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मानसून से पहले अलर्ट मोड पर पंजाब सरकार, बाढ़ सुरक्षा पर 414.75 करोड़ खर्च

Published: Wed, 08 Jul 2026 08:09 AM (IST)

पंजाब सरकार ने मानसून से पहले बाढ़ से निपटने की तैयारियां तेज कर दी हैं, जल संसाधन मंत्री ने समीक्षा बैठक की।

मानसून से पहले अलर्ट मोड पर पंजाब सरकार (भगवंत मान)

मानसून से पहले अलर्ट मोड पर पंजाब सरकार (भगवंत मान)


HighLights

  1. पंजाब सरकार ने मानसून से पहले बाढ़ तैयारियां तेज कीं

  2. बाढ़ सुरक्षा और ड्रेनेज पर 414.75 करोड़ रुपये खर्च

  3. संवेदनशील क्षेत्रों में 24 घंटे निगरानी के निर्देश जारी

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। पंजाब सरकार ने मानसून सीजन के दौरान संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने मंगलवार को जल संसाधन विभाग के मुख्यालय में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर बाढ़ सुरक्षा और ड्रेनेज प्रबंधन कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य के सभी बाढ़ संभावित और संवेदनशील क्षेत्रों में 24 घंटे निगरानी रखी जाए तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

बैठक में मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार लोगों के जान-माल, कृषि भूमि और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

उन्होंने बताया कि सरकार ने पूरे राज्य में मजबूत निगरानी तंत्र विकसित किया है ताकि मानसून के दौरान किसी भी संभावित खतरे से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। उन्होंने अधिकारियों को नदियों, ड्रेनों, बांधों और अन्य बाढ़ सुरक्षा ढांचे की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा जहां भी कोई कमी मिले, उसे तुरंत दूर करने के निर्देश दिए।

तैयारियों का निरीक्षण जारी

समीक्षा बैठक में ड्रेनों की सफाई, बोल्डर स्टोन और हाइब्रिड सुरक्षा कार्य, तटबंधों को ऊंचा और मजबूत करने, फ्लड कंट्रोल गेटों की कार्यशीलता तथा संवेदनशील स्थानों पर किए जा रहे सुरक्षा उपायों की विस्तृत समीक्षा की गई। मंत्री ने हाल ही में स्वयं विभिन्न बाढ़ प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों का दौरा कर तैयारियों का निरीक्षण भी किया था।

अधिकारियों ने बैठक में बताया कि राज्य में अब तक 101 बोल्डर स्टोन एवं हाइब्रिड सुरक्षा कार्य पूरे किए जा चुके हैं। इसके अलावा 17 बांधों को ऊंचा उठाने, 22 तटबंधों को मजबूत करने, 188 ड्रेनों की सफाई और पांच फ्लड कंट्रोल गेटों के संचालन से जुड़े कार्य किए गए हैं। इन सभी परियोजनाओं पर लगभग 414.75 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।

गाद निकालने का काम किया गया

मंत्री ने गाद निकालने के कार्यों की भी समीक्षा करते हुए कहा कि मानसून के चरम दौर से पहले सभी लंबित कार्य समय पर पूरे किए जाएं ताकि जल निकासी व्यवस्था सुचारु रहे और भारी बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति पैदा न हो।

उन्होंने सभी फील्ड अधिकारियों को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय सीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में प्रमुख सचिव कृष्ण कुमार, मुख्य अभियंता (ड्रेनेज) हरदीप सिंह मैंदीरत्ता सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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