कंपनियों के सीएसआर फंड पर पंजाब में नई व्यवस्था की तैयारी, मानवाधिकार आयोग ने राज्य प्राधिकरण बनाने को कहा
पंजाब मानवाधिकार आयोग ने सीएसआर फंड के बेहतर इस्तेमाल के लिए राज्य सीएसआर प्राधिकरण बनाने की सिफारिश की है। इससे आपदा राहत और स्थानीय कल्याण को मदद मिलेगी।

ये AI जनरेटेड इमेज है।
HighLights
मानवाधिकार आयोग ने 'स्टेट सीएसआर अथॉरिटी' बनाने की सिफारिश की।
सीएसआर फंड को स्थानीय कल्याण और आपदा राहत से जोड़ा जाएगा।
गुजरात और असम की व्यवस्था का उदाहरण दिया गया।
रोहित कुमार, चंडीगढ़। पंजाब स्टेट एंड चंडीगढ़ (यूटी) ह्यूमन राइट्स कमीशन ने प्रदेश में कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (सीएसआर) फंड के प्रभावी इस्तेमाल के लिए ‘स्टेट सीएसआर अथॉरिटी’ गठित करने की सिफारिश की है। आयोग ने कहा है कि इस व्यवस्था से कंपनियों के सीएसआर फंड को स्थानीय कल्याण और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत कार्यों से व्यवस्थित रूप से जोड़ा जा सकेगा।
आयोग के चेयरपर्सन जस्टिस संत प्रकाश और सदस्य जस्टिस गुरबीर सिंह की अगुवाई में यह सिफारिश पंजाब सरकार को भेजी गई है। आयोग ने पिछले वर्ष पंजाब में आई विनाशकारी बाढ़ के संदर्भ में सीएसआर फंड के इस्तेमाल से जुड़े मामले पर विचार करते हुए कहा कि सीएसआर को अनिवार्यता के बजाय सहयोग और सुविधा के माध्यम के रूप में देखा जाना चाहिए।
यह भी पढ़ें- गुरदासपुर डीसी कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी, ईमेल मिलते ही इमारत करवाया खाली; पुलिस ने की सघन जांच
कंपनियों के लाभ का 2% सामाजिक कार्यों पर
आयोग ने कहा कि कंपनी अधिनियम-2013 की धारा 135 के तहत पात्र कंपनियों को पिछले तीन वित्तीय वर्षों के औसत शुद्ध लाभ का कम से कम दो प्रतिशत सीएसआर गतिविधियों पर खर्च करना होता है। कानून में कंपनियों को अपने संचालन वाले स्थानीय क्षेत्रों को प्राथमिकता देने की बात भी कही गई है। प्राकृतिक आपदा के दौरान राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण गतिविधियां भी सीएसआर के तहत अनुमन्य हैं।
आयोग के मुताबिक पंजाब में बाढ़ और सूखे जैसी प्राकृतिक आपदाओं से जान-माल और संपत्ति को भारी नुकसान हुआ है। सरकार और समाज के विभिन्न वर्गों ने प्रभावित लोगों की मदद की, लेकिन पंजाब में काम कर रही पात्र कंपनियों की अधिक भागीदारी से राहत कार्यों को और मजबूत किया जा सकता है।
यह भी पढ़ें- 1 सितंबर को चंडीगढ़ कूच करेंगे किसान, ट्रैक्टर-ट्रालियों के साथ सेक्टर-25 में लगेगा अनिश्चितकालीन मोर्चा
गुजरात व असम की व्यवस्था का दिया उदाहरण
आयोग ने गुजरात और असम में सीएसआर से संबंधित संस्थागत व्यवस्थाओं का भी उल्लेख किया। आयोग ने सुझाव दिया कि पंजाब में भी इसी तरह की व्यवस्था बनाई जाए।
आयोग ने सरकार से कंपनियों को सीएसआर के तहत स्थानीय जरूरतों पर खर्च के लिए जागरूक करने, सभी पंजीकृत कंपनियों को प्राकृतिक आपदाओं के लिए सीएसआर फंड का एक हिस्सा उपलब्ध कराने की अपील जारी करने और केंद्र सरकार से भी अपने हिस्से की राशि उपलब्ध कराने का अनुरोध करने की सिफारिश की है। आयोग ने अपना आदेश पंजाब के मुख्य सचिव को सूचना और आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दिया है।
