यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 13, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Punjab Haryana High Court: जालंधर में दो भाइयों की आत्महत्या के मामले में HC का एसआईटी को आदेश- जांच को समय के साथ करें पूरा
Punjab Haryana High Court जालंधर में दो भाइयों की आत्महत्या के मामले में हाईकोर्ट ने एसआईटी जांच को समयबद्ध पूरा करने का आदेश दिया है। याचिकाकर्ता ने ...और पढ़ें

HighLights
- जांच कर रही एसआईटी पर याचिका में उठाए गए हैं
- तय समय में जांच पूरी करने का निर्देश जारी करने की अपील
- मृतक को थाने में बुलाकर किया गया था प्रताड़ित
- अपमान के बाद भाईयों ने नहर में लगा दी थी छलांग
राज्य ब्यूरो,चंडीगढ़। जालंधर में दो भाइयों मानवजीत और जश्नदीप की आत्महत्या के मामले में एसआईटी की जांच पर सवाल उठाते हुए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है।
याचिका में जांच को समयबद्ध पूरा करने का निर्देश जारी करने की अपील की गई है। हाईकोर्ट ने याचिका का निपटारा करते हुए इस मामले की जांच 31 दिसंबर तक पूरा करने का एसआईटी को आदेश दिया है।
2 सितंबर को की थी आत्महत्या
याचिका दाखिल करते हुए मानवदीप सिंह ने हाईकोर्ट को बताया कि एसएचओ इंस्पेक्टर नवदीप सिंह से तंग आकर उसके दो भाईयों मानवजीत और जश्नदीप ने 2 सितंबर को उफनती ब्यास में छलांग लगा जान दे दी थी।
मानवदीप सिंह पुलिस को शिकायत देते हुए कहा था कि दोस्त की बहन परमिंदर कौर का पति गुरमीत सिंह और उसके परिवार के साथ विवाद है। जालंधर डिवीजन नंबर 1 के पुलिस स्टेशन के एसएचओ नवदीप सिंह के पास यह मामला पहुंचा था।
16 अगस्त को थाने में दोनों पक्षों में कहासुनी हुई। आरोप के अनुसार इस दौरान लड़के पक्ष ने परमिंदर कौर और मानवजीत के साथ दुर्व्यवहार किया। पुलिस कर्मियों ने भी उन्हें थाने से बाहर निकाल दिया। कुछ देर बाद एक व्यक्ति मानवजीत को एसएचओ नवदीप सिंह के पास ले गया।
मानवजीत के साथ किया गया दुर्व्यवहार
कुछ मिनट बाद अंदर से चीखने-चिल्लाने की आवाज आई और मानवजीत के साथ मारपीट व बेहद बुरा सुलूक किया गया। यहां तक की उनकी पगड़ी का भी अपमान किया गया। इससे आह होकर मानवदीप व उसके भाई जशनदीप ने ब्यास में छलांग लगा दी। पुलिस ने इस मामले में तीन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया है।
याची ने बताया कि इस मामले की जांच के लिए कपूरथला के एसएसपी की अगुवाई में एसआईटी बनाई गई है लेकिन यह आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रही है। इस मामले में तीनों आरोपी पुलिस अधिकारी हैं।
एसआईटी इस मामले की जांच को लटका रही है। ऐसे में समयबद्ध जांच पूरी करने का निर्देश दिया जाए। हाईकोर्ट ने याचिका का निपटारा करते हुए 31 दिसंबर तक जांच पूरी करने का एसआईटी को आदेश दिया है।