बलटाना और मुबारकपुर में पुल के लिए करना होगा इंतजार, विधानसभा में उठा मुद्दा, पंजाब सरकार ने दी जानकारी
पंजाब विधानसभा में बलटाना और मुबारकपुर पुलों के निर्माण में देरी का मुद्दा उठा। सरकार ने बताया कि बलटाना पुल का काम एनओसी में बदलाव के कारण धीमा हुआ ह ...और पढ़ें

विधानसभा में डेराबस्सी से विधायक कुलजीत सिंह रंधावा के सवाल पर मंत्री हरभजन सिंह ने दिया जवाब।
HighLights
बलटाना पुल निर्माण एनओसी बदलाव से विलंबित।
मुबारकपुर पुल भूमि हस्तांतरण प्रक्रिया में फंसा।
दोनों पुलों के लिए लोगों को करना होगा इंतजार।
रोहित कुमार, चंडीगढ़। पंजाब विधानसभा में मोहाली के बलटाना में और मुबारकपुर में प्रस्तावित पुलों के निर्माण का मुद्दा उठाया। जवाब में सरकार ने स्पष्ट किया कि दोनों परियोजनाओं पर काम चल रहा है, लेकिन कुछ समय और इंतजार करना होगा।
डेराबस्सी से विधायक कुलजीत सिंह रंधावा ने विधानसभा में लोक निर्माण (भवन) विभाग से पूछा कि बलटाना में सुखना चो पर पुल और मुबारकपुर में काजवे की जगह ऊंचे स्तर के पुल बनाने का काम कब शुरू हुआ। इसकी वर्तमान स्थिति क्या है और यह पुल कब तक बनकर तैयार होंगे।
इस पर लोक निर्माण (भवन) मंत्री हरभजन सिंह ने जवाब देते हुए बताया कि बलटाना में सुखना चो पर पुल बनाने के लिए 592.66 लाख रुपये की प्रशासनिक मंजूरी 11 मार्च 2025 को जीरकपुर नगर परिषद द्वारा दी गई थी। इसके बाद 23 जुलाई 2025 को करीब 503 लाख रुपये की लागत से 12 महीने की अवधि के लिए निर्माण एजेंसी को काम अलाॅट किया गया था।
मंत्री ने बताया कि यह टेंडर जल संसाधन विभाग की ओर से दिए गए डेटा और पैरामीटर के आधार पर तैयार ड्रॉइंग के अनुसार जारी किया गया था। हालांकि मौके पर काम शुरू होने से पहले पुल निर्माण के लिए जरूरी एनओसी लेने के लिए 18 सितंबर 2025 को केस भेजा गया था, जिसके बाद संबंधित विभाग ने 1 जनवरी 2026 को एनओसी जारी की।
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उन्होंने कहा कि एनओसी जारी करते समय जल संसाधन विभाग ने पहले दिए गए डेटा और पैरामीटर में बदलाव कर दिया, जिससे पुल की लंबाई भी बदलनी पड़ी। इस कारण ड्रॉइंग को दोबारा संशोधित (रिवाइज) करवाना पड़ा और इसी वजह से काम में देरी हुई।
फिलहाल मौके पर पुल के अप्रोच एरिया में रिटेनिंग वाल का काम प्रगति पर है। मंत्री के अनुसार संशोधित ड्रॉइंग के आधार पर बलटाना पुल का निर्माण 31 दिसंबर 2026 तक पूरा होने की संभावना है।
मुबारकपुर में हाई लेवल पुल के बारे में मंत्री ने बताया कि इसके निर्माण के लिए 17 जून 2025 को 2948.60 लाख रुपये की प्रशासनिक मंजूरी जारी की गई थी। इस परियोजना के लिए टेंडर प्रक्रिया जारी है और तकनीकी तथा वित्तीय बोलियां खोली जा चुकी हैं।
मंत्री ने यह भी बताया कि जहां पुल बनाया जाना है, वहां मौजूदा काजवे के आसपास की जमीन निजी मालिकों की है। इसलिए पुल निर्माण से पहले इस जमीन को सरकारी जमीन से तबादले के जरिए सरकार के नाम ट्रांसफर करना जरूरी है।
इसके लिए मुबारकपुर और मीरपुर गांव की 24 कनाल 9 मरला जमीन को सुंधरा गांव में पंजाब सरकार की जमीन के साथ बदलने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
इस संबंध में लोक निर्माण विभाग ने 9 जनवरी 2026 को एसएएस नगर के डिप्टी कमिश्नर को केस भेज दिया है। मंत्री के अनुसार जैसे ही जमीन तबादले की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी, पुल का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा और करीब 18 महीनों में इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
इस तरह सरकार के जवाब से साफ हो गया है कि जीरकपुर क्षेत्र में लंबे समय से मांग किए जा रहे इन दोनों पुलों के निर्माण के लिए अभी लोगों को और इंतजार करना पड़ेगा, हालांकि विभागीय प्रक्रियाएं और निर्माण संबंधी तैयारियां जारी हैं।