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    पंजाब-चंडीगढ़ में नशे के खिलाफ नई मुहिम, गुरु ग्रंथ साहिब का जिक्र कर PM मोदी ने दिया बड़ा संदेश

    Updated: Sun, 02 Aug 2026 01:26 PM (IST)

    प्रधानमंत्री मोदी ने 'नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत अभियान' का शुभारंभ किया, जिसमें उन्होंने गुरु ग्रंथ साहिब का जिक्र करते हुए पंजाब और चंडीगढ़ में  ...और पढ़ें

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि नशामुक्त युवा ही विकसित भारत का आधार।

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि नशामुक्त युवा ही विकसित भारत का आधार।

    HighLights

    1. पीएम मोदी ने 'नशा मुक्त युवा अभियान' का शुभारंभ किया।

    2. विकसित भारत 2047 के लिए नशामुक्त युवा आधार।

    3. गुरु ग्रंथ साहिब का जिक्र, जनभागीदारी का आह्वान।

    राजेश ढल्ल, चंडीगढ़। पंजाब और चंडीगढ़ में लगातार बढ़ रही नशे की समस्या के बीच केंद्र सरकार ने रविवार को 'नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत अभियान' की शुरुआत कर इस लड़ाई को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।

    सेक्टर-18 स्थित टैगोर थिएटर में आयोजित कार्यक्रम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से गुरु ग्रंथ साहिब का जिक्र करते हुए देशभर के युवाओं को संबोधित किया, जबकि पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे।

    पंजाब में नशा लंबे समय से सबसे बड़ा सामाजिक और राजनीतिक मुद्दा बना हुआ है। ऐसे में इस अभियान को पंजाब और चंडीगढ़ के लिए विशेष महत्व का माना जा रहा है।

    प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि नशामुक्त युवा ही विकसित भारत का आधार है। उन्होंने कहा कि यदि देश का युवा तन और मन से स्वस्थ रहेगा, तभी वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार किया जा सकेगा।

    उन्होंने कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरे परिवार, समाज और राष्ट्र की शक्ति को कमजोर करता है। यदि कोई युवा ड्रग्स की गिरफ्त में आता है तो एक सपना टूट जाता है, परिवार बिखर जाता है और देश की ऊर्जा प्रभावित होती है।

    पंजाब के संदर्भ में प्रधानमंत्री का श्री गुरु ग्रंथ साहिब का उल्लेख भी खास रहा। उन्होंने कहा कि हमारे गुरुओं और संतों ने सदियों पहले ही नशे जैसी बुराइयों से दूर रहने का संदेश दिया था।

    गुरु ग्रंथ साहिब की वाणी का उल्लेख

    गुरु ग्रंथ साहिब की वाणी का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जिस पदार्थ के सेवन से बुद्धि और विवेक नष्ट हो जाए तथा व्यक्ति सही-गलत का भेद भूल जाए, वह उसे पतन की ओर ले जाता है। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति केवल नशे से बचने की सीख ही नहीं देती, बल्कि इससे बाहर निकलने का रास्ता भी दिखाती है।

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    प्रधानमंत्री ने कहा कि नशे की गिरफ्त में आए युवाओं से नफरत नहीं, बल्कि उन्हें अपनाकर इलाज और परामर्श के जरिए सामान्य जीवन में वापस लाने की जरूरत है। अभिभावकों, शिक्षकों, सामाजिक और धार्मिक संगठनों से इस अभियान को जनभागीदारी का आंदोलन बनाने का आह्वान किया।

    देश में एक बड़े जनआंदोलन की शुरुआत

    पीएम ने कहा कि कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में भी विद्यार्थियों को ड्रग्स के दुष्प्रभावों के प्रति लगातार जागरूक किया जाना चाहिए। कार्यक्रम के बाद प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि आज देश में एक बड़े जनआंदोलन की शुरुआत हुई है। खेल मंत्रालय, युवा कार्यक्रम विभाग और माय भारत ने मिलकर युवाओं को इस अभियान से जोड़ने का प्रयास किया है।

    उन्होंने कहा कि सरकार अपनी जिम्मेदारी निभा रही है, लेकिन नशे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई तभी जीती जा सकती है, जब समाज भी इसमें सक्रिय भागीदारी निभाए। कटारिया पहले से ही चंडीगढ़ में नशा विरोधी जनजागरण अभियान चला रहे हैं और उन्होंने सामाजिक, धार्मिक तथा शैक्षणिक संस्थाओं से इस मुहिम में आगे आने की अपील की।

    कॉमनवेल्थ खेलों में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए कटारिया ने कहा कि खेलो इंडिया अभियान के बाद खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिली हैं, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने चंडीगढ़ की जूडो खिलाड़ी ईशरूप नारंग सहित सभी भारतीय खिलाड़ियों के बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताते हुए कहा कि पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ देश को प्रतिभाशाली खिलाड़ी देने वाली धरती हैं।