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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 14, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Punjab: ग्रामीण विकास विभाग में 121 करोड़ का घोटाला, मंत्री भुल्लर ने किया दावा; विजिलेंस को सौंपी जांच

    By Jagran NewsEdited By: Himani Sharma
    Updated: Sat, 14 Oct 2023 08:35 AM (GMT+05:30)

    पंजाब के ग्रामीण विकास विभाग में 121 करोड़ का घोटाला सामने आया है। यह दावा विभाग के मंत्री लालजीत भुल्लर ने किया है। वहीं घोटाले की आगे की जांच विजिले ...और पढ़ें

    ग्रामीण विकास विभाग में 121 करोड़ का घोटाला
    ग्रामीण विकास विभाग में 121 करोड़ का घोटाला

    HighLights

    1. घोटाले की आगे की जांच विजिलेंस ब्यूरो को सौंपी गई।
    2. बिना मंजूरी से एफडी को तोड़ने का किसी को कोई अधिकार नहीं है।

    राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग में 121 करोड़ का घोटाला हुआ है। यह दावा विभाग के मंत्री लालजीत भुल्लर ने किया है। उन्होंने विभाग के दर्जन के करीब अधिकारियों सहित छह सरपंचों को तुरंत चार्जशीट करने के आदेश दिए हैं। वहीं, घोटाले की आगे की जांच विजिलेंस ब्यूरो को सौंपने के लिए कहा है।

    ज्वाइंट डायरेक्टर स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में बनाई गई जांच टीम

    कैबिनेट मंत्री ने बताया कि ब्लॉक लुधियाना-2 के अधीन गांव सलेमपुर, सेखेवाल, सेलकियाणा, बौंकड़ गुज्जरां, कडियाना खुर्द और धनानसू की सैंकड़ों एकड़ जमीन एक्वायर होने पर इन ग्राम पंचायतों को 252. 94 करोड़ की अवार्ड राशि प्राप्त हुई थी, लेकिन विभाग के कुछ भ्रष्ट अफसरों व कर्मचारियों द्वारा सरपंचों के साथ मिलकर इस राशि में से 120.87 करोड़ निकलवा लिए। मंत्री ने बताया कि इस मामले की जांच के लिए ज्वाइंट डायरेक्टर स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में जांच टीम बनाई गई।

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    जांच में सामने आया कि विभाग के ब्लाक विकास एवं पंचायत अफसरों, पंचायत सचिवों व सरपंचों ने मिलीभगत कर एफडी तोड़कर 120.87 करोड़ की रकम निकलवाई और बिना प्रशासनिक और तकनीकी मंजूरी से खर्च कर दी। जबकि विभाग की पालिसी और हिदायतों अनुसार जब किसी ग्राम पंचायत को उसकी जमीन एक्वायर होने पर अवार्ड राशि प्राप्त होती है तो ऐसी रकम बैंक में एफडी के रूप में जमा करवाई जानी होती है। बिना मंजूरी से ऐसी एफडी को तोड़ने का किसी को कोई अधिकार नहीं है।

    इनके खिलाफ कार्रवाई के आदेश

    ब्लाक विकास एवं पंचायत अफसर रुपिंदरजीत कौर, गुरप्रीत सिंह, गुरप्रीत सिंह मांगट और सिमरत कौर, पंचायत सचिव गुरमेल सिंह (अब सेवामुक्त), हरपाल सिंह रंधावा, बग्गा सिंह, जशनदीप चंदेल, हरपाल सिंह सहजोमाजरा, हरजीत सिंह मल्होत्रा और सरपंच धनानसू सुदागर सिंह, सरपंच सलेमपुर नेहा, सरपंच सेखेवाल अमरीक कौर, सरपंच बौंकड़ गुज्जरां मुखत्यार सिंह, अधिकारित पंच बौंकड़ गुज्जरां गुरचरन सिंह, सरपंच सेलकियाणा हरप्रीत कौर और सरपंच कडिय़ाना खु़र्द राजिंदर कौर को तुरंत चार्जशीट करने के आदेश दिए हैं।

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    यह है मामला

    गांव धनानसू की 299 एकड़ जमीन एक्वायर के बदले पंचायत को 104.54 करोड़ अवॉर्ड राशि के रूप में मिले थे। जिसमें से 61.23 करोड़ बिना मंजूरी के खर्च किए गए। गांव सेखेवाल की एक्वायर की गई 81 एकड़ जमीन के बदले मिली 64.82 करोड़ में से 29.50 करोड़ खर्च किए गए। गांव सलेमपुर की 86 एकड़ ज़मीन के लिए 5.63 करोड़ प्राप्त हुए, जिसमें से 1.53 करोड़ खर्च किए गए। गांव कडियाना खुर्द की एक्वायर की गई 416 एकड़ जमीन के लिए 42.56 करोड़ अवार्ड राशि दी गई।

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    जिसमें से ग्राम पंचायत ने 3.36 करोड़ बिना मंजूरी से खर्च किए, जबकि गांव बौंकड़ गुज्जरां की पंचायत द्वारा गांव की 27 एकड़ जमीन के बदले मिली 31.63 करोड़ अवार्ड राशि में से 25.25 करोड़ निकलवाए। गांव सेलकियाणा को मिली 3.76 करोड़ अवार्ड राशि में से बिना मंजूरी खर्च की राशि संबंधी रिकॉर्ड आना अभी बाकी है। मंत्री ने बताया कि गांव धनानसू की पंचायत में करीब 58 मकान बिना किसी पालिसी व बिना किसी मंजूरी के बना दिए गए और कोई भी रिकार्ड पेश नहीं किया गया।