यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 01, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Punjab News: अब पंजाब में सस्ती होगी बिजली, राज्य सरकार ने खरीदा गोइंदवाल थर्मल प्लांट; जानिए क्या होगी एक यूनिट की दर
पंजाब में अब बिजली सस्ती होगी। सरकार ने गोइंदवाल साहब स्थित 540 मेगावाट के जीवीके कंपनी के थर्मल प्लांट को खरीद लिया है। पावरकॉम ने इसे 1080 करोड़ रु ...और पढ़ें

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। पंजाब सरकार ने गोइंदवाल साहब स्थित 540 मेगावाट के जीवीके कंपनी के थर्मल प्लांट को खरीद लिया है। पावरकॉम ने इसे 1080 करोड़ रुपए में खरीदा है। अब इसका नाम गुरु अमर दास थर्मल प्लांट होगा।
इसको लेकर आज मुख्यमंत्री भगवंत मान ने यहां मीडिया कर्मियों से बातचीत करते हुए कहा कि यह अब तक का सबसे सस्ता थर्मल प्लांट है इससे पहले चार निजी थर्मल प्लांट बिके हैं। जिनकी औसत कीमत 3 करोड़ से लेकर 4 करोड़ प्रति मेगावाट रही है जबकि पंजाब सरकार ने मात्र 6 साल पहले ही शुरू हुए थर्मल प्लांट को 2 करोड़ रुपए प्रति मेगावाट के हिसाब से खरीद लिया है।
आप पर पंजाब के लोगों ने किया भरोसा- सीएम मान
मान ने कहा कि अब तक की पिछली सरकारें, सरकारी जमीनों, इमारत आदि को बेचने का काम करती रही है लेकिन 2022 में आई नई आम आदमी पार्टी पर पंजाब के लोगों ने भरोसा किया। हम उनके भरोसे पर खरे उतरते हुए इतनी बड़ी डील करने में कामयाब हो गए हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया कि यह थर्मल प्लांट कभी भी अपनी पूरी क्षमता पर नहीं चला है क्योंकि पिछली सरकारों ने ऐसे समझौते किए हुए थे कि जिसमें अगर थर्मल प्लांट नहीं चलता है तो पावरकाम को उसको भी पैसे देने पड़ते थे। उन्होंने बताया कि पिछले 6 सालों में इस कंपनी को 1718 करोड दिए गए।
उन्होंने बताया कि 2016 से अब तक 11000 मिलियन यूनिट खरीदे 1718 करोड खड़े रहने का दिया । उन्होंने बताया कि इस थर्मल प्लांट से 7.08 रुपए प्रति यूनिट बिजली मिलती थी जो अब 2.50 प्रति यूनिट सस्ती बिजली मिलेगी।
इतनी प्रति यूनिट बिजली मिलेगी सस्ती
भगवंत मान ने यह भी कहा कि क्योंकि अब पिछवाड़ा कोल माइन भी हमें मिल चुकी है ऐसे में हम इस थर्मल प्लांट को इसकी पूरी क्षमता पर चलाने की कोशिश करेंगे और इससे हमें ₹2.5 प्रति यूनिट बिजली सस्ती मिलेगी जिसको हम आगे लोगों को पास करेंगे।
पिछली सरकारों के दौरान तीन प्राइवेट थर्मल प्लांट के साथ हुए बिजली समझौता पर टिप्पणी करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अब जीवीके थर्मल प्लांट के साथ तो वह समझौता एक तरह से रद्द ही हो गया है क्योंकि यह प्लांट पावरकाम ने ही खरीद लिया है।
शेष दोनों थर्मल प्लांट को लेकर भी हम काम कर रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने कहा कि सिर्फ दो निजी थर्मल प्लांट के साथ ही महंगी बिजली दलों के समझौते नहीं किए गए हैं बल्कि सोलर पावर प्लांट के साथ भी 15 से 18 रुपए प्रति यूनिट के समझौते किए गए हैं।
कम अवधि में एक निजी थर्मल प्लांट को खरीदा
ऐसे में उपभोक्ताओं को महंगी बिजली मिलना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि मुझे यह समझ में नहीं आता कि इतनी महंगी बिजली बेचकर पैसे लेने पर भी पिछली सरकारों के दौरान बिजली सब्सिडी पूरी नहीं दी जाती रही है जबकि हमने कल 31 दिसंबर 2023 तक की सारी सब्सिडी पावर कॉम को दे दी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दो साल पहले तब के वित्त मंत्री मनप्रीत बादल ने जहां बठिंडा थर्मल प्लांट को बंद कर दिया वहीं रोपड़ थर्मल प्लांट के भी दो यूनिट बंद कर दिए लेकिन हमने इतनी कम अवधि में एक निजी थर्मल प्लांट को खरीद लिया है।

