पंजाब के किसानों का चंडीगढ़ कूच; मोहाली बॉर्डर पर पुलिस से भिड़े, आंसू गैस और वाटर कैनन से पानी की बौछारें कर रोका
पंजाब के किसानों का मोहाली बॉर्डर पर चंडीगढ़ पुलिस से टकराव हुआ, जब वे राजभवन की ओर कूच कर रहे थे। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए आंसू गैस के गोले दागे ...और पढ़ें

पंजाब के किसानों का चंडीगढ़ कूच रोकने के लिए वॉटर कैनन से पानी की बौछार करती पुलिस। फोटो :संजय घिल्डियाल
HighLights
किसानों का चंडीगढ़ राजभवन की ओर कूच।
चंडीगढ़ और मोहाली बॉर्डर पर माहौल तनावपूर्ण।
हालात को देखते हुए पुलिस सतर्कता बरते हुए है।
जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। पंजाब के किसानों का शुक्रवार को मोहाली बॉर्डर पर चंडीगढ़ पुलिस के साथ टकराव हुआ। राजभवन की ओर कूच किसानों को पुलिस ने रोकना चाहा तो उन्होंने बैरिकेडिंग तोड़ दिए। पुलिस जवानों को भी पीछे धकेलने की कोशिश की। इस पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागकर और वाॅटर कैनन से पानी की बौछारें कर किसानों को खदेड़ा।
चंडीगढ़ और मोहाली बॉर्डर पर माहौल तनावपूर्ण रहा। चंडीगढ़ पुलिस का कहना है कि हालात को देखते हुए पूरी निगरानी रखी जा रही है। वरिष्ठ अधिकारी, जिनमें एसएसपी भी शामिल हैं, मौके पर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड के पीछे वाली चंडीगढ़ जाने वाली सड़क पर ट्रैफिक का डायवर्ट किया गया है। मटौर बैरियर पर भी ट्रैफिक डायवर्ट किया गया है।

किसानों की ये हैं मांगें
- 'दरियाई पानी' (नदी के पानी) का बंटवारा रिपेरियन सिद्धांत के अनुसार हो
- पंजाब पुनर्गठन एक्ट की कुछ धाराओं को रद किया जाए
- केंद्र के प्रस्तावित बिजली संशोधन बिल 2025 और 'बीज कानून 2025' मंजूर नहीं
- सभी फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी मिले।
- सहकारी समितियों द्वारा रद की गई ऋण सीमाओं को बहाल किया जाए
- धान के सीजन के दौरान फुल क्षमता में बिजली और नहर का पानी मिले