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पंजाब कांग्रेस में डैमेज कंट्रोल क्यों नहीं? रंधावा ने हाईकमान पर उठाए सवाल; राहुल गांधी की विदेश वापसी पर टिकीं निगाहें

Published: Sat, 04 Jul 2026 12:09 PM (IST)

पंजाब कांग्रेस में संगठनात्मक नियुक्तियों और 2027 चुनाव की तैयारियों को लेकर विवाद गहरा गया है। सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ...और पढ़ें

सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा (File Photo)

सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा (File Photo)

HighLights

  1. कांग्रेस में संगठनात्मक नियुक्तियों और चुनाव तैयारियों पर विवाद

  2. सांसद रंधावा ने डैमेज कंट्रोल न होने पर सवाल उठाए

  3. राहुल गांधी की वापसी के बाद स्थिति की समीक्षा संभव

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। पंजाब कांग्रेस में संगठनात्मक नियुक्तियों और 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर शुरू हुआ विवाद फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा है। पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने मौजूदा हालात पर सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर तीन-चार दौर की बैठकों के बावजूद पार्टी में डैमेज कंट्रोल क्यों नहीं हो पा रहा है और इसके लिए जिम्मेदार कौन है।

रंधावा ने कहा कि कांग्रेस के पास अनुभवी और वरिष्ठ नेताओं की कोई कमी नहीं है, इसके बावजूद पार्टी के भीतर लगातार बढ़ रहे मतभेद चिंता का विषय हैं। उन्होंने कहा कि देश के लोग आज भी इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के दौर की कांग्रेस को पसंद करते हैं, इसलिए पार्टी नेतृत्व को मौजूदा हालात पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

दरअसल, विधानसभा चुनाव की तैयारियों के तहत कांग्रेस हाईकमान ने ऑब्जर्वर टीम गठित की थी। इसके बाद दिल्ली में दो से तीन दौर की बैठकों में पंजाब के लगभग सभी वरिष्ठ नेताओं से फीडबैक लिया गया।

राजा वड़िंग को लेकर बहस तेज

इसके बावजूद प्रदेश इकाई में असंतोष कम होने के बजाय और खुलकर सामने आ गया है। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के समर्थक संगठनात्मक फैसलों पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के नेतृत्व को लेकर भी बहस तेज हो गई है।

पार्टी के भीतर यह चर्चा भी है कि पंजाब कांग्रेस में मौजूदा स्थिति पहले सामने आए कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू के टकराव जैसी बनती जा रही है। अब चन्नी और वड़िंग समर्थकों के बीच बढ़ती खींचतान ने हाईकमान की चिंता बढ़ा दी है।

हालांकि कांग्रेस के भीतर यह भी माना जा रहा है कि राहुल गांधी के नेतृत्व में अब तक लिए गए बड़े संगठनात्मक फैसलों को वापस लेने की परंपरा नहीं रही है। ऐसे में हाल ही में घोषित संगठनात्मक सूची में बड़े बदलाव की संभावना कम मानी जा रही है। पार्टी नेताओं का तर्क है कि इस स्तर पर बदलाव करने से विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

सात जुलाई को विदेश दौरे पर लौटेंगे राहुल गांधी

सूत्रों के अनुसार राहुल गांधी 7 जुलाई को विदेश दौरे से लौटने के बाद पंजाब कांग्रेस के हालात की समीक्षा कर सकते हैं। इसके साथ ही संभावना जताई जा रही है कि कांग्रेस हाईकमान कुछ वरिष्ठ नेताओं को चंडीगढ़ भेज सकता है। प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल और सह-प्रभारियों की चन्नी तथा वड़िंग गुट के नेताओं के साथ अलग-अलग बैठक कर संगठन में बढ़ते विवाद को शांत करने और डैमेज कंट्रोल की कोशिश की जा सकती है। पंजाब मामलों के सह प्रभारी सूरज ठाकुर चरणजीत चन्नी से मुलाकात के लिए चंडीगढ़ आ सकते हैं।

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