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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 02, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Video: गुजरात में गरबा के रंग में रंगे भगवंत मान व चड्ढा, फरमाइश पर पंजाब सीएम ने भंगड़ा भी डाला

    By Kamlesh BhattEdited By:
    Updated: Sun, 02 Oct 2022 01:53 PM (IST)

    गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए राज्य में इन दिनों पंजाब के सीएम भगवंत भगवंत मान व राघव चड्ढा खूब सक्रिय नजर आ रहे हैं। मान व चड्ढा फेस्टिवल सीजन में गुज ...और पढ़ें

    गुजरात में गरबा लोकनृत्य करते राघव चड्ढा व भगवंत मान। फोटो- वीडियो ग्रैब
    गुजरात में गरबा लोकनृत्य करते राघव चड्ढा व भगवंत मान। फोटो- वीडियो ग्रैब

    आनलाइन डेस्क, चंडीगढ़। पंजाब के सीएम भगवंत मान व राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा इन दिनों गुजरात में व्यस्त हैं। राघव चड्ढा को गुजरात में आम आदमी पार्टी ने सहप्रभारी नियुक्त किया है। पंजाब विधानसभा चुनाव के दौरान भी चड्ढा सह प्रभारी थे। इन दिनों फेस्टिवल सीजन चल रहा है। दोनों नेता गुजरात में फेस्टिवल के रंग में रंगे नजर आ रहे हैं। 

    भगवंत मान व राघव चड्ढा ने लोगों के साथ गरबा लोकनृत्य किया। भगवंत मान ने भंगड़ा भी डाला। गुजरात चुनाव को लेकर आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल भी गुजरात दौरे पर हैं। पंजाब में भगवंत मान सरकार ताबड़तोड़ फैसले ले रही है। इसका उद्देश्य गुजरात चुनाव में पंजाब और दिल्ली माडल को भुनाना है। 

    भगवंत मान राजनीति में आने से पहले हास्य कलाकार थे। अपनी हास्यकला के दम पर उन्होंने देशभर में लाखों प्रशंसक बनाए। वह मंचों पर बहुत जल्दी लोगों से घुलमिल जाते हैं। गुजरात में भी वह मंचों पर अपनी कविताओं से लोगों का ध्यान खींच रहे हैं और पंजाब में किए काम के बारे में बता रहे हैं।

    इंटरनेट मीडिया पर वायरल वीडियो में भगवंत मान पूरी तरह से एक कार्यक्रम में गरबे के रंग में नजर आ रहे हैं। इस दौरान लोगों ने उनको पंजाब के प्रसिद्ध लोकनृत्य भंगड़ा डालने की फरमाइश की। मान ने लोगों को निराश नहीं किया। उन्होंने भंगड़ा डालकर लोगों की फरमाइश को पूरा किया। राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा ने भी गुजरात के वडोदरा में गरबा कार्यक्रम में हिस्सा लिया और नृत्य किया। 

    गुजरात का लोकनृत्य है गरबा

    गरबा गुजरात का प्रमुख लोकनृत्य है। हालांकि अब यह देश के अन्य हिस्सों में भी प्रसिद्ध हो गया है। कालांतर में देवी के निकट सछिद्र घट में दीप ले जाने के लिए यह नृत्य होता था। यह नृत्य सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। अश्विन मास के नवरात्र गरबा नृत्योत्सव के रूप में मनाया जाता है। गरबा नृत्य में ताली, चुटकी, खंजरी, डंडा, मंजीरा आदि का ताल देने के लिए प्रयोग होता है। यह नृत्य समूह में होता है। 

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