पंजाब में नकल विवाद के बीच 454 फार्मासिस्ट पदों की भर्ती पर रोक, हाई कोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब
पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने बाबा फरीद यूनिवर्सिटी की 454 फार्मासिस्ट भर्ती प्रक्रिया पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है।

पंजाब में फार्मासिस्ट भर्ती पर रोक (हाई कोर्ट फाइल फोटो)
HighLights
हाई कोर्ट ने 454 फार्मासिस्ट पदों की भर्ती पर रोक लगाई।
बाबा फरीद यूनिवर्सिटी की भर्ती प्रक्रिया अगली सुनवाई तक स्थगित।
परीक्षा में नकल और धांधली के आरोपों पर सुनवाई जारी।
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने बाबा फरीद यूनिवर्सिटी आफ हेल्थ साइंसेज की ओर से 454 फार्मासिस्ट (फार्मेसी आफिसर) पदों के लिए जारी भर्ती प्रक्रिया पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है। हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि 11 जून, 2026 को जारी विज्ञापन के तहत फार्मासिस्ट पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया अगली सुनवाई की तारीख तक स्थगित रहेगी।
इस मामले में याचिकाकर्ताओं ने याचिका में 19 जुलाई 2026 को आयोजित लिखित परीक्षा को रद करने की मांग की है। इनका कहना है कि परीक्षा निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न नहीं हुई। परीक्षा के दौरान कथित रूप से अंतरराज्यीय नकल गिरोह की तरफ से नकल करवाने की कोशिश की गई।
सरकार ने मांगा समय
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की तरफ से जवाब दाखिल करने के लिए अदालत से समय मांगा। इसके बाद जस्टिस संदीप मौदगिल ने मामले की सुनवाई 17 सितंबर, 2026 तक स्थगित कर दी।
अदालत ने निर्देश दिया कि यदि कोई जवाब दाखिल किया जाना है तो उसे अगली सुनवाई से कम से कम एक सप्ताह पहले दाखिल किया जाए और उसकी अग्रिम प्रति विपक्षी पक्ष के अधिवक्ता को भी उपलब्ध कराई जाए।
हाई कोर्ट ने साथ ही अंतरिम व्यवस्था के तहत कहा कि 11 जून, 2026 के विज्ञापन के तहत फार्मासिस्ट (फार्मेसी आफिसर) पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया अगली सुनवाई तक स्थगित रहेगी। इस तरह 454 पदों की भर्ती को लेकर फिलहाल नियुक्ति संबंधी कोई आगे की कार्रवाई नहीं हो सकेगी।
