पंजाब से शिवसेना हिंदुस्तान ने निकाला त्रिशूल मार्च, चंडीगढ़ पुलिस ने बैरिकेडिंग कर बॉर्डर पर रोका
शिवसेना हिंदुस्तान ने मोहाली से चंडीगढ़ तक त्रिशूल मार्च निकाला, जिसे चंडीगढ़ पुलिस ने सीमा पर रोक दिया। संगठन ने 11 सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री आवास पर ज्ञापन सौंपा।

शिवसेना हिंदुस्तान के कार्यकताओं को मोहाली-चंडीगढ़ बॉर्डर पर बैरिकेडिंग कर पुलिस ने रोका।
HighLights
मोहाली-चंडीगढ़ सीमा पर तैनात रहा भारी पुलिस बल।
संगठन के वरिष्ठ नेताओं को बसों से सीएम आवास पहुंचाया।
आतंकवाद पीड़ितों के न्याय के लिए 11 सूत्रीय मांगें रखीं।
संवाद सहयोगी, मोहाली। शिवसेना हिंदुस्तान ने रविवार को मोहाली से पंजाब स्तरीय त्रिशूल मार्च निकाला। इसमें राज्य के विभिन्न जिलों के साथ-साथ हरियाणा और चंडीगढ़ से पहुंचे कार्यकर्ताओं, हिंदू संगठनों के प्रतिनिधियों और शिवसेना हिंदुस्तान के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। फेज-6 गायत्री माता मंदिर के पास मार्च से पहले लोगों को संबोधित किया गया।
मार्च का मुख्य उद्देश्य पंजाब आतंकवाद के दौरान प्रभावित हुए हिंदू परिवारों को इंसाफ दिलाने और सरकार से मंजूर किए गए 781 करोड़ रुपये के मुआवजे को पीड़ित परिवारों तक पहुंचाने सहित संगठन की 11 सूत्रीय मांगों को सरकार तक पहुंचाना था।
शिवसेना हिंदुस्तान ने मोहाली से चंडीगढ़ स्थित मुख्यमंत्री आवास तक शांतिपूर्ण त्रिशूल मार्च निकालने का आह्वान किया था। मोहाली से काफिला चंडीगढ़ की तरफ बढ़ा।
मोहाली पुलिस ने काफिले को आगे बढ़ने दिया, लेकिन मोहाली-चंडीगढ़ सीमा पर चंडीगढ़ पुलिस ने भारी पुलिस बल और बैरिकेडिंग लगाकर मार्च को रोक दिया। इसके बाद संगठन के दर्जनों वरिष्ठ नेताओं को बसों के माध्यम से मुख्यमंत्री आवास ले जाया गया, जहां प्रतिनिधिमंडल ने सरकार को 11 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा।
सरकार ने प्रतिनिधिमंडल को मांगों पर जल्द विचार कर निर्णय लेने का आश्वासन दिया। सीएम हाउस से लौटने के बाद शिवसेना हिंदुस्तान के राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन गुप्ता ने कहा कि शिवसेना हिंदुस्तान का त्रिशूल मार्च पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा।
संगठन का उद्देश्य अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाना था। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर गंभीरता से कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हिंदुओं के हित और आतंकवाद पीड़ित परिवारों के इंसाफ के लिए शिवसेना हिंदुस्तान अपनी पूरी ताकत के साथ संघर्ष करती रहेगी।
