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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 12, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Punjab Politics: 'मोटी चमड़ी वाला राजनेता इस तरह का..,' प्रताप सिंह बाजवा ने CM भगवंत मान पर साधा निशाना

    By Rohit KumarEdited By: Rajat Mourya
    Updated: Sat, 12 Aug 2023 08:03 PM (IST)

    प्रताप सिंह बाजवा ने भगवंत मान सरकार पर निशाना साधा है। प्रताप सिंह बाजवा का कहना है कि राज्य सरकार बाढ़ पीड़ितों को मुआवजा देने में बहाने बना रही है। ...और पढ़ें

    'मोटी चमड़ी वाला राजनेता इस तरह का..,' प्रताप सिंह बाजवा ने CM भगवंत मान पर साधा निशाना
    'मोटी चमड़ी वाला राजनेता इस तरह का..,' प्रताप सिंह बाजवा ने CM भगवंत मान पर साधा निशाना

    चंडीगढ़, राज्य ब्यूरो। कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा है कि पंजाब सरकार को बहाने बनाना बंद कर इसके बजाय बाढ़ पीड़ितों को राहत देनी चाहिए। उन्होंने राज्य के बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत पैकेज की घोषणा करने में राज्य सरकार की ईमानदारी पर अविश्वास भी व्यक्त किया। साथ ही भगवंत मान द्वारा केंद्रीय मंत्री अमित शाह को लिखे गए पत्र पर निशाना भी साधा।

    विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि अब सरकार मुआवजे को दोगुना करने के लिए नियमों में बदलाव की मांग कर रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लिखे पत्र में पंजाब के मुख्यमंत्री ने जानमाल के नुकसान पर मुआवजे की राशि को दोगुना कर 4 लाख रुपये से 8 लाख रुपये, फसलों के नुकसान पर 17,000 रुपये से 34,000 रुपये, दुधारू मवेशियों के नुकसान पर मुआवजा राशि दोगुनी करने की अपील की है।

    'भगवंत मान ने कहा था कि पंजाब भीख नहीं मांगेगा'

    प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि सीएम मान ने अपने पत्र में क्षतिग्रस्त मकानों के लिए 37,500 रुपये से 75,000 रुपये और 1.20 लाख रुपये से 2.40 लाख रुपये जारी करने की मांग की है। इससे पहले, पंजाब के मुख्यमंत्री ने अपना अहंकार व्यक्त करते हुए कहा था कि पंजाब राज्य में बाढ़ से हुए नुकसान के लिए केंद्र सरकार से वित्तीय सहायता की भीख नहीं मांगेगा।

    'यह भीख मांगना कब से हो गया'

    कांग्रेस नेता ने कहा कि वह (मान) यह भी कहते थे कि नुकसान का आकलन करने के लिए गिरदावरी मुआवजा देने के बाद की जा सकती है जैसा कि दिल्ली में आप सरकार द्वारा किया जा रहा है। बाजवा ने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री को अपनी अज्ञानता छोड़कर यह समझना चाहिए कि केंद्र से वित्तीय सहायता प्राप्त करना राज्यों का वैध अधिकार है। यह भीख मांगना कब से हो गया।

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    'मोटी चमड़ी वाला राजनेता इस तरह का...'

    उन्होंने कहा कि बाढ़ से अब तक 6 लाख एकड़ से ज्यादा फसल बर्बाद हो चुकी है। इसके अलावा 54 लोगों की मौत हो चुकी है। फिर भी मुख्यमंत्री मान पीड़ितों को राहत देने के लिए बहाने बना रहे हैं। बाजवा ने कहा, "एक मोटी चमड़ी वाला राजनेता इस तरह का व्यवहार करता है।"

    बाजवा ने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार को उन किसानों को 50,000 रुपये प्रति एकड़ की राहत देने की घोषणा करनी चाहिए जिनकी फसल खराब हो गई है। जिन मजदूर वर्ग और अन्य परिवारों के घर क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें तत्काल प्रभाव से न्यूनतम 5 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाना चाहिए। इस प्राकृतिक आपदा में जिनके मवेशी मरे हैं, उनके मालिक को 50 हजार रुपये भी दिए जाएं। मृतकों को 10 लाख रुपये और घायलों को 5 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए।