पर्धा की तैयारी कर रहे शूटर्स को दो घंटे में रेंज खाली करने का फरमान सुनाया जा रहा है।
डीजीपी के आदेश पर जारी हुआ फरमान
यह फरमान शूटिंग रेंज में तैनात चंडीगढ़ पुलिस के सब इंस्पेक्टर ने डीजीपी के आदेश के नाम पर जारी किया है। एक तरफ प्रशासन ने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए नई स्पोर्ट्स पॉलिसी जारी की है तो दूसरी तरफ शूटिंग के खिलाड़ियों के लिए रेंज के दरवाजे बंद किए जा रहे हैं।
छह से आठ घंटे जरूरी होती है प्रैक्टिस
सेक्टर 25 की शूटिंग रेंज में हर रोज राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के कई शूटर्स प्रैक्टिस करते हैं। इन्हें कहा जा रहा है कि शूटिंग रेंज में प्रवेश करने के दो घंटे के भीतर ही अपने प्रैक्टिस करके वापस लौट जाएं। जबकि शूटिंग के लिए खिलाड़ियों को मैच के अनुसार छह से आठ घंटे को प्रैक्टिस जरूरी होती है। इसमें होल्डिंग से लेकर ड्राई प्रैक्टिस (Dry Practice) और टारगेट प्रैक्टिस ( Target Practice) शामिल है।
प्रैक्टिस के लिए लिया जा रहा एक हजार रुपये महीना
ऐसे में जबकि नेशनल गेम्स (National Games), एशियन गेम्स (Asian Games) और कई अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताएं नजदीक हैं। इस प्रकार के आदेश खिलाड़ियों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। चंडीगढ़ पुलिस खिलाड़ियों से शूटिंग रेंज में प्रैक्टिस के लिए एक हजार रुपये महीना फीस ले रही है। इसके बावजूद खिलाड़ियों को सिर्फ दो घंटे में प्रैक्टिस करने का आदेश दिया जा रहा है।
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'शूटिंग एसोसिएशन को सौंप दें रेंज'
खिलाड़ियों का कहना है कि अगर चंडीगढ़ पुलिस (Chandigarh Police) इस रेंज की सही प्रकार से देखभाल नहीं कर सकती तो इसे खेल विभाग या फिर चंडीगढ़ राइफल एसोसिएशन (Chandigarh Rifle Association) को सौंप दें। खेल से जुड़ी संस्था ही से बेहतर तरीके से चला सकती है। चंडीगढ़ पुलिस को खिलाड़ियों की दिक्कतों को गंभीरता से लेना चाहिए।
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खाना खाने की भी मनाही
यही नहीं सेक्टर-25 की शूटिंग रेंज में खिलाड़ियों को अपना खाना भी साथ लाने से मना कर दिया है। देश की अन्य सभी प्रमुख शूटिंग रेंज (Shooting Range) में खिलाड़ियों के लिए कैटीन या अन्य मेस की सुविधा उपलब्ध है। लेकिन, चंडीगढ़ की शूटिंग रेंज में खिलाड़ियों को किसी भी प्रकार की सुविधा नहीं है। ऐसे में दिनभर खिलाड़ी भूखे रहकर कैसे प्रैक्टिस कर सकते हैं।
खिलाड़ियों का मनोबल गिरेगा
एक तरफ प्रशासन कैश अवॉर्ड (Cash Award) और अन्य सुविधाओं की घोषणा कर रहा है और दूसरी तरफ इस प्रकार के तुगलकी फरमान जारी किए जा रहे हैं। खिलाड़ियो की ओर से एसएसपी को भी इसकी लिखित शिकायत की जा चुकी है। खिलाड़ियों का कहना है कि यदि ऐसा रहा तो चंडीगढ़ के शूटर्स अन्य राज्यों की तरफ जाने को मजबूर होंगे।
कई अंतरराष्ट्रीय शूटर्स चंडीगढ़ से निकले
चंडीगढ़ के कई शूटर्स ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। ओलंपिक में पहला स्वर्ण पदक ( Gold Medal) दिलाने वाले अभिनव बिंद्रा (Shooter Abhinav Bindra) चंडीगढ़ से ही है। इसके अतिरिक्त अंजुम मोदगिल, सिफत समरा, विजयवीर, उदयवीर सिद्धू, गौरी श्योराण, यशस्विनी देसवाल, मिलन गोदारा जैसे इंटरनेशनल स्तर के शूटर सेक्टर-25 की शूटिंग रेंज में प्रैक्टिस करते हैं।