यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 25, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Punjab: इंडस्ट्री को प्रोत्साहित करने के लिए नए इंडस्ट्रियल एडवाइजरी कमीशन को मंजूरी, दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल के साथ हुई बैठक
उद्योगों और व्यापार को प्रफुल्ल करने के लिए सरकार ने राज्य में एक इंडस्ट्रियल एडवाइजरी कमीशन को गठित करने को मंजूरी दी है जिसमें 26 तरह के उद्योगों से ...और पढ़ें

इन्द्रप्रीत सिंह, चंडीगढ़। पंजाब में उद्योगों और व्यापार को प्रफुल्ल करने के लिए सरकार ने राज्य में एक इंडस्ट्रियल एडवाइजरी कमीशन को गठित करने को मंजूरी दी है जिसमें 26 तरह के उद्योगों से एक-एक प्रतिनिधि को इसमें शामिल करने का प्रावधान किया गया है।
यह कमीशन पिछले दिनों उद्योगपतियों के साथ अमृतसर, जालंधर, लुधियाना और मोहाली में मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक व दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के साथ हुई बैठक के नतीजे के रूप में स्थापित किया गया है, जिसका मुख्य मकसद राज्य में न केवल उद्योगों को आ रही परेशानियों को सरकार के सामने लाना है बल्कि उनका क्या समाधान हो सकता है उसके बारे में भी सुझाव देना है।
कैबिनेट रैंक की सुविधाएं दी जाएंगी
इस कमीशन का चेयरमैन कोई बड़ी औद्योगिक हस्ती होगी जिसे कैबिनेट रैंक की सुविधाएं दी जाएंगी। आयोग में इन सभी तरह के उद्योगों से उनका एक एक प्रतिनिधि लिया जाएगा जिसे राज्यपाल की ओर से नामांकित किया जाएगा। उद्योग विभाग के प्रमुख सचिव तेजवीर सिंह ने आयोग को गठित करने संबंधी अधिसूचना जारी कर दी है, जिसमें कहा गया है कि यह आयोग राज्य में उद्योगों और व्यापार के माहौल को स्थापित करने में सहयोग करेगा और पंजाब के उद्योगों को कैसे वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धक बनाया जा सकेगा इसके लिए अपने सुझाव देगा।
युवाओं को नौकरी मिल सकेगी
आयोग मुख्य रूप से ऐसे बिंदुओं पर फोकस करेगा, जिससे राज्य के युवाओं को भी नौकरी मिल सके। आयोग का मुख्य काम राज्य में औद्योगिक ग्रोथ को बढ़ाना ताकि नए रोजगार पैदा किए जा सकें जिसमें स्किल्ड लेबर को तैयार करना भी शामिल है। राज्य में व्यापार का सुगमीकरण करना भी आयोग का उद्देश्य होगा। उद्योगों के लिए बिजली की उपलब्धता, इंफ्रास्ट्रक्चर आदि को स्थापित करने के सुझाव देना भी शामिल होगा। आयोग राज्य में नए स्टार्ट अप स्थापित करने और मद्धम दर्जे की इंडस्ट्री जो पंजाब के उद्योगों की रीढ़ है को कैसे प्रमोट किया जा सकता है इस पर काम करेगा।
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इस आयोग में टेक्सटाइल से जुड़ी कॉटन जिनिंग, स्पिनिंग, इंडस्ट्री , मशीन और टूल्स बनाने वाली , खेल का सामान बनाने वाली इंडस्ट्री, कृषि व फूड प्रोसेसिंग व दूध उत्पादों से जुड़ी इंडस्ट्री, शैलर , साइकिल उद्योग, इलेक्ट्रोप्लेटिंग, ई-बाइक और सिलाई मशीन, कृषि मशीनरी, फार्मास्युटिकल, स्टील, ऑटो, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स , सूचना संचार तकनीक से जुड़ी इंडस्ट्री पेपर व पेपर आधारित उत्पाद बनाने वाली इंडस्ट्री, प्लाईवुड व लकड़ी के उत्पाद बनाने वाली, होटल व होस्पिटेलिटी , प्लास्टिक व केमिकल , लॉजिस्टक, कंस्ट्रक्शन मटेरियल , रिटेल व सर्विस इंडस्ट्री, हेल्थकेयर, पर्यटन, मीडिया , प्रिंटिंग एंड पैकेजिंग ,रियल एस्टेट आदि से प्रतिनिधि लिए जाएंगे।
बोर्ड का क्या काम होगा
इंडस्ट्रियल एडवाइजरी कमीशन के गठन के बाद से यह सवाल पैदा हो गया है कि पहले से ही बने हुए इंडस्ट्रियल बोर्ड का क्या काम रह जाएगा। शिरोमणि अकाली भाजपा सरकार के दौरान ऐसे तीन बोर्ड बड़ी, मद्धम और छोटी इंडस्ट्री के लिए बनाए गए थे हालांकि इन सभी बोर्ड में राजनीतिक व्यक्ति ही चेयरमैन लगता है जबकि इस नए आयोग में इंडस्ट्री से जुड़ा व्यक्ति ही चेयरमैन होगा।