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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 11, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Punjab: I.N.D.I.A. के घटक AAP-कांग्रेस में बढ़ रही खटास, CM मान ने पिछली सरकार के भ्रष्टाचार का उठाया मुद्दा

    By Jagran NewsEdited By: Mohammad Sameer
    Updated: Mon, 11 Sep 2023 07:00 AM (GMT+05:30)

    Punjab News मुख्यमंत्री ने यह मुद्दा तब उठाया जब पंजाब कांग्रेस के विधायक व पूर्व विधायक आप के साथ गठबंधन का विरोध कर रहे है। मुख्यमंत्री भगवंत मान द् ...और पढ़ें

    बसों की बाडी में राजस्थान कनेक्शन जोड़ भगवंत मान ने वड़िंग पर बनाया दबाव (file photo)
    बसों की बाडी में राजस्थान कनेक्शन जोड़ भगवंत मान ने वड़िंग पर बनाया दबाव (file photo)

    HighLights

    1. एक साल बाद बसों की बाडी लगवाने में कथित भ्रष्टाचार का मुद्दा उठा मुख्यमंत्री ने दिए कार्रवाई के संकेत
    2. 842 बसों की बाडी लगाने ठेका दिया गया था राजस्थान की कंपनी को

    कैलाश नाथ, चंडीगढ़ः कांग्रेस और आम आदमी पार्टी भले ही इंडियन नेशनल डेवलपमेंट इंक्लूसिव अलायंस (आईएनडीआईए) का हिस्सा हों लेकिन पंजाब में दोनों दलों के बीच खटास बढ़ती जा रही है। पंजाब कांग्रेस इकाई लोक सभा चुनाव में आप के साथ समझौता नहीं करना चाहती है।

    वहीं, कांग्रेस के प्रदेश प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग पंजाब सरकार के खिलाफ लगातार राज्य स्तरीय धरने लगा रहे है। वहीं, मुख्यमंत्री भगवंत मान भी ड्राइविंग सीट पर नजर आ रहे है। मुख्यमंत्री ने पहले तो कांग्रेस को यह बता दिया कि वह चुनाव लड़ना भी जानते हैं और जीतना भी।

    वहीं, अब मुख्यमंत्री ने पनबस की 842 बसों की बाडी लगाने ठेका राजस्थान की कंपनी को दिए जाने का मुद्दा उठा कर राजा वड़िंग पर दबाव बढ़ा दिया है। क्योंकि यह ठेका तब दिया गया था वड़िंग ट्रांसपोर्ट मंत्री थे।

    आप के साथ गठबंधन का विरोध

    मुख्यमंत्री ने यह मुद्दा तब उठाया जब पंजाब कांग्रेस के विधायक व पूर्व विधायक आप के साथ गठबंधन का विरोध कर रहे है। मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा यह कहा जाना कि इस मामले में वह जल्द ही और खुलासे करेंगे। इस बात के साथ संकेत हैं कि आने वाले समय में राजा वड़िंग की मुश्किलें बढ़ सकती है।

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    बता दें कि आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद परिवहन मंत्री लालजीत भुल्लर ने इस मुद्दे को उठाया था। वड़िंग पर आरोप लगे थे कि जिस कंपनी से पंजाब की बसों की बाडी लगी, उसी कंपनी ने उत्तर प्रदेश की 148 बसों की बाडी लगाई। उत्तर प्रदेश की बसों की लागत लगभग 2 लाख रुपये कम आई।

    इस संबंध में विभाग ने जांच भी करवाई थी। जांच में पाया गया था कि बाडी लगवाने को लेकर नियमानुसार 16 सदस्यीय कमेटी बनी थी। इसी कमेटी ने बाद में बसों की बाडी की गुणवत्ता को जांच कर डिलीवरी ली थी। यही कारण है कि इस मामले को एक साल पहले ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था। लेकिन मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे को पुन: उठा कर कांग्रेसी खेमे में फिर से खलबली पैदा कर दी है।

    क्योंकि कांग्रेस के कार्यकारी प्रधान भारत भूषण आशु पहले ही भ्रष्टाचार के मामले में फंसे हुए है। विजिलेंस के अलावा ईडी भी इस मामले की जांच कर रही है। ऐसे में अगर कांग्रेस के प्रदेश प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग पर भी भ्रष्टाचार के आरोप लगते है तो राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी की छवि खराब होती है। वहीं, राजा वड़िंग ने भी मुख्यमंत्री को चुनौती दी है कि डेढ़ साल से सारी फाइलें उनके पास है।

    मुख्यमंत्री जब चाहे इसकी जांच करवा सकते है। वह इसके लिए तैयार है। राजा वड़िंग का कहना है, बाडी लगवाने के लिए टैंडर प्रक्रिया का पालन किया गया था। टैंडर कोई भी डाल सकता है।

    मुख्यमंत्री केवल राजनीति कर रहे है। अहम बात यह है कि बसों की बाडी लगवाने में राजस्थान का कनेक्शन इसलिए भी चर्चा का केंद्र रहा है क्योंकि कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी भी राजस्थान से है। इसलिए भी राजस्थान की कंपनी को ठेके मिलना राजनीति का कारण बनता रहा है।