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पूर्व सीएम चन्नी का पेपर देते फोटो हुआ वायरल, कटघरे में पीयू प्रशासन; परीक्षा रद्द करने की मांग

Published: Mon, 24 Aug 2026 08:51 AM (IST)

पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की परीक्षा देते हुए तस्वीर वायरल होने के बाद पंजाब विश्वविद्यालय की परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे हैं।

चन्नी की परीक्षा देते फोटो वायरल हुई (फोटो: जागरण)

चन्नी की परीक्षा देते फोटो वायरल हुई (फोटो: जागरण)

जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय में पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के एमए लोक प्रशासन की परीक्षा देने के दौरान परीक्षा कक्ष के भीतर की तस्वीर सामने आने के बाद परीक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

चंडीगढ़ के पूर्व मेयर और पंजाब विश्वविद्यालय के पूर्व सीनेट एवं सिंडिकेट के सदस्य देवेश मौदगिल ने मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन से नियमों के समान अनुपालन और जांच की मांग की है।

मौदगिल ने पंजाब विश्वविद्यालय के चांसलर सीपी राधाकृष्णन, कुलपति मीनाक्षी गोयल, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान तथा पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया को पत्र भेजकर मामले में कार्रवाई की मांग की है।

तस्वीर में चन्नी परीक्षा कक्ष के भीतर परीक्षा देते दिखाई दिए

उन्होंने कहा कि 21 अगस्त को प्रकाशित तस्वीर में चन्नी परीक्षा कक्ष के भीतर परीक्षा देते दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि तस्वीर किसने और किस उपकरण से खींची।

उन्होंने सवाल उठाया कि जब परीक्षा केंद्र में मोबाइल फोन, कैमरा, स्मार्ट वाच, ईयरफोन, टेबलेट और लैपटॉप जैसे इलेक्ट्रानिक उपकरण प्रतिबंधित हैं, तो तस्वीर लेने वाला उपकरण परीक्षा कक्ष तक कैसे पहुंचा।

उन्होंने मामले की तत्काल जांच करने की मांग की। मौदगिल ने यह भी सवाल उठाया कि यदि चन्नी को निर्धारित परीक्षा के बजाय विशेष अवसर दिया गया था तो वह किस नियम और श्रेणी के तहत था। उन्होंने विशेष अवसर के आवेदन, कारण, संबंधित श्रेणी और सक्षम अधिकारी की मंजूरी से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की।

परीक्षा की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने की मांग

वहीं, मौदगिल ने 20 अगस्त की परीक्षा की सीसीटीवी रिकार्डिंग सुरक्षित रखने की मांग करते हुए कहा कि इससे परीक्षा केंद्र में प्रवेश करने वाले लोगों और प्रतिबंधित उपकरण के संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकती है। मौदगिल ने कहा कि सामान्य विद्यार्थी के पास प्रतिबंधित इलेक्ट्रानिक उपकरण मिलने पर यूएमसी के तहत कार्रवाई होती है।

इसलिए चन्नी के मामले में भी नियम समान रूप से लागू होने चाहिए। उन्होंने जांच में उल्लंघन साबित होने पर यूएमसी दर्ज कर परीक्षा रद्द करने और नियमानुसार दो वर्ष के लिए परीक्षा से प्रतिबंधित करने की मांग की।

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