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    पंजाब विजिलेंस रिश्वत कांड! बिचौलिये बाप-बेटे को भेजा न्यायिक हिरासत, DGP का रीडर CBI की गिरफ्त से बाहर

    Updated: Fri, 15 May 2026 03:37 PM (IST)

    पंजाब विजिलेंस रिश्वत मामले में बिचौलिये विकास गोयल और उनके बेटे राघव गोयल को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। सीबीआई अभी भी मुख्य आरोपी डीजीपी के ...और पढ़ें

    बिचौलिये बाप-बेटे को तीन दिन का रिमांड खत्म होने के बाद कोर्ट में पेश किया गया था।

    बिचौलिये बाप-बेटे को तीन दिन का रिमांड खत्म होने के बाद कोर्ट में पेश किया गया था।

    HighLights

    1. 20 लाख रुपये रिश्वत मामले में सीबीआई कर रही जांच।

    2. रीडर के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किए जा चुके।

    3. कई बड़े अधिकारियों की भूमिका भी जांच के घेरे में।

    जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। पंजाब विजिलेंस ब्यूरो से जुड़े 20 लाख रुपये रिश्वत मामले में गिरफ्तार बिचौलिये विकास उर्फ विक्की गोयल और उसके बेटे राघव गोयल को शुक्रवार को तीन दिन का रिमांड खत्म होने के बाद सीबीआई की विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

    आरोपित ड्राइवर अंकित वाधवा को पहले ही न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। अब सीबीआई को पंजाब विजिलेंस के डीजीपी के रीडर ओपी राणा की तलाश है, जोकि इस मामले में मुख्यारोपित है।

    पिछली सुनवाई पर सीबीआई ने कोर्ट में बताया था कि ओपी राणा ने शिकायतकर्ता से कहा था कि 13 लाख रुपये साहब तक पहुंचाने हैं, जबकि उसे केवल एक सैमसंग गैलेक्सी जेड फोल्ड-7 मोबाइल फोन चाहिए।

    सीबीआई के अनुसार आरोपितों और ओपी राणा के बीच हुई वाॅट्सएप चैट भी जांच के दौरान सामने आई है। अदालत को बताया कि गिफ्ट के तौर पर मांगे गए मोबाइल फोन के रंग तक की चर्चा हुई थी। जांच एजेंसी ने ओपी राणा के खिलाफ गैर-जमानती वारंट भी जारी करवाए हुए हैं। इस मामले में कई बड़े अधिकारियों की भूमिका भी जांच के घेरे में है।

    यह है मामला

    सीबीआई ने यह मामला पंजाब के श्री मुक्तसर साहिब जिले के मलोट निवासी स्टेट टैक्स ऑफिसर अमित कुमार की शिकायत पर दर्ज किया था। शिकायतकर्ता के अनुसार उसके खिलाफ पंजाब विजिलेंस में आय से अधिक संपत्ति की शिकायत लंबित थी।

    विकास गोयल और उसका बेटा राघव गोयल खुद को पंजाब विजिलेंस के वरिष्ठ अधिकारियों का करीबी बताते थे और दावा कर रहे थे कि वे ऊपर तक पहुंच रखते हैं। उन्होंने शिकायतकर्ता को भरोसा दिलाया कि रिश्वत देकर मामला बंद करवाया जा सकता है।

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    सीबीआई के अनुसार शुरुआत में 20 लाख की मांग की गई थी, लेकिन सौदा 13 लाख नकद और एक महंगे मोबाइल फोन पर तय हुआ।