17 वर्षों का इंतजार खत्म; PU में ट्राईसिटी का सबसे खास ऑडिटोरियम तैयार, 27 को होगा पहला कार्यक्रम
पंजाब यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस में 17 साल के इंतजार के बाद ट्राईसिटी का सबसे बड़ा 2400 सीटों वाला ऑडिटोरियम तैयार हो गया है। 100 करोड़ से अधिक की लाग ...और पढ़ें

ऑडिटोरियम में उच्च तकनीक की लाइटें, साउंड सिस्टम और आरामदायक कुर्सियां की सुविधा।
HighLights
2400 सीटों वाला ऑडिटोरियम।
800 वाहनों की पार्किंग सुविधा उपलब्ध।
100 करोड़ रुपये लागत से बना है।
जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी के लिए 27 मार्च का दिन खास होने जा रहा है। सेक्टर-25 पीयू साउथ कैंपस में ट्राईसिटी का सबसे विशाल आडिटोरियम में पहला कार्यक्रम होने जा रहा है। करीब 17 वर्ष के लंबे इंतजार के बाद कन्वेंशनल ऑडिटोरियम लगभग तैयार है। 100 करोड़ से अधिक की लागत से बने इस खास ऑडिटोरियम को सभी लेटेस्ट सुविधाओं से युक्त तैयार किया गया है।
ऑडिटोरियम की खासियत यह है कि यहां पर एक साथ 2400 के करीब लोग किसी भी कार्यक्रम में हिस्सा ले सकते हैं। इतना ही नहीं ऑडिटोरियम में उच्च तकनीक की लाइटें, साउंड सिस्टम और आरामदायक कुर्सियां लगाई गई हैं। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए ऑडिटोरियम में सभी इंतजाम किए गए हैं।
इस ऑडिटोरियम का नींव पत्थर पीयू के पूर्व कुलपति प्रो. आरसी सोबती के समय में पूर्व प्रधानमंत्री स्व. मनमोहन सिंह ने रखा था। पीयू साउथ कैंपस में बने आडिटोरियम में आयोजित किसी भी कार्यक्रम में आने वालों को पार्किंग की कोई दिक्कत नहीं होगी। इस बार में 800 से अधिक कारों की यहां पार्किंग हो सकेगी।
इंजीनियरिंग विभाग का दीक्षा समारोह और एल्युमनी मीट आज
ऑडिटोरियम का 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। फिलहाल आधिकारिक तौर पर ऑडिटोरियम का उद्घाटन नहीं किया जा रहा है। पहले कार्यक्रम को ट्रायल के तौर पर आयोजित किया जा रहा है ताकि किसी भी तरह की कमी होने पर उसे सुधारा जा सके। सूत्रों अनुसार इस खास ऑडिटोरियम का उद्घाटन उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री या गृहमंत्री के हाथों कराने की तैयारी है।
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शुक्रवार दोपहर 2 बजे से आडिटोरियम में यूआईईटी विभाग का दीक्षा समारोह और एल्युमनी मीट का आयोजन किया जा रहा है। एक हजार के करीब लोग कार्यक्रम में हिस्सा ले सकते हैं। इस मौके पर चंडीगढ़ के चीफ सेक्रेटरी एच राजेश कुमार मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत करेंगे। पीयू कुलपति प्रो. रेणू विग के अलावा पंजाब यूनिवर्सिटी के कई पूर्व कुलपति भी इस कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे।