चंडीगढ़ में 1 से 7 सितंबर तक संयुक्त किसान मोर्चा का धरना, ट्रैफिक डायवर्जन लागू; क्या हैं प्रमुख मांगें?
चंडीगढ़ में 1 से 7 सितंबर तक संयुक्त किसान मोर्चा का सात दिवसीय धरना शुरू हो रहा है, जिससे ट्रैक्टर-ट्रालियों की आमद के कारण यातायात में बदलाव किया गया है।

कल से चंडीगढ़ में किसानों का सात दिवसीय डेरा (फाइल फोटो)
HighLights
चंडीगढ़ में 1 से 7 सितंबर तक किसानों का धरना।
ट्रैक्टर-ट्रालियों के कारण शहर में यातायात मार्ग बदले।
किसानों की प्रमुख मांगों में एमएसपी और कर्जमाफी शामिल।
रोहित कुमार, चंडीगढ़। संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) की ओर से चंडीगढ़ में 1 से सात सितंबर तक दिए जा रहे सात दिवसीय धरने को लेकर प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। किसानों के बड़ी संख्या में ट्रैक्टर-ट्रालियों के साथ चंडीगढ़ पहुंचने की संभावना को देखते हुए शहर और मोहाली में यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे धरने के दौरान प्रभावित मार्गों से बचें और आवागमन के लिए वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करें। धरने को लेकर सोमवार से ही विशेष यातायात व्यवस्था लागू कर दी गई है।
फैयदां बैरियर से चंडीगढ़ की ओर आने वाले पूर्व मार्ग के हिस्से पर वाहनों का रूट डायवर्ट किया गया है। इसी तरह सेक्टर-48 लाइट प्वाइंट से सेक्टर-48-49 की आंतरिक सड़क तथा सेक्टर-49/50 से चंडीगढ़ की ओर जाने वाले मार्ग पर भी आवाजाही प्रतिबंधित की गई है। पुलिस की ओर से लोगों को यातायात संबंधी ताजा जानकारी पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
सेक्टर 48-49 में किसानों के लिए जगह
किसान नेता परमदीप बैदवान के अनुसार चंडीगढ़ प्रशासन ने एसकेएम के धरने के लिए सेक्टर-48 और 49 में जगह उपलब्ध कराई है। वहीं मोहाली प्रशासन की ओर से बेस्टेक माल तक सड़क की एक साइड और फेज-11 से आने वाले मार्ग की एक साइड ट्रैक्टर-ट्रालियों के लिए उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया है। किसान संगठनों ने भी यातायात व्यवस्था बाधित न होने देने के लिए प्रशासन के साथ सहयोग का भरोसा दिया है।
सैकड़ों ट्रैक्टर-ट्रालियां पहुंचने की तैयारी
भारतीय किसान यूनियन राजेवाल के जिला प्रधान कृपाल सिंह सियाऊ ने बताया कि मोहाली जिले से सैकड़ों ट्रैक्टर-ट्रालियां किसानों के धरने में शामिल होंगी। किसानों के लिए लंगर की व्यवस्था भी की जा रही है। धरने के दौरान पानी, शौचालय, सफाई, पार्किंग और परिवहन जैसी सुविधाओं को लेकर प्रशासन और किसान संगठनों के बीच बैठक भी हो चुकी है।
किसानों की प्रमुख मांगें
एसकेएम की ओर से नदी जल विवाद को रिपेरियन सिद्धांत के आधार पर हल करने, पुनर्गठन अधिनियम 1966 की धारा 78, 79 और 80 को खत्म करने, किसानों व खेत मजदूरों का पूर्ण कर्ज माफ करने और अमेरिका के साथ प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते का विरोध किया जा रहा है।
इसके अलावा गेहूं और धान को छोड़कर सभी कृषि उपज के लिए सी-2 प्लस 50 प्रतिशत के आधार पर न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करने, बांध सुरक्षा अधिनियम, बिजली संशोधन अधिनियम और बीज विधेयक को रद करने तथा किसानों और मजदूरों को 10 हजार रुपये मासिक सामाजिक सुरक्षा भत्ता देने की मांग भी प्रमुख है।
पंजाब की किसान मज़दूर संघर्ष कमेटी के सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि किसान मज़दूर मोर्चा, पंजाब चैप्टर की ओर से पूरे पंजाब के सभी ज़िला उपायुक्त (डीसी) कार्यालयों के सामने एक दिन के धरने दिए जा रहे हैं।
सभी स्थानों पर प्रेस से अनुरोध है कि इन धरनों को कवर किया जाए। मैं स्वयं अमृतसर में रहूंगा। अमृतसर में बहुत बड़ा और विशाल एकत्रीकरण होगा। अमृतसर की प्रेस से विशेष अनुरोध है कि कृपया दोपहर 12 बजकर 30 मिनट पर होने वाले इस बड़े एकत्रीकरण को कवर करने के लिए पहुंचें।
प्रेस के साथी अपनी सुविधा के अनुसार जब भी चाहें, वहां आ सकते हैं। मैं स्वयं वहाँ जल्दी पहुंच जाऊंगा। कृपया आज पूरे पंजाब के सभी डीसी कार्यालयों के सामने होने वाले हमारे धरनों को कवर करने के लिए समस्त प्रेस हमें अपना समय दे।
