यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 07, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Punjab University Election: छात्रसंघ चुनाव में कन्हैया कुमार और नीरज कुंदन का दिखा असर, इनकी भी थी अहम भूमिका
पंजाब यूनिवर्सिटी में हुए छात्रसंघ चुनाव में प्रेसिडेंट पद के लिए जतिंदर सिंह ने धमाकेदार जीत दर्ज की। कहा जा रहा है कि नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिय ...और पढ़ें

चंडीगढ़, जागरण संवाददाता। पंजाब यूनिवर्सिटी के छात्रसंघ चुनाव (Panjab University Student Union Elections) में नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया (National Student Union of India) के राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय नेताओं के शिरकत करने का सार्थक असर हुआ। इनमें कन्हैया कुमार व नीरज कुंदन (Kanhaiya Kumar and Neeraj Kundan) जैसे प्रमुख नेता शामिल रहे, जिन्होंने चुनावी माहौल में पीयू पहुंचकर एनएसयूआई के पक्ष में माहौल बनाया और छह वर्ष बाद प्रेसिडेंट पद पर जीत मिली।
पिछली बार जश्न कंबोज ने की थी जीत हासिल
स्टूडेंट काउंसिल में प्रधान पद पर वर्ष 2017 के बाद एनएसयूआइ ने कब्जा किया है। पिछली बार प्रधान पद पर जश्न कंबोज ने जीत हासिल की थी। उसके बाद वर्ष 2019 में सचिव पद से एनएसयूआई को संतोष करना पड़ा था। कन्हैया कुमार और कुंदन ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं को तोड़कर एनएसयूआइ ज्वाइन कराई।
एबीवीपी को छोड़कर एनएसयूआइ ज्वाइन करने वाले जतिंदर सिंह को प्रधान पद का चुनाव लड़ाया। कन्हैया कुमार ने शहर में रहकर पीयू और विभिन्न कॉलेजों में छात्र संघ चुनाव के लिए रणनीति तैयार की तो वहीं नीरज कुंदन ने पीयू पहुंचकर प्रचार किया।
इन्होंने भी निभाई अहम भूमिका
कैंपस में प्रचार के लिए चंडीगढ़ युवा कांग्रेस से मनोज लुबाना एनएसयूआइ प्रेसिडेंट सचिन गालव, चंडीगढ़ कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष एचएस लक्की के अलावा पंजाब एनएसयूआइ प्रधान इशरप्रीत सिंह तथा हिमाचल एनएसयूआइ के प्रधान पंकज कुमार ने भी संगठन की जीत में अहम भूमिका निभाई। चुनाव में पीयू पहुंचने वाले नेताओं में युवा कांग्रेस से चंदन राणा, हरियाणा से कांग्रेस के नेता वीरेंद्र ढिल्लों भी शामिल रहे।
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विद्यार्थियों के मुद्दों पर लड़े चुनाव
पीयू प्रधान पद जीत के जश्न में शामिल होने पहुंचे एचएस लक्की ने कहा कि चुनाव विद्यार्थियों के मुद्दों पर लड़ा है। कैंपस में पढ़ने वाली छात्राओं के लिए मासिक धर्म के दौरान दो दिन की छुट्टी की मांग को रखा है जिसे पूरा करवाया जाएगा। वहीं पंजाब एनएसयूआइ प्रधान इशरप्रीत सिंह ने नियमित शिक्षकों की कमी को दूर कराने की बात कही।